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बड़ा सवाल: क्या हम फ्लाइट में शराब परोसना बंद नहीं कर सकते?

लगातार सामने आती इन घटनाओं के बाद अब क्या हमें जहाज में शराब परोसना बंद कर देना चाहिए?

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

विवेक शुक्ला  

वरिष्ठ स्तंभकार

न्यूयॉर्क और बैंकॉक से भारत आने वाली फ्लाइट्स में एक के बाद एक दो घटनाओं ने सभी को हिलाकर रख दिया है. इन घटनाओं को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है. इन घटनाओं के दोषियों को ऐसी सजा दी जानी चाहिए, जिससे सुरक्षित हवाई यात्रा सुनिश्चित की जा सके. पहली घटना एस मिश्रा नाम के शख्‍स ने की, जो मुंबई के एक व्यवसायी हैं और एयर इंडिया की न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट से आ रहे थे. मिश्रा बहुत शराब पीने के बाद एक महिला यात्री के पास गए और अन्य यात्रियों को देखते हुए उस पर पेशाब कर दिया.

जरा उस बेचारी महिला के बारे में सोचिए जिसे ऐसी भयावह स्थिति का सामना करना पड़ा होगा. आप यह नहीं कह सकते कि उसने शराब के नशे में पेशाब किया था. नहीं, ये एक  बहुत ही घटिया तर्क है. उन्होंने किसी भी पुरुष सह-यात्री पर पेशाब नहीं किया. इसमें कोई संदेह नहीं है कि वो महिलाओं को लेकर क्‍या सोचता है और उतनी ही चौंकाने वाली बात यह है कि क्रू ने मिश्रा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और महिला का साथ तक नहीं दिया। क्या, टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा, आप इस घटना के बारे में जानते हैं?

महिला ने दिखाई बहादुरी 
इस पूरी घटना के बारे में केवल अच्छी बात ये है कि बहादुर महिला ने मामले को पुरजोर तरीके से इस घटना को आगे बढ़ाया। जिसके परिणााम स्‍वरुप अब एयर इंडिया ने एस मिश्रा पर औसतन 30 दिन के एयर ट्रैवल का प्रतिबंध लगा दिया है। जबकि ये घटना पिछले 26 नवंबर, 2022 को हुई थी, उसे देखते हुए अब बहुत देर हो चुकी है मतलब बहुत देर.  प्रसिद्ध लेखिका सीमा मुस्तफा ने ठीक ही कहा है- “भारतीय पुरुषों के साथ की जाने वाली यात्राएं सुरक्षा के लिहाज से एक जोखिम बन रही हैं. उन्होंने साथी यात्रियों को पीटा;  विमान स्‍टाफ  को गाली दी. ये सरासर गंदगी है सिर्फ गंदगी.
अब बड़ा सवाल: क्या हम फ्लाइट में शराब परोसना बंद नहीं कर सकते? इसमें इतना अच्‍छा क्या है? यह घटना हम सभी के लिए एक वेक-अप कॉल होनी चाहिए.

एक के बाद हुई कई घटनाएं 

हाल ही में दुबई से दिल्ली की मेरी वापसी की उड़ान में, मुझसे सिर्फ दो सीट की दूरी पर एक युवा यात्री ज्‍यादा शराब की मांग को लेकर हंगामा कर रहा था. एयर इंडिया के कर्मचारियों ने उसकी काफी सेवा की थी, फिर भी वह अपने परिवार की शर्मिंदा करते हुए और अधिक शराब की मांग कर रहा था. वो न तो अपने परिवार के लोगों की बात सुन रहा था और न क्रू मेंबर की बात मान रहा था. शुक्र है कि उसने अपने सह यात्रियों पर पेशाब नहीं किया. लेकिन उसके नशे की हालत को देखते हुए वह आसानी से दूसरा मिश्रा बन सकता था. संबंधित अधिकारियों को सोचना चाहिए कि क्या यात्रियों को शराब परोसना बंद किया जा सकता है?

मंत्री जी सिर्फ ट्वीट्स काफी नहीं हैं

हालांकि, जाने-माने ऐड प्रोफेशनल प्रीत केएस बेदी का कहना है कि आप कुछ लोगों की हरकतों के कारण इतना कठोर कदम नहीं उठा सकते. एक अन्य घटना में जो हाल ही में हुई, एक भारतीय यात्री द्वारा टेक-ऑफ से पहले अपनी झुकी हुई सीट को सीधा करने से इनकार करने के कारण बैंकॉक-कोलकाता की उड़ान पर सवार एक परिचारिका के साथ तीखी बहस हुई, जिसने फैसला किया कि उसे सबक सिखाया जाना चाहिए, इसके बाद फिर कुछ साथी यात्रियों के साथ मारपीट की गई.

