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पीएम मोदी की शक्ति की दृष्टि : तीसरे कार्यकाल के तहत प्रमुख मील के पत्थर

75 वर्ष की आयु में, प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व संरचनात्मक सुधारों, वैश्विक महत्वाकांक्षा और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

प्रधानमंत्री को उनके 75वें जन्मदिन पर अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की शुभकामनाएँ. प्रधानमंत्री के रूप में तीसरे कार्यकाल तक सेवा देना, एक स्थिर और सफल सरकार का नेतृत्व करना, एक उल्लेखनीय उपलब्धि है.

इस कार्यकाल की शुरुआत से ही प्रधानमंत्री की दृष्टि स्पष्ट थी: भारत की स्थिति को एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में मजबूत करना. उन्होंने एक सुदृढ़ ढांचा तैयार करने के लिए कई संरचनात्मक सुधार आगे बढ़ाए. इनमें बैंकों का विलय और पुनर्पूंजीकरण, वस्तु एवं सेवा कर (GST) की शुरुआत, रियल एस्टेट रेगुलेशन (RERA) को मजबूत करना, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में छूट देना और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) लागू करना शामिल हैं. इन उपायों ने विदेशी पूंजी आकर्षित करने और वित्तीय अनुशासन में सुधार करने में मदद की है.

राष्ट्रीय कार्यक्रम और वैश्विक महत्वाकांक्षा
आर्थिक सुधारों के पूरक के रूप में, कई राष्ट्रीय पहलें उनके नेतृत्व की आधारशिला बन गई हैं. 'मेक इन इंडिया' अभियान, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत केवल नारे नहीं हैं, बल्कि भारत के औद्योगिक, तकनीकी और विनिर्माण आधार को पुनः आकार देने के प्रयास हैं. ये भारत को स्वतंत्र, मजबूत और वैश्विक स्तर पर आत्मविश्वासी रूप में प्रस्तुत करते हैं.

एक और उल्लेखनीय उपलब्धि गिफ्ट सिटी का निर्माण है, जो अब वैश्विक वित्त के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है. यह न केवल भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था को बढ़ाने की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है, बल्कि देश को एक वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में स्थापित करने का भी प्रतीक है.

सुधारों के साथ सामाजिक वितरण
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हाल के वर्षों में हाशिए पर पड़े समुदायों को बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बिजली, स्वच्छता, स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन, आवास और औपचारिक बैंकिंग. ऐसे बुनियादी ढांचे और कल्याण-केंद्रित हस्तक्षेपों ने लंबे समय से चली आ रही खाइयों को पाटने में मदद की है. उदाहरण के लिए, सरकार का दावा है कि 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और लगभग 15 करोड़ परिवारों को नल का पानी उपलब्ध कराया गया है.

ये सुधार और कार्यक्रम मिलकर एक व्यापक दृष्टिकोण दिखाते हैं: आर्थिक उदारीकरण, संस्थागत सुधार, कल्याणकारी वितरण और अंतर्राष्ट्रीय स्थिति. जबकि चुनौतियाँ बनी हुई हैं समावेशी विकास सुनिश्चित करना, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना और क्षेत्रीय असमानताओं को संतुलित करना तीसरे कार्यकाल ने पहले ही अपनी छाप छोड़ दी है.

प्रधानमंत्री के 75वें वर्ष के अवसर पर, ये उपलब्धियाँ उनके नेतृत्व के स्थायी प्रभाव और भारत को अधिक सशक्त वैश्विक प्रासंगिकता और समृद्धि की ओर अग्रसर करने की महत्वाकांक्षा की गवाही देती हैं.

(डिस्क्लेमर : इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी विचार हैं और आवश्यक नहीं कि प्रकाशन के विचारों को प्रतिबिंबित करते हों.)

सेथुरत्नम रवि, अतिथि लेखक
सेथुरत्नम रवि (एस. रवि) चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की फर्म रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक और प्रबंध भागीदार हैं. यह एक परामर्श और एकाउंटेंसी फर्म है. वे नवम्बर 2017 से फरवरी 2019 तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (BSE) के चेयरमैन भी रहे हैं.

 


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