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BW B-School Summit: इंडस्ट्री को बच्चों से क्या हैं उम्मीदें? एक्सपर्ट्स से समझिये!

इंडस्ट्री हमेशा ऐसे छात्रों पर अपना ध्यान केन्द्रित करती है जो पूरी भीड़ में अलग से चमचमाते हुए नजर आते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

एक कारोबार को खड़ा करने और उसे विकसित करने के लिए जिस शिक्षा की आवश्यकता होती है वह B-स्कूल या बिजनेस स्कूलों के द्वारा प्रदान करवाया जाता है. ऐसे ही जाने-माने B-स्कूलों को सम्मानित करने के लिए आज BW बिजनेसवर्ल्ड के द्वारा देश की राजधानी दिल्ली में BW बिजनेस स्कूल समिट एवं अवॉर्ड्स का आयोजन किया गया था. इसी दौरान BW बिजनेसवर्ल्ड के एडिटर इन चीफ और चेयरमैन डॉक्टर अनुराग बत्रा की अध्यक्षता में एक्सपर्ट्स से यह समझने की कोशिश हुई कि आखिर इंडस्ट्री और कारोबारी क्षेत्र को बच्चों से क्या उम्मीदें होती हैं? 

भीड़ से अलग
इस विषय पर अपनी राय रखते हुए हिताची (Hitachi) में मानव संसाधन के प्रमुख प्रदीप हटगाओंकर कहते हैं कि किसी भी छात्र के लिए सबसे पहला जरूरी कारक है अपने क्षेत्र की भरपूर समझ होना. इसके साथ ही प्रदीप कहते हैं कि इंडस्ट्री हमेशा ऐसे छात्रों पर अपना ध्यान केन्द्रित करती है जो पूरी भीड़ में अलग से चमचमाते हुए नजर आते हैं. प्रदीप कहते हैं कि अपनाए जाने की क्षमता होना भी बेहद जरूरी है खासकर एक ऐसे वक्त पर जब हाल ही में कोविड जैसी महामारी की वजह से इस क्षेत्र में काफी बड़े और अहम् बदलाव हुए हैं. 

नए स्किलसेट हैं जरूरी
इतना ही नहीं, प्रदीप यह भी कहते हैं कि फिलहाल इंडस्ट्री पर पेशर है और इसलिए अभी प्रमुख रूप से स्किल्स पर ध्यान दिया जा रहा है. हर क्षेत्र में एक नए स्किलसेट की जरूरत है ताकि इस प्रेशर को कम किया जा सके. कंपनियों के द्वारा नौकरियां प्रदान तो की जा रही हैं लेकिन फिलहाल स्किल्स पर ही प्रमुख से ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है और इसीलिए जरूरी है कि बच्चों को नए स्किलसेट सिखाये जाएं. 

सीखना बेहद जरूरी 
इसी मुद्दे पर CK बिरला ग्रुप की ग्रुप CMO दीपाली नायर कहती हैं कि पिछले 5-6 सालों में जो सबसे बड़ा बदलाव हुआ है वो है विविधता. अब मार्केटिंग या फाइनेंस या मानव संसाधन की नौकरियां हर जगह एक जैसी नहीं हैं जिसकी वजह से बच्चों को अलग अलग जगहों की मांग के अनुसार यह सीखना चाहिए कि वह हर विविधता को किस तरह पूरा कर सकते हैं. साथ ही दीपाली कहती हैं कि सीखने की इच्छा होना भी बेहद जरूरी है और बच्चों में ज्यादा और बेहतर सीखने की भूख हमेशा रहनी चाहिए. हिंडवेयर होम इनोवेशन के CEO, सलिल कपूर ने भी दीपाली नायर की इस बात से सहमती जताई और कहा कि बिलकुल, हम अभी एक ऐसे वक्त में हैं जहां रोज सीखने को मिलता है और सीखने की भूख होना बेहद जरूरी है.
 

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