जूरी ने कहा कि अर्थव्यवस्था में बैंकों की भूमिका की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए, लोगों की सोच में सुधार करने के लिए इस बार ये सम्मान दिया गया.
टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई योजना के अंतर्गत हवाई अड्डा प्राधिकरण हांगकांग ने 5 लाख मुफ्त हवाई टिकट देने का फैसला किया है.
बीते कुछ समय से कॉर्पोरेट सेक्टर अपने कर्मचारियों की मेंटल हेल्थ पर काफी ध्यान देने लगा है, जो पॉजिटिव साइन हैं.
दूसरी तरफ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि नकदी की कमी के कारण ही सरकार ने देश को कैशलेस इकोनॉमी की तरफ तेजी से बढ़ाना शुरू किया है.
नेताजी की शख्सियत बहुत ही सरल और सहज थी. वह अपने विरोधियों का भी कष्ट नहीं देख पाते थे. उन्हें एक वाक्य में परिभाषित करना बेहद मुश्किल है.
जिससे नेताजी दो-तीन बार मिल लिए और अगर कभी वो कहीं फंस गया तो उसकी सहायता पक्की.
अब सवाल ये है कि रेखा ना तो कोई फिल्म करती हैं, ना ही किसी ऐड में नजर आती हैं और ना ही उनका कोई बिजनेस है तो भला वे आज भी इतनी लग्जरी लाइफ कैसे जीती हैं?
मुलायम सिंह के कई साथियों ने उनका साथ केवल इसलिए छोड़ा, क्योंकि वह उनके हित नहीं साध रहे थे. वह हमेशा शांत मन से फैसले लिया करते थे .
भारत और चीन के बीच व्यापारिक फ्रंट पर भारत और चीन के बीच बड़ी साझेदारी है. 2020 में व्यापार अरब डॉलर था जबकि 2021 में आंकड़ा 115 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.
आसान शब्दों में कहें तो एंकर निवेशक आम निवेशकों और IPO लाने वाली कंपनी के बीच एक पुल का काम करते हैं.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव अब हमारे बीच नहीं हैं. वह अपने पीछे करोड़ों की संपत्ति छोड़ गए हैं.
दरअसल मुलायम सिंह यादव 11 वीं लोकसभा का चुनाव अपने किले यानी मैनपुरी से जीतकर आए थे. केन्द्र में संयुक्त मोर्चा की सरकार बनी तो उन्हें देश का रक्षा मंत्री बनाया गया.
उनके रक्षा मंत्री बनने का सफर भी काफी दिलचस्प रहा है. 90 के दशक के दौरान उत्तर प्रदेश की सत्ता से हटने के बाद मुलायम सिंह के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की बातें कही जाने लगीं
एक रिटेल निवेशक 13 लॉट के लिए अप्लाई कर सकता है, यानी 2405 शेयरों के लिए, जिसकी कीमत 1,92,400 रुपये होगी.
बेरोजगारी के अच्छे आंकड़ों के बावजूद अमेरिकी बाजारों में डर का माहौल है, यही डर दुनिया भर के बाजारों में फैला है.
वैसे तो शेयर बाजार के बारे में सटीक तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता. लेकिन यदि इतिहास पर नज़र डाली जाए तो अक्टूबर अपेक्षाकृत अच्छा ही रहा है.
कच्चे माल की कीमत में कमी का फायदा कुछ कंपनियों ने उपभोक्ताओं को पहुंचाते हुए साबुन के दामों में कटौती कर दी है.
चेक बाउंस के बढ़ते मामलों को देखते हुए मंत्रालय ने हाल में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी, जिसमें इस तरह के कई सुझाव प्राप्त हुए हैं.
हालांकि बारिश के लेट तक चलने की वजह से खरीफ सीजन में दालों की फसल पर भी असर पड़ा है.
अमेरिका ने अपने नागरिकों के भारत दौरे को लेकर के एक बार फिर से एडवायजरी जारी की है.