थाई स्माइल एयरवेज की उड़ान में 27 दिसंबर को हुए इस झगड़े के एक वायरल वीडियो ने नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) को सुओमोटो जांच शुरू करने और कोलकाता में हवाई अड्डे के पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने के लिए मजबूर कर दिया. केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट किया, ‘...ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है. सिंधिया जी आप ऐसे यात्रियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें. ट्वीट्स काफी नहीं हैं.

एयरलाइन ने ट्वीट कर दी जानकारी 

 इस बीच, घटना से प्रभावित," एयरलाइन ने ट्वीट किया जिसमें उसने कहा ‘उड़ान भरने में ‘थोड़ी देरी’ हुई थी और ‘घटना पर ध्यान दिया गया है क्योंकि हमने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उड़ान सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया था. चूंकि थाई स्माइल ने इस घटना की सूचना नहीं दी थी. ऐसे में नियामक DGCA और विमानन सुरक्षा ब्यूरो दोनों ने एयरलाइन से एक रिपोर्ट मांगी, गौरतलब है कि इस एयरलाइन का मौजूदा समय में भारत में कोई कंट्री हेड नहीं है. विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि घटना एक विदेशी एयरलाइनर और विदेश में हुई थी, इसलिए अनियंत्रित यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारतीय एजेंसियों का दायरा और अधिकार क्षेत्र सीमित है. बीसीएएस की पुलिस शिकायत उस यात्री के खिलाफ है, जिसने हमला शुरू किया था और साथ ही सुरक्षा निर्देशों का पालन न करने के लिए निशाना बनाया गया था.

आखिर विमान में क्‍या हुआ था

घटना के बारे में जो कहा जाता है कि 38 ए, बी और सी में यात्री बैठे थे. जब चालक दल ने टेक-ऑफ के दौरान 37सी में बैठे यात्री को अपनी सीट को सीधा करने के लिए कहा, तो उस व्यक्ति ने कहा कि उसे पीठ में दर्द है. इसके बाद चालक दल ने यह समझाने की कोशिश की कि सुरक्षा कारणों के चलते टेकऑफ के समय सीट सीधी स्थिति में होनी चाहिए. एयरलाइन ने यात्री के अनुसार चालक दल से कहा, "मैं अक्सर फ्लाइट में सफर करता हूं, मुझे पता है कि क्या करना है." परिचारिका ने तब यात्री से कहा कि यदि उसने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया, तो मजबूरी में उसकी शिकायत उसे पायलट को करनी होगी, जिसके बाद यात्री ने जवाब देते हुए कहा कि "ठीक है, उसे बताओ मैं किसी से डरता नहीं हूँ," 

अब समय आ गया है कार्रवाई का 
अंत में, जो लोग अक्सर यात्रा करते हैं वे जानते हैं कि कुछ यात्री विमान के कप्तान और चालक दल के अन्य सदस्यों के अनुरोधों को फॉलो से मना कर देते हैं. यहां तक कि जब यह घोषणा पायलट के द्वारा की जाती है, सभी यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी सीट ले लें क्योंकि मौसम खराब है', ऐसे में इस तरह के लोग एक तरफ से दूसरी तरफ जाते रहते हैं. केवल भगवान ही जानता है कि निर्देशों की धज्जियां उड़ाने में उन्हें किस तरह का आनंद मिलता है. वे भूल जाते हैं कि वे अपने साथ-साथ इतने सारे सह-यात्रियों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं.

स्वाभाविक रूप से ऐसे सभी यात्रियों को दंडित किया जाना चाहिए. कार्रवाई में 3-5 साल तक उनकी हवाई यात्रा पर रोक के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई भी हो सकती है. जो यात्री शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के लिए चालक दल से बहस करते हैं उन्हें भी चेतावनी दी जानी चाहिए. अक्सर हम कई यात्रियों को खाने के लिए तमाशा बनाते देखते हैं. अब समय आ गया है कि हम गैर-जिम्मेदार यात्रियों से निपटने का निर्णय लें. एक महिला पर पेशाब करने वाले मिश्रा के खिलाफ ऐसा एक्‍शन होना चाहिए जो सब के लिए सबक बनें.
 


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