लोकलसर्कल्स सर्वे में 87% लोगों ने कहा– सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि कंपनियां जीएसटी राहत का फायदा कीमतों में कमी के रूप में उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं
मानसून और खाद्य कीमतों से निकट भविष्य में दबाव, पर मध्यम अवधि में महंगाई घटने की उम्मीद जताई गई
कृषि मंत्रालय का पहला एआई आधारित पूर्वानुमान कार्यक्रम 13 राज्यों के 3.8 करोड़ किसानों तक पहुंचा, खरीफ फैसलों में मिली बढ़त
90% आयात निर्भरता के बीच धुलाई क्षमता, तकनीकी नवाचार और नीतिगत सुधारों पर टिकी रणनीतिक मजबूती
आईएएन ग्रुप समर्थित बायोएंजल्स ने नेतृत्व किया निवेश दौर, कंपनी एआई-आधारित डायग्नोस्टिक टूल्स को विस्तार देगी
कम बीमा पहुंच, बढ़ती आय और ग्राहकों की बदलती आवश्यकताएं विस्तार को मजबूती देंगी। नियामकीय बदलाव और उत्पादों में विविधता से बीमा पॉलिसियों की सुलभता बढ़ेगी और दीर्घकालिक विकास को गति मिलेगी.
शुक्रवार को G7 वित्त मंत्रियों की बैठक होगी, जिसमें ट्रंप प्रशासन का उद्देश्य रूस को शांति वार्ता के लिए मजबूर करना है.
गौतम अडानी की Adani Enterprises द्वारा DPJTOT का यह अधिग्रहण सड़क अवसंरचना क्षेत्र में इसकी पकड़ को और मजबूत करेगा.
SGB स्कीम निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक विकल्प साबित हो रही है. सिर्फ 5 साल में 107% से अधिक रिटर्न और टैक्स में छूट जैसी सुविधाएं इसे और भी लाभकारी बनाती हैं.
एसोसिएशन ऑफ कॉरपोरेट एडवाइजर्स एंड एक्जीक्यूटिव्स (ACAE) के 64वें अध्यक्ष के रूप में सीए नीरज कुमार हरोदिया की नियुक्ति संस्था के लिए नई दिशा और ऊर्जा का संकेत है.
भारतीय REIT सेक्टर में 6–7% की औसत रिटर्न दर, संस्थागत निवेश में वृद्धि और नीति सुधारों ने इसे निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बना दिया है.
ग्रे मार्केट में मिल रहे सकारात्मक संकेतों और मजबूत बिजनेस मॉडल के चलते निवेशक इस आईपीओ में रुचि दिखा सकते हैं. हालांकि, निवेश का निर्णय लेने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और बाजार जोखिमों का मूल्यांकन करना जरूरी है.
TCS और C-DAC की साझेदारी भारत को डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है.
SportingPedia की एक रिपोर्ट के अनुसार, विरोधी टीमों के कुल मार्केट वैल्यू के आधार पर यह तय किया गया है कि चैंपियंस लीग में हर क्लब का सफर कितना चुनौतीपूर्ण होगा.
सी.पी. राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू होकर उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचा है. संगठन, संसद और राज्यपाल जैसे अलग-अलग दायित्वों में उनका लंबा अनुभव उन्हें नई भूमिका निभाने में मदद करेगा.
इन्फोसिस का 18,000 करोड़ का यह बायबैक प्रोग्राम केवल निवेशकों के लिए लाभकारी मौका नहीं है, बल्कि कंपनी की पूंजी प्रबंधन रणनीति और शेयरधारक संतुष्टि के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है.
यह मामला बैंकिंग प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की अहमियत को दर्शाता है. सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी से यह स्पष्ट है कि सार्वजनिक संस्थानों को नीतिगत फैसले लेते समय सभी हितधारकों को ध्यान में रखना चाहिए.
गुरुवार को BSE सेंसेक्स 123.58 अंक की तेजी के साथ 81,548.73 पर बंद हुआ, वहीं, NSE निफ्टी 32.40 अंक की बढ़त के साथ 25,005.50 के स्तर पर बंद हुआ.
सोने की मांग से व्यापार गतिविधि को बल मिला है. हालांकि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में गतिरोध अब भी बना हुआ है जिससे निर्यात चुनौतियों का सामना कर रहा है.
डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो, न्यूनतम निवेश सीमा और देश की लीडिंग कंपनियों में हिस्सेदारी जैसे फ़ायदों के चलते यह फंड लॉन्ग टर्म निवेश के लिए एक आकर्षक विकल्प बन सकता है.