दिशानिर्देशों के अनुसार, एमएफआई को प्राप्त वित्तीय सहायता का उपयोग 3 महीने के भीतर नए ऋण वितरण में करना होगा. साथ ही योजना से जुड़े ऋणों के लिए अलग खाता रखना अनिवार्य किया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
शुभ्रांशु सिंह लिखते हैं, भारत की अफ्रीका में प्रासंगिकता क्षमता के आधार पर उभरेगी. हम ऐसे परिवेश में भी व्यवसाय खड़ा कर सकते हैं, अनुकूलित कर सकते हैं और टिकाऊ बना सकते हैं, जो अभी संक्रमण के दौर में हैं.
शुभ्रांशु सिंह लिखते हैं कि USD 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था को तेल की समस्या झेलनी पड़ेगी, और USD 10 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था को भी तब तक असर होगा, जब तक रीवायरिंग अभी गंभीरता और बड़े पैमाने पर शुरू नहीं होती.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों और भू-राजनीतिक हालात का असर अब भारतीय ईंधन बाजार पर साफ दिख रहा है. आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के आधार पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बदलाव संभव है.
दिल्ली हाई कोर्ट के इस फैसले से रॉय दंपति को बड़ी राहत मिली है. हालांकि, 2019 का मामला अभी जारी है, ऐसे में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी रहेगी.
रिपोर्ट से साफ है कि VC निवेश बाजार में स्थिरता लौट रही है, लेकिन निवेशकों का फोकस अब जोखिम वाले शुरुआती स्टार्टअप्स से हटकर ज्यादा परिपक्व और स्केलेबल कंपनियों की ओर बढ़ रहा है.
मछीमार कॉलोनी लैंडिंग से लेकर नकली करेंसी साम्राज्य तक, यह फिल्म सब कुछ उजागर करती है. 26/11 के बाद छोटा शकील के मुंबई के संपादकों को किए गए घबराए हुए फोन, दशकों तक फिल्मों द्वारा बेची गई "पीड़ित डॉन" की कहानी, कराची का सेफ हाउस... सब कुछ सामने लाया गया है.
रुपये की यह गिरावट केवल एक अल्पकालिक उतार-चढ़ाव नहीं, बल्कि वैश्विक और घरेलू कारकों का संयुक्त असर है. ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक तनाव और डॉलर की चाल पर निर्भर करेगी.
InvIT सेक्टर में तेज ग्रोथ के बावजूद कंसंट्रेशन, वैल्यूएशन और घरेलू निवेशकों की कम भागीदारी जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं. दीर्घकालिक और टिकाऊ विकास के लिए सेक्टर को निवेशकों के विविधीकरण, बेहतर फंडिंग विकल्प और मजबूत संरचनात्मक सुधारों की जरूरत होगी.
SBI फंड्स मैनेजमेंट का यह IPO बाजार में हलचल जरूर पैदा करेगा. यह निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर है, लेकिन इसकी संरचना को समझना बेहद जरूरी है ताकि समझदारी से निवेश किया जा सके.
लेखक के अनुसार हाल के वर्षों में बाजार में केवल कुछ बड़े कैप स्टॉक्स ही इंडेक्स रिटर्न में प्रमुख योगदान दे रहे हैं, जबकि मीडियन स्टॉक्स धीमी गति से बढ़ रहे हैं.
जैसे-जैसे गुडइयर इंडिया अपने विस्तार और प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, भंडारी का अनुभव कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
भारत का खेल उपकरण उद्योग MSMEs पर आधारित निर्यात अवसर प्रदान करता है. लेकिन लागत और वैश्विक नेटवर्क में कमी को दूर किए बिना, छोटे उद्यम कम-मूल्य वाले सेगमेंट तक ही सीमित रह सकते हैं.
एडटेक कंपनी फिजिक्सवाला को आकलन वर्ष 2023–24 के लिए आयकर विभाग से ₹263.34 करोड़ का डिमांड नोटिस मिला है. यह नोटिस विभाग द्वारा किए गए आकलन के बाद जारी किया गया है.
सरकार की ‘RELIEF’ योजना के तहत खाड़ी और पश्चिम एशिया के प्रमुख देशों जैसे संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत, बहरीन, इराक, ईरान, इज़राइल और यमन को भेजे जाने वाले निर्यात को कवर किया जाएगा.
गुरुवार को BSE सेंसेक्स में करीब 2,497 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि NSE एनएसई निफ्टी 775 अंक फिसलकर बंद हुआ.
समिति ने यह स्पष्ट किया कि सतत औद्योगिक विकास फंड के कुशल उपयोग, नीति निरंतरता और नवाचार, इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश इकोसिस्टम को मजबूत करने वाले लक्षित हस्तक्षेपों पर निर्भर करेगा.
तेल की बढ़ती कीमतों, HDFC बैंक में बिकवाली और वैश्विक अस्थिरता के कारण भारतीय शेयर बाजार में व्यापक दबाव देखा गया. निवेशकों को सावधानी बरतते हुए अपने पोर्टफोलियो का पुनर्मूल्यांकन करने की आवश्यकता है.
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की अहम बैठक 23 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी. इसी बैठक में तय होगा कि निवेशकों को प्रति शेयर कितना डिविडेंड दिया जाएगा.
ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर लगभग ₹218 पर ट्रेड कर रहे हैं. यह ऊपरी प्राइस बैंड ₹212 के मुकाबले करीब ₹6 यानी 2.8 प्रतिशत का प्रीमियम दर्शाता है, जो निवेशकों की शुरुआती दिलचस्पी को दिखाता है.