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ED के बाद अब भूपेश बघेल के घर CBI की रेड, जानिए कितने दौलतमंद हैं छत्तीसगढ़ के ये पूर्व CM?
भूपेश बघेल के खिलाफ सीबीआई की छापेमारी महादेव बैटिंग ऐप मामले में की गई है, जबकि ईडी ने पहले शराब घोटाले में उनकी संपत्तियों पर छापेमारी की थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आज छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ठिकानों पर छापा मारा. यह कार्रवाई महादेव बैटिंग ऐप मामले में की गई है. इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी बघेल के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जो कथित शराब घोटाले से जुड़ा हुआ था. इस समय, सीबीआई ने रायपुर और भिलाई में उनके तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. आइए जानते हैं कि ये पूरा मामला क्या है और भूपेश बघेल के पास कुल संपत्ति कितनी है?
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीबीआई की टीमों ने रायपुर और भिलाई में बघेल के आवास के साथ-साथ कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री के एक करीबी सहयोगी के आवासीय परिसरों पर भी छापे मारे. सीबीआई ने छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से जांच का जिम्मा संभाला है. इससे पहले छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कांग्रेस नेता बघेल, ऐप के प्रमोटरों रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर, शुभम सोनी और अनिल कुमार अग्रवाल और 14 अन्य को अपनी FIR में नामजद किया था.
FIR “राजनीति से प्रेरित”- बघेल
बघेल ने ईओडब्ल्यू की FIR को “राजनीति से प्रेरित” करार दिया था. मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान छत्तीसगढ़ के कई शीर्ष राजनेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता का पता चला है. ईडी का दावा है कि यह ऐप एक व्यापक सिंडिकेट है, जो अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों के लिए उपयोगकर्ताओं की आईडी बनाने और ‘बेनामी’ बैंक खातों के माध्यम से धन शोधन के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों की व्यवस्था करता है. ईडी ने पहले कहा था कि कथित घोटाले की अनुमानित राशि लगभग 6,000 करोड़ रुपये है.
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक्स (X) हैंडल पर उनके ऑफिस के हवाले से ट्वीट करते हुए लिखा गया, ‘अब CBI आई है. आगामी 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित “ड्राफ्टिंग कमेटी” की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है. उससे पूर्व ही CBI रायपुर और भिलाई निवास पहुंच चुकी है.’
कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना
वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, ”जब से भूपेश बघेल जी पंजाब के प्रभारी बने हैं भारतीय जनता पार्टी डर गई है. पहले उनके घर पर पहले ईडी भेजा गया आज उनके निवास पर सीबीआई आई है. यह भारतीय जनता पार्टी का डर दिखाता है. भारतीय जनता पार्टी राजनीति के माध्यम से मुकाबला नहीं कर पाती है तब केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से डराने का काम करती है. इससे न भूपेश बघेल जी और न ही कांग्रेस पार्टी डरने वाली है. भाजपा की इन दमनकारी नीतियों को प्रदेश और देश की जनता अच्छे से समझ रही है.”
किसान परिवार से आते हैं बघेल
भूपेश बघेल दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा के कुरूदडीह गांव के रहने वाले हैं और उनका परिवार मूल रूप से किसान है. गांव में उनके पास लगभग 140 एकड़ जमीन है, जिस पर खेती होती है. खेती उनके लिए एक महत्वपूर्ण आय का स्रोत है, और हर सीजन में लाखों से करोड़ों रुपये की कमाई होती है. कहा जाता है कि भूपेश बघेल जब छोटे थे, तो उन्होंने अपने पिता नंदकुमार बघेल के साथ खेती की जिम्मेदारी संभाली थी, और अब भी राजनीति के अलावा उनकी दिलचस्पी खेती में बनी हुई है.
भूपेश बघेल की संपत्ति
भूपेश बघेल द्वारा दाखिल पिछले साल के चुनावी हलफनामे के अनुसार कुल मिलाकर करीब 34 करोड़ 39 लाख रुपये की चल और अचल संपत्ति है, जैसा कि उन्होंने बताया था. इसके अलावा, उनके पास बैंक खातों में 1,30,56,420 रुपये जमा हैं, जबकि उनकी पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल के पास 2,79,62,656 रुपये बैंक में जमा हैं. भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल भी एक रियल एस्टेट व्यवसायी हैं, जो लग्जरी अपार्टमेंट्स बनाते और बेचते हैं. चैतन्य बघेल की पत्नी भी बैंक में काम कर चुकी हैं, हालांकि शादी के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी. भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, जो रियल एस्टेट से जुड़े हुए हैं और करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक हैं.
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