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कौन हैं Trump की टीम का हिस्सा बनीं तुलसी गबार्ड, क्या भारत से है कोई कनेक्शन?
तुलसी गबार्ड माथे पर तिलक लगाती हैं. हाल में वह इस्कॉन मंदिर के कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं. उस दौरान उन्होंने भजन भी गाया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने वाले डोनाल्ड ट्रंप अब अपनी टीम बनाने में लगे हैं. उन्होंने पूर्व डेमोक्रेट तुलसी गबार्ड पर भी विश्वास जताया है. तुलसी ट्रंप प्रशासन में बतौर राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) काम करेंगी. डोनाल्ड ट्रंप ने गबार्ड को रिपब्लिकन बताते हुए उम्मीद जताई कि उनके अनुभव से देश को फायदा होगा. चलिए जानते हैं कि तुलसी गबार्ड कौन हैं और उनका भारत से क्या नाता है?
हिंदू धर्म का पालन
पूर्व सांसद तुलसी गबार्ड 2013 से 2021 तक डेमोक्रेटिक पार्टी की सदस्य रह चुकी हैं. 2022 में उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी से अपना रिश्ता तोड़ लिया था. दरअसल, वह सरकार की युद्ध और सैन्य हस्तक्षेप संबंधी नीतियों से नाखुश थीं. उन्होंने पार्टी को गरीब विरोधी और युद्ध का समर्थक बताते हुए उसका साथ छोड़ दिया था. चूंकि गबार्ड के नाम में 'तुलसी' आता है, इसलिए उन्हें भारतीय मूल की समझा जाता है. हालांकि, भारत से उनका कोई डायरेक्ट कनेक्शन नहीं है. उनकी मां ने हिंदू धर्म अपनाया था और अपने बच्चों के हिंदू नाम रखे. तुलसी गबार्ड खुद भी हिंदू धर्म को मानती हैं.
मार्को रुबियो विदेश मंत्री
डोनाल्ड ट्रंप ने तुलसी गबार्ड की नियुक्ति की घोषणा करते हुए कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि पूर्व सांसद लेफ्टिनेंट कर्नल तुलसी गबार्ड राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) के रूप में काम करेंगी. तूलसी ने हमारे देश और सभी अमेरिकियों की स्वतंत्रता के लिए दो दशकों से अधिक समय तक संघर्ष किया है. वह एक पूर्व डेमोक्रेटिक और अब वह एक रिपब्लिकन हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि तुलसी हमारे संवैधानिक अधिकारों का समर्थन करेंगी और शक्ति के माध्यम से शांति की रक्षा करेंगी. ट्रंप ने फ्लोरिडा के सेनटर मार्को रुबियो को संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री के पद के लिए नामांकित किया है.
इराक में रही थीं पोस्टेड
तुलसी सेना का हिस्सा रही हैं और डेमोक्रेट के तौर पर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में भी उतरी थीं. हालांकि, उन्हें जीत हासिल नहीं हुई. तुलसी माथे पर तिलक लगाती हैं. हाल में वह इस्कॉन मंदिर के कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं. उस दौरान उन्होंने भजन भी गाया था. सेना में रहने के दौरान तुलसी इराक में पोस्टेड थीं. डेमोक्रेट पार्टी छोड़ने के बाद तुलसी ने ट्रंप का समर्थन किया था, ऐसे में ट्रंप प्रशासन में उनकी एंट्री लगभग तय मानी जा रही थी.
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