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SBI MF का नया मोमेंटम ETF: मिडकैप के 50 हाई-ग्रोथ शेयरों में निवेश का मौका
फंड हाउस के अनुसार, इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य है कि यह अंडरलाइंग इंडेक्स में शामिल स्टॉक्स के कुल रिटर्न के जितना संभव हो सके उतना करीब रिटर्न दे. हालांकि, इसमें ट्रैकिंग एरर हो सकता है और यह गारंटी नहीं दी जा सकती कि स्कीम अपने निवेश लक्ष्य को पूरा करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
एसबीआई म्युचुअल फंड (SBI MF) ने निवेशकों के लिए नया मौका पेश किया है. कंपनी का नया ETF, SBI Nifty Midcap150 Momentum 50, मंगलवार (17 फरवरी) से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया. यह फंड मिडकैप कैटेगरी के हाई मोमेंटम वाले 50 स्टॉक्स में निवेश करने का अवसर देता है. ETF का लक्ष्य है Nifty Midcap 150 Momentum 50 Index को ट्रैक करना और निवेशकों को पारदर्शी और अनुशासित तरीके से मिडकैप सेक्टर में हिस्सेदारी दिलाना. NFO 24 फरवरी 2026 तक खुला रहेगा.
न्यूनतम निवेश और SIP विकल्प
एसबीआई म्युचुअल फंड ने बताया कि NFO के दौरान न्यूनतम आवेदन राशि 5,000 रुपये है. इसके बाद निवेशक 1 रुपये के मल्टीपल में अतिरिक्त निवेश कर सकते हैं. नियमित निवेश के लिए भी विकल्प मौजूद हैं. निवेशक इस ETF में डेली, वीकली, मंथली, क्वार्टरली, हाफ-ईयरली और एनुअल SIP के जरिए पैसा लगा सकते हैं. ETF के फंड मैनेजर विरल छडवा हैं, जो कंपनी की कई पैसिव स्कीम्स का भी प्रबंधन कर रहे हैं.
निवेश का उद्देश्य क्या है?
फंड हाउस के अनुसार, इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य है कि यह अंडरलाइंग इंडेक्स में शामिल स्टॉक्स के कुल रिटर्न के जितना संभव हो सके उतना करीब रिटर्न दे. हालांकि, इसमें ट्रैकिंग एरर हो सकता है और यह गारंटी नहीं दी जा सकती कि स्कीम अपने निवेश लक्ष्य को पूरा करेगी.
एसबीआई फंड्स के एमडी एंड सीईओ नंद किशोर कहते हैं, "हम ऐसे पैसिव इन्वेस्टमेंट समाधान तैयार करते हैं जो निवेशकों की बदलती जरूरतों को पूरा करें. SBI Nifty Midcap150 Momentum 50 ETF मिडकैप सेक्टर में मोमेंटम-ड्रिवन अवसरों तक पहुंच देता है और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन में मदद करता है."
ETF का निवेश पैटर्न
फंड हाउस के मुताबिक, यह ETF अपनी कुल वेल्थ का 95% से 100% तक Nifty Midcap 150 Momentum 50 Index में शामिल स्टॉक्स में निवेश करेगा. शेष 5% तक यह सरकारी सिक्योरिटीज (G-Secs, SDLs, ट्रेजरी बिल), ट्राईपार्टी रेपो और लिक्विड म्यूचुअल फंड की यूनिट्स में रखा जा सकता है.
मोमेंटम स्ट्रैटेजी कैसे काम करती है?
ETF अपने पैरेंट इंडेक्स Nifty Midcap 150 में से 50 हाई मोमेंटम स्टॉक्स में निवेश करता है. इन स्टॉक्स का चयन नॉर्मलाइज्ड मोमेंटम स्कोर के आधार पर होता है, जो प्रत्येक कंपनी के 6 और 12 महीने के प्राइस रिटर्न को वोलैटिलिटी के हिसाब से एडजस्ट करके तय किया जाता है. स्टॉक्स का वेटेज उनके मोमेंटम स्कोर और फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के अनुसार निर्धारित किया जाता है.
एसबीआई फंड्स के डिप्टी एमडी और जॉइंट सीईओ डी पी सिंह बताते हैं, "मोमेंटम स्ट्रैटेजी का मकसद ऐसे स्टॉक्स को पहचानना है जिनका प्रदर्शन लगातार बेहतर रहता है. यह ETF निवेशकों को इस स्टाइल की इन्वेस्टिंग तक पहुंच का एक और विकल्प देता है और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन में मदद करता है."
(डिस्क्लेमर: म्युचुअल फंड बाजार जोखिमों के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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