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Agnikul Cosmos ने जुटाए 150 करोड़ रुपये, 500 मिलियन डॉलर वैल्यूएशन पर पहुँचा; लॉन्च फ्रीक्वेंसी और रीउसएबल रॉकेट प्रोग्राम को मिलेगी गति
तमिलनाडु सरकार ने 350 एकड़ जमीन आवंटित की. कंपनी छोटे उपग्रहों के लिए दुनिया का पहला रीउसएबल लॉन्च व्हीकल बनाने की दिशा में तेज़ी से बढ़ रही है
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
भारत की स्पेस टेक कंपनी Agnikul Cosmos ने लगभग 150 करोड़ रुपये (17 मिलियन डॉलर) की नई फंडिंग जुटाई है और अब यह 500 मिलियन डॉलर से अधिक वैल्यूएशन पर पहुँच गई है. कंपनी अब भारत की सबसे मूल्यवान स्पेस टेक फर्म बन चुकी है. इस राउंड में Advenza Global Limited, Atharva Green Ecotech LLP, HDFC Bank, Artha Select Fund, Prathithi Ventures और 100X.VC जैसे निवेशकों ने हिस्सा लिया.
कंपनी इस पूंजी का उपयोग अपने एयरोस्पेस और रॉकेट कंपोनेंट्स के प्रोडक्शन यूनिट्स को स्केल करने और अपने स्टेज रिकवरी प्रोग्राम को आगे बढ़ाने में करेगी. साथ ही तमिलनाडु सरकार द्वारा आवंटित 350 एकड़ भूमि पर बनने वाले इंटीग्रेटेड स्पेस कैंपस के विकास के लिए भी फंड्स का उपयोग किया जाएगा. यह कैंपस डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और टेस्टिंग को एक ही जगह समाहित कर एक एंड टू एंड क्षमता प्रदान करेगा.
Agnikul के को फाउंडर और CEO श्रीनाथ रविचंद्रन ने कहा कि पिछले नियंत्रित असेंट लॉन्च ने ISRO और IN SPACe के सहयोग से कंपनी की पेटेंटेड तकनीकों को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया. उन्होंने कहा कि अब कंपनी निचले स्टेज की रिकवरी और ऊपरी स्टेज के एक्सटेंशन पर काम बढ़ा रही है, जिससे लॉन्च सर्विसेज की इकॉनॉमिक्स और बेहतर होगी. इस फंडिंग से लॉन्च फ्रीक्वेंसी बढ़ाने और भारत से दुनिया के लिए तकनीक तैयार करने का लक्ष्य मजबूत होगा.
कंपनी अपने रीउसएबल लॉन्च आर्किटेक्चर को भी मजबूत करेगी. हाल ही में मिले पेटेंट के बाद अब Agnikul ऊपरी स्टेज की ऑपरेशनल लाइफ बढ़ाने पर काम कर रही है. यह नवाचार दुनिया का पहला ऐसा रिकवरेबल स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल विकसित करने का मार्ग प्रशस्त करता है.
Co founder और COO मोइन एसपीएम ने कहा कि बढ़ती मांग और दर्जन भर ग्राहकों के साथ ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाना अगला जरूरी कदम था. नए स्पेस कैंपस के पास बन रहे भारत के आगामी लॉन्चपैड के निकट तैयार होने वाली सुविधा कंपनी को समय पर मिशन डिलीवर करने में सक्षम बनाएगी.
Celesta Capital के मैनेजिंग पार्टनर अरुण कुमार ने कहा कि Agnikul की प्रगति एक मजबूत संकेत है कि भारत का डीप टेक इनोवेशन वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहा है. उन्होंने कहा कि लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट की वैश्विक और घरेलू मांग के बीच Agnikul सही समय पर सही दिशा में काम कर रहा है.
Agnikul के ग्राहक भारत, मध्य पूर्व और ऑस्ट्रेलिया तक फैले हुए हैं. यह कंपनी को वैश्विक मांग के अनुरूप लॉन्च सर्विस प्रदान करने में सक्षम बनाता है, जिससे भारत की स्पेस टेक नेतृत्व क्षमता और मजबूत हुई है.
Artha Select Fund के मैनेजिंग पार्टनर अनिरुद्ध ए दमानी ने कहा कि Agnikul ऐसी तकनीक बना रहा है जो दुनिया में कहीं और उपलब्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि इस राउंड में उनका अब तक का सबसे बड़ा निवेश Agnikul के प्रति उनके भरोसे को दर्शाता है.
कंपनी की यह उपलब्धि भारतीय निजी स्पेस सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है. सरकारी समर्थन, निवेशकों की बढ़ती रुचि और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तथा रीउसएबल स्टेज तकनीक में अग्रणी नवाचारों के साथ Agnikul एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी लॉन्च इकोसिस्टम तैयार कर रहा है.
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