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तीसरी बार NSA की कमान संभालेंगे डोभाल, पीके मिश्रा बने रहेंगे PM के प्रधान सचिव

अजित डोभाल और पीके मिश्रा ये दोनों ही सेवानिवृत्त नौकरशाह किसी भी प्रधानमंत्री के सबसे लंबे समय तक प्रमुख सलाहकार रहने वाले नौकरशाह बन गए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में भी कई पुराने साथियों को फिर से उनके साथ काम करने का मौका मिला है. इनमें अब अजीत डोभाल और पीके मिश्रा का भी नाम शामिल हो गया है, जिन्हें मोदी 3.0 सरकार में एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है. 
इसे लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार की ओर से एक नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है. 

मोदी की उम्मीदों पर खरे उतरे डोभाल और मिश्रा
नोटिफिकेशन के अनुसार अजीत डोभाल को तीसरी बार एनएसए और डॉ पीके मिश्रा को फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है. 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी अजीत डोभाल हर बार पीएम मोदी की उम्मीदों पर खरे उतरे हैं. डोभाल एक जाने-माने आतंकवाद विरोधी एक्सपर्ट और परमाणु मुद्दों के विशेषज्ञ हैं. वहीं, डॉ. पीके मिश्रा 1972 बैच के रिटायर अधिकारी हैं, जो भारत सरकार के कृषि सचिव के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद पिछले एक दशक से पीएम मोदी के साथ काम कर रहे हैं. इनके अलावा अमित खरे और तरूण कपूर को 10.06.2024 से 2 साल की अवधि के लिए या अगले आदेश तक भारत सरकार के सचिव के पद और पैमाने पर PM ऑफिस में प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है.

क्या है राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की जिम्मेदारी?
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का वरिष्ठ अधिकारी होता है. इनकी नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) द्वारा की जाती है, जिसकी अध्यक्षता भारत के प्रधानमंत्री करते हैं. यह राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और रणनीतिक मामलों पर भारत के प्रधानमंत्री के मुख्य सलाहकार होते हैं, जो भारत के आंतरिक और बाहरी खतरों और अवसरों से संबंधित सभी मामलों पर नियमित रूप से प्रधानमंत्री को सलाह देने का काम करते हैं. इनके कार्य पोर्टफोलियो में प्रधानमंत्री की ओर से रणनीतिक और संवेदनशील मुद्दों की देखरेख करना शामिल है. साथ ही चीन के साथ प्रधानमंत्री के विशेष वार्ताकार और सुरक्षा मामलों पर पाकिस्तान और इजराइल के दूत के रूप में भी कार्य करता है. भारत सरकार ने 2019 में एनएसए अजित डोभाल को एनएसए बनाने के साथ ही कैबिनेट रैंक दिया था. 

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कब हुई एनएसए की स्थापना?
भारत में एनएसए पद की स्थापना 1998 में की गई थी. इसके बाद से नियुक्त सभी एनएसए भारतीय विदेश सेवा या भारतीय पुलिस सेवा से संबंधित हैं. अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान ब्रजेश मिश्रा पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे. वे 22 मई 2004 तक इस पद पर रहे. वहीं, मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में आईएफएस अधिकारी जेएन दीक्षित को यह जिम्मेदारी सौंपी गई. इसके बाद 3 जनवरी 2005 से 23 जनवरी 2010 तक आईपीएस एमके नारायणन इस पद पर रहे. उनके बाद 24 जनवरी 2010 से 28 मई 2014 तक आईएफएस शिवशंकर मेनन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे. साल 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अजित डोभाल को इस पद पर नियुक्त किया गया.
 


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