वर्ष 2022 को लेकर हर विशेषज्ञ की अपनी-अपनी राय है. कुछ मानते हैं कि ये साल किसी सेक्टर के लिए अच्छा रहा तो कुछ मानते हैं कि डिजिटल की दुनिया के लिए बेहतर रहा.
SIDBI की ओर से असिस्टेंट मैनेजर ग्रेड “A” के 100 पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं. इन पदों पर आवेदन करने की तारीख 14 दिसंबर से शुरू हो चुकी है. इसकी अंतिम तारीख 3 जनवरी 2023 तक है.
2023 के लिए IMF की डिप्टी डायरेक्टर ने जो अनुमान लगाया है वो डराने वाला है.
इस कार को भारत की अब तक की सबसे महंगी कार बताया जा रहा है. कंपनी ने अपना पहला शोरूम इनफिनिटी कार के साथ खोला है. ये शोरूम कंपनी ने मुंबई में खोला है.
हालांकि एयरलाइंस अभी भी यात्रियों को 3 घंटे पहले आकर चेक-इन करने के लिए कह रही हैं.
सह-संस्थापक स्टार्टअप्स शब्द से अनभिज्ञ थे जब उन्होंने अपने चार दशक पहले उद्यमशीलता की यात्रा को शुरू किया था.
जबकि धान की महंगाई दर पर नजर डालें तो जून में यह 2.35% थी, जुलाई में 3.5% हो गई, अगस्त में 4%, सितंबर में 5.5%, अक्टूबर में 6.34% और अब नवंबर में यह मामूली कम होकर 6.45% तक आ गई है.
राकेश स्वामी, जिन्हें कंपनी की कमान मिली है उनके पास 22 सालों का अनुभव है. कंपनी ने उन्हें सिर्फ प्रेसीडेंट नहीं बनाया है बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण पदों की भी जिम्मेदारी दी है.
भारतीय उद्योग के अधिकारियों ने कहा कि भारत ने भारत ने पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्राइस कैप को अपना समर्थन नहीं दिया है.
जानकारों का कहना है कि विज्ञापनों को लेकर ये ट्रेंड पहले भी देखने को मिला है. इससे पहले 2020, 2021, और अब 2022 में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है.
पिछले साल आईपीओ के लॉन्च होने के बाद इसकी कीमतों में 75 फीसदी की कमी आई है.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के माध्यम से विदेशी मीडिया में विज्ञापनों पर कोई व्यय नहीं किया गया है.
संभावित ले ऑफ की खबरों के बीच गूगल के कर्मचारी इन दिनों कंपनी के नए परफॉर्मेंस टूल को अपनाए जाने को लेकर भी ज्यादा चिंतित हैं.
इस पत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के ग्राहकों के हित में वित्त मंत्री को कुछ सुझाव दिए हैं.
जुलाई 2016 में, सरकार ने अधिसूचित किया था कि आरबीआई +/- 2% या 2-6% के बैंड के साथ 4% की सीपीआई मुद्रास्फीति को लक्षित करेगा.
अमेरिकी बैंकरप्सी कोर्ट में दिवालियेपन के लिए आवेदन करने वाली इस कंपनी ने अपनी संपति की वैल्यू 100 बिलियन डॉलर से 500 बिलियन डॉलर तक बताई है.
BPCL वही कंपनी है जो पहले बर्मा सेल के नाम से जानी जाती थी. लेकिन इंदिरा गांधी सरकार ने बांग्लादेश युद्ध के बाद इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया था.