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IWAI के चेयरमैन बने सुशील कुमार लोहानी, सचिव स्तर पर हुई नियुक्ति
1995 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी सुशील कुमार लोहानी संभालेंगे भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की कमान. केंद्र ने चेयरमैन के पद को अस्थायी रूप से सचिव स्तर तक अपग्रेड किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नौकरशाही में फेरबदल के तहत 1995 बैच के ओडिशा कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी सुशील कुमार लोहानी को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) का चेयरमैन नियुक्त किया है. यह नियुक्ति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) की मंजूरी के बाद की गई है.
लोहानी को भारत सरकार के सचिव के पद और वेतनमान में IWAI चेयरमैन की जिम्मेदारी दी गई है. इसके लिए चेयरमैन के पद को अस्थायी रूप से सचिव स्तर तक अपग्रेड किया गया है. वह सुनील पालीवाल का स्थान लेंगे. पालीवाल को युवा मामले विभाग, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है.
पहले पशुपालन विभाग में हुई थी नियुक्ति
लोहानी की यह नियुक्ति 23 जुलाई, 2026 को हुई उनकी पिछली नियुक्ति में बदलाव है. उस समय ACC ने उन्हें मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन एवं डेयरी विभाग में सचिव स्तर के पद और वेतनमान में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) नियुक्त किया था.
उन्हें बाद में नरेश पाल गंगवार के उच्च शिक्षा विभाग में जाने के बाद विभाग के सचिव का कार्यभार संभालना था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद मानसून सत्र के दौरान लोहानी को कैबिनेट सचिवालय में OSD के तौर पर संबद्ध किया गया था और पशुपालन एवं डेयरी विभाग में उनकी पिछली नियुक्ति को रोक दिया गया था. अब IWAI में उनकी नई नियुक्ति उस व्यवस्था की जगह लेगी.
ओडिशा में कई अहम पदों पर रहे
सुशील कुमार लोहानी 1995 बैच के ओडिशा कैडर के सीधे भर्ती हुए आईएएस अधिकारी हैं. सरकारी प्रोफाइल के मुताबिक, उनका जन्म 5 जनवरी, 1972 को हुआ था. उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. इसके अलावा उन्होंने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस से इकोनॉमिक्स और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन से सूचना प्रौद्योगिकी में ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स भी किए हैं.
केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर आने से पहले लोहानी ने ओडिशा में कई वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर काम किया. वह 2019 से 2023 तक ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रहे. इसके बाद उन्होंने राज्य प्रशासन में प्रधान सचिव, पंचायती राज की जिम्मेदारी संभाली.
अक्टूबर 2024 में ACC ने उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पंचायती राज मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया था. यह नियुक्ति अतिरिक्त सचिव के पद और वेतनमान में हुई थी. इससे पहले वह ओडिशा के पंचायती राज एवं पेयजल विभाग में प्रधान सचिव के रूप में काम कर चुके थे.
IWAI की क्या है भूमिका?
सुशील कुमार लोहानी की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब सरकार सड़क और रेल आधारित माल परिवहन के विकल्प के तौर पर अंतर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा दे रही है. सरकार का जोर कम लॉजिस्टिक्स लागत, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और अपेक्षाकृत टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर है.
IWAI भारत के राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास और नियमन के लिए जिम्मेदार है. नेशनल वाटरवेज एक्ट, 2016 के तहत देश में राष्ट्रीय जलमार्गों के नेटवर्क का विस्तार किया गया है. IWAI को माल और यात्री परिवहन के लिए नए जलमार्गों के चरणबद्ध विकास की जिम्मेदारी दी गई है.
कानून के तहत 106 नए राष्ट्रीय जलमार्गों की पहचान की गई है. इनके विकास को व्यवहार्यता और भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर प्राथमिकता दी जा रही है.
जल मार्ग विकास परियोजना पर भी रहेगा फोकस
IWAI की प्रमुख परियोजनाओं में जल मार्ग विकास परियोजना (JMVP) शामिल है. इसका उद्देश्य गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली के राष्ट्रीय जलमार्ग-1 की नौवहन क्षमता और माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाना है.
इसके तहत फेयरवे की गहराई बढ़ाने के साथ मल्टीमॉडल टर्मिनल, जेटी, नेविगेशनल लॉक और अन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जा रहे हैं. IWAI की ट्रैफिक एंड लॉजिस्टिक्स विंग राष्ट्रीय जलमार्गों पर माल और यात्री परिवहन को सुगम बनाने का काम करती है.
राष्ट्रीय जलमार्गों पर बढ़ा कार्गो ट्रैफिक
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में अंतर्देशीय जलमार्गों की भूमिका लगातार बढ़ रही है. जुलाई 2026 में सरकार की ओर से दिए गए जवाब के अनुसार, राष्ट्रीय जलमार्गों पर कार्गो आवाजाही 2013-14 में 1.8 करोड़ मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 21.8 करोड़ मीट्रिक टन हो गई.
सरकार अंतर्देशीय जल परिवहन को सड़क और रेल परिवहन के मुकाबले किफायती और अपेक्षाकृत पर्यावरण अनुकूल विकल्प के तौर पर विकसित कर रही है. वहीं, राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर जल मार्ग विकास परियोजना के तहत कार्गो आवाजाही 2014-15 के 50.5 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 163.8 लाख टन हो गई है.
एक साल में दूसरी बड़ी नेतृत्व बदलाव
IWAI में लोहानी की नियुक्ति एक साल के भीतर प्राधिकरण में एक और बड़ा नेतृत्व परिवर्तन है. सुनील पालीवाल ने चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट के चेयरपर्सन के रूप में कार्य करने के बाद IWAI चेयरमैन का पद संभाला था. अब उन्हें युवा मामले विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है.
ऐसे में लोहानी की सचिव स्तर की नियुक्ति महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्र सरकार भारत के मल्टीमॉडल परिवहन और लॉजिस्टिक्स ढांचे में अंतर्देशीय जलमार्गों की भूमिका को और बढ़ाने पर जोर दे रही है.
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