सेबी के इस आदेश के बाद न केवल अदाणी समूह को बड़ी राहत मिली है, बल्कि यह मामला भी लगभग समाप्त हो गया है जिसने एक समय देश की वित्तीय प्रणाली को झकझोर कर रख दिया था.
गुरुवार को BSE सेंसेक्स 320 अंक की बढ़त के साथ 83,013.96 पर बंद हुआ. वहीं, NSE निफ्टी 93.35 अंक की तेजी के साथ 25,423.60 पर रहा.
एब्सोल्यूट की ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट रह चुकीं दासगुप्ता नवंबर से पदभार संभालेंगी, फरवरी 2026 से भारत में पूरी ज़िम्मेदारी लेंगी
उपभोक्ता विश्वास को डिजिटल वाणिज्य की नींव बताते हुए उद्योग निकाय ने कहा कि जिम्मेदार तरीके से एआई का इस्तेमाल सुरक्षा और नवाचार दोनों सुनिश्चित कर सकता है
फेडरल रिजर्व की पहली दर कटौती और व्यापार तनाव कम होने के संकेतों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, निफ्टी 25,423 और सेंसेक्स 83,013 पर बंद
एआई-चालित प्लेटफॉर्म, नियोबैंकिंग और एम्बेडेड फाइनेंस भारत को वैश्विक फिनटेक महाशक्ति बना रहे हैं, लेकिन उद्योग नेताओं का मानना है कि अगले चरण में विकास का आधार नैतिक नेतृत्व, नियामकीय सहयोग और वित्तीय समावेशन होगा
इस कदम से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है, लेकिन फेडरल रिजर्व ने स्पष्ट किया है कि भविष्य की नीतिगत दिशा पूरी तरह आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी.
डीबीएस बैंक इंडिया की यह पहल भारत के बढ़ते करदाताओं के लिए न केवल अनुपालन की प्रक्रिया को सरल बनाएगी बल्कि डिजिटल बैंकिंग को और मजबूती भी देगी.
सेबी में Whole Time Member पदों को लेकर चल रही रस्साकशी और बैंकिंग सेक्टर में परदे के पीछे की जोड़तोड़ यह दिखाती है कि भारत के वित्तीय संस्थानों में अब भी सत्ता, संपर्क और प्रभाव की गहरी भूमिका बनी हुई है.
गौतम अडानी क 30,000 करोड़ निवेश का यह प्लान भारत को एक वैश्विक समुद्री लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
RBI का यह कदम भारतीय बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
बुधवार को BSE सेंसेक्स 313.02 अंक यानी 0.38% की तेजी के साथ 82,693.71 पर और NSE का निफ्टी 91.15 अंक यानी 0.36% की मजबूती के साथ 25,330.25 पर बंद हुआ.
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में यह परिवर्तन न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ा रहा है, बल्कि एक आत्मनिर्भर, ज्ञान-आधारित समाज की नींव भी रख रहा है.
IDFC फर्स्ट बैंक ने श्रीपद शेंदे को नया चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) नियुक्त कर अपने आंतरिक नेतृत्व विकास नीति को सुदृढ़ किया है.
मोदी के तीसरे कार्यकाल की असली परीक्षा यह नहीं है कि क्या बाजार अपनी तेजी बनाए रख सकते हैं, बल्कि यह है कि क्या पिछले एक दशक में बनाई गई नींव अगली विकास की लहर को संभाल सकती है.
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत एक आत्मनिर्भर, वित्तीय रूप से मजबूत और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
जब मोदी जी ने 2014 में कार्यभार संभाला, तब सेंसेक्स लगभग 28,000 के स्तर पर था; 2025 तक यह 80,000 के पार पहुंच चुका है, जो लगभग तीन गुना वृद्धि है.
ग्रामीण खातों से लेकर यूपीआई की उपलब्धियों तक, पीएमजेडीवाई और डीबीटी ने करोड़ों लोगों को सशक्त बनाया है, जिससे पूरे भारत में बैंकिंग सुलभ और समावेशी बन गई है.
भारत का खेलों के प्रति दृष्टिकोण एक बड़ी परिवर्तनकारी प्रक्रिया से गुज़रा है, जो अब केवल मनोरंजन नहीं रहा बल्कि राष्ट्रीय विकास का एक रणनीतिक स्तंभ बन चुका है, लिखते हैं जलज दानी.
मोदी जी की ऐतिहासिक कार्य नीति और अडिग फोकस ने वैश्विक स्तर पर कॉर्पोरेट नेतृत्व के लिए एक मानक स्थापित किया है, जो मेरे जैसे नेताओं को सीमाओं को पार करने के लिए प्रेरित करता है.