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अरविंद केजरीवाल को कोर्ट से बड़ी राहत, आबकारी नीति मामले में आरोप खारिज
फैसले के बाद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला उनकी पार्टी को कमजोर करने के उद्देश्य से गढ़ा गया था. उन्होंने केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर भी गंभीर आरोप लगाए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित आबकारी नीति घोटाले में बड़ी राहत मिली है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार करते हुए केजरीवाल समेत अन्य आरोपियों को बरी कर दिया. अदालत के फैसले के बाद एक बार फिर उनकी व्यक्तिगत संपत्ति और आय के स्रोत को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
कोर्ट से मिली राहत, राजनीतिक माहौल गरम
कथित शराब नीति मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा दायर आरोपपत्र पर अदालत ने संज्ञान नहीं लिया. इसके साथ ही इस प्रकरण में केजरीवाल और अन्य नेताओं को राहत मिल गई. इस फैसले को आम आदमी पार्टी ने राजनीतिक साजिश पर करारा जवाब बताया है. फैसले के बाद केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि यह पूरा मामला उनकी पार्टी को कमजोर करने के उद्देश्य से गढ़ा गया था. उन्होंने केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर भी गंभीर आरोप लगाए.
चुनावी हार के बाद बढ़ी थी मुश्किलें
साल 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में Arvind Kejriwal को नई दिल्ली सीट से हार का सामना करना पड़ा था. भारतीय जनता पार्टी के नेता Parvesh Verma ने उन्हें चुनाव में पराजित किया था. चुनावी हलफनामे में केजरीवाल ने अपनी संपत्ति का विस्तृत ब्यौरा दिया था, जिसके आधार पर उनकी कुल नेटवर्थ करोड़ों रुपये में आंकी गई.
कितनी है कुल नेटवर्थ?
चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे के अनुसार, अरविंद केजरीवाल की कुल संपत्ति लगभग 4.24 करोड़ रुपये है.
1. उनके पास करीब 50 हजार रुपये नकद बताए गए थे.
2. बैंक खातों में लगभग 3 लाख रुपये जमा हैं.
3. उन पर किसी भी प्रकार का कर्ज या देनदारी नहीं है.
4. उन्होंने किसी बॉन्ड, शेयर या म्यूचुअल फंड में निवेश नहीं किया है.
5. उनके नाम कोई बीमा पॉलिसी भी दर्ज नहीं है.
प्रॉपर्टी का ब्यौरा
हलफनामे के अनुसार केजरीवाल के पास न तो कोई निजी वाहन है और न ही सोने-चांदी के आभूषण. उनकी चल संपत्ति सीमित दायरे में ही है, जिससे उनकी सादगीपूर्ण जीवनशैली की छवि को बल मिलता है. अरविंद केजरीवाल के पास कृषि भूमि नहीं है. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में उनके नाम एक आवासीय संपत्ति दर्ज है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.70 करोड़ रुपये बताई गई है. इसके अलावा उनके नाम कोई अन्य रिहायशी या व्यावसायिक भवन नहीं है. उन्होंने अपनी आय का प्रमुख स्रोत विधायक के रूप में मिलने वाला वेतन बताया है.
आगे की राजनीति पर नजर
कोर्ट से राहत मिलने के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं. आगामी चुनावी रणनीति और पार्टी की दिशा को लेकर आम आदमी पार्टी की भूमिका पर सबकी नजर बनी हुई है. फिलहाल, अदालत के फैसले ने केजरीवाल को कानूनी राहत जरूर दी है, लेकिन राजनीतिक चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं.
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