कुछ गाड़ियों के रास्ते भी बदले गए हैं, जबकि कुछ ट्रेनों की रि-शेडयूल की गई है। रेलवे के अनुसार इन्हें अगले 12 दिनों तक न चलाने का निर्णय किया गया है.
कोरोना महामारी के समय मार्च 2020 में शुरू किए गए पीएम केयर्स फंड में बुधवार को कुछ नए सदस्य ट्रस्टी के तौर पर शामिल किए हैं.
आपको बता दें कि कर्मचारी इन छुट्टियों के दौरान अपने परिवार को पूरा समय दे सकते हैं. उनके साथ कहीं भी घूमने जा सकते हैं.
मौजूदा समय में देश टेलीकॉम को लेकर अंग्रेजों के जमाने का कानून टेलीग्राफ एक्ट चला आ रहा है, अब मंत्रालय नए लीगल फ्रेमवर्क पर काम कर रहा है. जिस पर नियम तय करने के लिए आम आदमी की राय मांगी है.
देश में कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जिनको सक्सेसफुल बिजनेस वुमेन का खिताब मिल चुका है. ये महिलाएं ऐसे मुकाम पर पहुंच चुकी हैं कि वो दूसरों के लिए रोल मॉडल बन गई हैं.
दावा किया जा रहा था कि इस सेल में iPhone 13 पर अब तक की सबसे बड़ी छूट दी जाएगी. क्या ये दावा सही साबित हुआ? आइए, जानते हैं...
किसी भी तरह की दरें अब बैंक रेट से लिंक नहीं हैं. उसके घटने या बढ़ने का कोई असर ब्याज दरों पर नहीं पड़ता है. सारी दरें अब रेपो रेट से लिंक्ड हैं,
फिलहाल इस रजिस्ट्री में 89 देशों में 50,000 से ज्यादा क्षेत्रों का डेटा लिया गया है, जो वैश्विक उत्पादन का 75% है.
अब देश हाई फ्रीक्वेंसी वाले सोलर पीवी मॉड्यूल में भी आत्मनिर्भर बनेगा, इसके लिए PLI स्कीम का ऐलान किया गया है. क्या है ये स्कीम और कैसे घरेलू उद्योगों को इसका फायदा मिलेगा, देखिए
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने इस साल अबतक 5 बार ब्याज दरों में इजाफा किया है, ऐसा आक्रामक रुख अमेरिका को मंदी में धकेल सकता है, इस बात को फेड भी मान रहा है.
फेडरल रिजर्व ने लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में इजाफा किया है, दुनिया भर के बाजार इस बढ़ोतरी से डरे हैं. भारतीय बाजारों पर आज इसका रिएक्शन दिखेगा
पिछले कुछ समय में हमारे सामने ऐसी स्टडी निकलकर सामने आई हैं कि जो बताती हैं कि अब रूरल एरिया में रहने वाले लोगों ने डिमेट के जरिए मार्केट में आना शुरू किया है जो बाजार के लिए एक अच्छा सेंटीमेंट है.
आज के दौर में कर्मचारियों की महत्वकांक्षाए काफी बढ़ गई हैं, ऐसे में कंपनियों को अपनी एचआर पॉलिसी में बदलाव लाने पड़ रहे हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, अडानी की संपत्ति में पिछले साल से प्रतिदिन 1,600 करोड़ रुपये जुड़ रहे थे, जिसके कारण वे इस लिस्ट में टॉप पर पहुंचे हैं.
हामारी के दो साल बीत जाने के बाद बहुत सारे बदलाव दुनिया ने देख लिए है. इसमें से पहला है कि महामारी के बाद हमने वर्कप्लेस में काम करने के तरीकों में काफी बदलाव देखा है.
इससे पहले UPI नेटवर्क से सिर्फ डेबिट कार्ड और बैंक अकाउंट ही लिंक होता था. इस नेटवर्क से क्रेडिट कार्ड को लिंक नहीं किया जा सकता था.
हैप्पीनेस एक कांसेप्ट है, जिसे सबको सेलीब्रेट करना चाहिए. यह सेलीब्रेशन वर्कप्लेस पर भी होना चाहिए, क्योंकि अब इस समिट के बाद यह एक मूवमेंट बन जाएगा.
किसी भी ऑर्गेनाइजेशन को हमेशा यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि उनका सबसे पहला कस्टमर उनका एम्प्लॉई है.
अक्सर युवा हाई होप लेकर आते हैं और जब सबकुछ उनकी उम्मीदों के अनुरूप नहीं होता, तो तनाव में घिर जाते हैं.
वर्क-लाइफ बैलेंस को रिस्ट्रक्चर करना आज के दौर में बहुत जरूरी है. भागदौड़ भरी इस जिंदगी में सबसे ज्यादा लोगों को इसी बात की दिक्कत होती है कि वो काम के चलते अपने परिवार को समय नहीं दे पाते हैं.