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IBLF: लाइफ कोच गौर गोपाल दास ने दिया जीवन में खुश रहने का मंत्र

‘BW Business World’ द्वारा ‘इंडिया बिजनेस लिटरेचर फेस्टिवल’ (IBLF) के दूसरे एडिशन में लाइफ कोच और मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास ने अपने विचार रखे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

#IBLF देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान ‘BW Business World’ द्वारा ‘इंडिया बिजनेस लिटरेचर फेस्टिवल’ (IBLF) के दूसरे एडिशन का आयोजन गुरुग्राम स्थित The Leela होटल में किया गया. इस कार्यक्रम में देश-विदेश के शीर्ष लेखक, शिक्षाविद, विद्वान और प्रकाशकों ने शिरकत की. इस मौके पर लाइफ कोच और मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास (GAUR GOPAL DAS) ने भी अपनी किताब Energize Your Mind: A Monk's guide to mindful living के बारे में बताया. साथ ही उन्होंने यह भी समझाया कि लाइफ में खुश कैसे रहा जाए.

खुश रहना विकल्प है
गौर गोपाल दास ने अपने फ्लाइट के खराब अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि मेरे साथ बहुत ऐसा हुआ, जो मुझे अशांत करने की क्षमता रहता था, लेकिन इसके बावजूद मैं शांत रहा और शांति के चलते ही आपके सामने बोलने की स्थिति में हूं. क्योंकि डिस्टर्ब माइंडसेट में आप कुछ भी अच्छा नहीं कर सकते. उन्होंने कहा – किसी भी परिस्थिति में हमें कैसा रियेक्ट करना है, ये पूरी तरह से हम पर निर्भर करता है. खुश रहिये, जीवन है, परेशानियां आएंगी ही. खुश रहना एक विकल्प है, और हमें वही चुनना है.

इनसे लगता है डर
गौर गोपाल दास ने आगे कहा कि लाइफ में अधिकांश लोग 3 चीजों से डरते हैं: पहला, भीड़ के सामने बोलना, दूसरा – मृत्यु और तीसरा हवाई जहाज में सफर करना. लेकिन इस लिस्ट में आजकल 3 और डर जुड़ गए हैं. मोबाइल फोन की बैटरी का जाना, वाई-फाई का सिग्नल का न मिलना और बफरिंग. लाइफ की परेशानियों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह फ्लाइट के टेक ऑफ और लैंडिंग पर हमारा नियंत्रण नहीं होता, उसी तरह परेशानी या समस्या भी हमारे बस में नहीं हैं. हमारे बस में है, तो लेवल इतना ही हम पर कैसे रियेक्ट करते हैं. हम शांत रहने, खुश रहने का विकल्प चुनते हैं या नहीं. 

पीस ऑफ माइंड नहीं
लाइफ कोच ने कहा - हर लाइफ का अंत होता है, सबकी लाइफ में समस्याएं आती हैं. मौत को लोग यूं ही बदनाम करते हैं, वरना तकलीफ जिन्दगी से है. आज सबकी जिंदगी परेशानियों से भरी हुई है. ऑफिस पॉलिटिक्स, आसपास मौजूद टॉक्सिक लोग. वो पैसा कमा रहे हैं, लेकिन पीस ऑफ माइंड नहीं है, उन्हें चैन की नींद नहीं आती. हम इंसान हैं तो हमें दुख भी होगा और खुशी भी, लेकिन हम हर परिस्थिति में कैसे रियेक्ट करते हैं, ये पूरी तरह हम पर होता है. खुश रहने का सोचिये, खुश रहने की कोशिश कीजिये.

किताब में साझा किए अनुभव
गौर गोपाल दास ने कहा कि Energize Your Mind: A Monk's guide to mindful living में उन्होंने अपने अनुभवों को शामिल किया है. वह मानते हैं कि लाइफ एक जर्नी है, और हमें चलते रहना है. कैसी भी परिस्थिति क्यों न हो, हमें बस चलते रहना है. उन्होंने कहा कि संयास महज संतों जैसे कपड़े धारण करना नहीं, बल्कि माइंडसेट है. जिस दिन आप इस माइंडसेट को क्रैक कर लेंगे, आप भी Monk बन जाएंगे. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि हमारा दिमाग सबसे शक्तिशाली है, यही स्वर्ग को स्वर्ग और नर्क को नर्क बनाता है. आप जो सोचते हैं, वैसा ही महसूस करते हैं. इसलिए पॉजिटिव अप्रोच रखें, खुश रहना, शांत रहना चुनें.


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