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Failed Startup: कैसे $100 मिलियन की PepperTap 2 साल में बंद हो गई?

PepperTap एक हाइपर लोकल डिलिवरी प्लेटफॉर्म थी, जिसे साल 2014 में दो दोस्तों नवनीत सिंह और मिलिंद शर्मा ने शुरू किया था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

आजकल राशन ऑर्डर करने के लिए जैसे Blinkit, Dunzo, Zepto जैसे स्टार्टअप हैं, साल 2014 के दौरान एक और कंपनी भी थी, जिसका नाम था PepperTap. 100 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल करने वाली ये कंपनी सिर्फ दो साल बाद ही बंद हो गई. आखिर PepperTap में ऐसा क्या हुआ जो अपने लॉन्च के सिर्फ 6 महीने में बैठ गई, इसकी गहराई में जाने से पहले जरा कंपनी के बारे में थोड़ा जान लेते हैं. 

कैसे आया PepperTap का आइडिया 

PepperTap एक हाइपर लोकल डिलिवरी प्लेटफॉर्म थी, जिसे साल 2014 में दो दोस्तों नवनीत सिंह और मिलिंद शर्मा ने शुरू किया था. एक रविवार की बात है जब नवनीत सिंह घर पर बैठे आराम कर रहे थे, तभी उनकी पत्नी ने कहा कि वो उनके साथ घर का राशन लेने के लिए साथ चले. नवनीत शायद मूड में नहीं थे, उन्हें लगा कि क्यों न राशन अपने आप ही घर पर आ जाए और कहीं जाने की जरूरत ही न पड़े. बस यहीं से नवनीत को बिजनेस आइडिया आया. उन्होंने सोचा कि एक ऑनलाइन ग्रोसरी सिस्टम होना चाहिए जहां लोग अपने घर पर बैठकर राशन ऑर्डर कर सकें और राशन उनके घर पर डिलिवर हो जाए.
 
ये आइडिया उन्होंने अपने दोस्त मिलिंद शर्मा को बताया, दोनों ने एक हाइपर लोकल फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म तैयार किया. जहां पर लोग घर का राशन ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते थे, 4 घंटे के अंदर राशन उनके दरवाजे पर होता. इस बिजनेस मॉडल में PepperTap ने ग्रोसरी स्टोर्स के लिये एक एग्रीगेटर का काम किया.

जोरदार मिली फंडिंग

ये आइडिया इतना शानदार था कि PepperTap को फंडिंग भी जमकर मिली. दोनों ने साल 2015 के दौरान फंडिंग के चार राउंड चलाये. इन चार राउंड्स में कंपनी को 51.2 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली. निवेशकों में Sequoia Capital, SAIF Partners, JAFCO Japan, Snapdeal जैसे बड़े नाम थे. इतनी धमाकेदार फंडिंग मिलने के बाद PepperTap को अब खुद को साबित करना था. 

2015 के आखिर तक PepperTap 25 शहरों में पहुंच चुकी थी. ये देश की तीसरी सबसे बड़ी ग्रोसरी डिलिवरी सर्विस देने वाली बन चुकी थी, हर रोज करीब 20,000 ऑर्डर डिलिवर कर रही थी. करीब 30-40 परसेंट ऑर्डर उसके ऐप से आ रहे थे. अबतक कंपनी में 2500 लोग काम करने लगे थे. कंपनी ने दिसंबर 2015 में 
Jiffstore का भी अधिग्रहण कर लिया, जो कि बैंगलुरू बेस्ड ग्रोसरी डिलिवरी प्लेटफॉर्म थी. 

कैसे फेल हुई  PepperTap

अबतक सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक अप्रैल 2016 में PepperTap ने ऐलान किया कि वो अपना कारोबार बंद कर रहे हैं. उनके इस ऐलान से सभी लोग हैरान थे. कंपनी ने लोगों को निकालना शुरू कर दिया, लेकिन कंपनी रिकवर नहीं हो पाई और अंत में बंद हो गई. कंपनी अचानक से कैसे बंद हो गई ये सवाल सभी के दिमाग में कौंध रहा था. तो चलिए उन कारणों पर नजर डालते हैं जिसकी वजह से  PepperTap को अचानक ही अपनी शटर गिराना पड़ा. 

फंडिंग के पैसे का इस्तेमाल
PepperTap ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई तरह के ऑफर्स दिये, फ्री डिलिवरी दी, जो कस्टमर बेस बनाने के लिए जरूरी भी था. उन्होंने अपनी वेबसाइट और ऐप को पॉपुलर बनाने के लिए काफी खर्च किया, लेकिन ये तबतक ही ठीक था जबतक उनके पास फंडिंग का सपोर्ट था. लंबी अवधि में ये मॉडल ज्यादा टिकाऊ नहीं था, ऐसा ही हुआ  PepperTap के साथ हुआ, फंडिंग जब कम हुई तो  PepperTap की बिजनेस बैठने लगा. कंपनी का डिस्काउंट और ऑफर मॉडल कंपनी की माली हालत पर भारी पड़ने लगा. कंपनी ने ये सोचकर अपने डिस्काउंट और ऑफर भी वापस लिये कि वो अपनी सर्विस के दम पर ग्राहकों को बनाये रखेंगे, लेकिन वो ऐसा करने में सफल नहीं रहे

अपनी इनवेंट्री का नहीं होना 
PepperTap की अपनी कोई इनवेंट्री नहीं थी, वो दूसरे ग्रोसरी स्टोर्स की इनवेंट्री पर ही निर्भर थे, और ये उनके नियंत्रण में नहीं था. हालांकि देखने में ये मॉडल काफी किफायती लगता है, लेकिन लंबी अवधि में ज्यादा टिकाऊ नहीं है. PepperTap को दूसरे ग्रोसरी स्टोर्स की इनवेंट्री का जानकारी पर नजर रखनी होती थी. 
ये एक बहुत जटिल प्रक्रिया थी, जिसकी वजह से कई ऑर्डर्स कैंसिल होने लगे. 

फंडिंग की दिक्कत
 साल 2016 स्टार्टअप के लिए बेहद खराब साल रहा, कंपनी की सेल्स गिर रही थी, फंडिंग की दिक्कत से दबाव और बढ़ गया था, जिसे PepperTap झेल नहीं पाया और उसने 2016 में कंपनी को बंद करने का ऐलान कर दिया. 

एक्सपर्ट कहते हैं कि हालांकि PepperTap एक बढ़िया आइडिया था, लेकिन उसका बिजनेस मॉडल खराब था, जिसकी वजह से वो टिक नहीं पाया. उसने फंडिंग के पैसे का इस्तेमाल ऑफर्स देने में किया न कि विस्तार में. जिसके चलते कंपनी लंबी अवधि की चुनौतियों को झेल नहीं पाई.


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