होम / एक्सपर्ट ओपिनियन / नूरिंग्स: उदय शंकर, हमारे दौर के मीडिया सुपर मैन

नूरिंग्स: उदय शंकर, हमारे दौर के मीडिया सुपर मैन

आज यानी 16 जुलाई को वरिष्ठ पत्रकार उदय शंकर का जन्मदिन है. उनका 3.0 अवतार अब तक का सबसे शक्तिशाली और इंडस्ट्री को परिभाषित करने वाला रूप हो सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago

भारतीय मीडिया में बहुत ही कम लोग हैं, जिन्होंने इस क्षेत्र को वैसा आकार दिया है जैसा उदय शंकर ने दिया है. आज यानी 16 जुलाई तो जब वह अपना जन्मदिन मना रहे हैं, तो इससे बेहतर समय नहीं हो सकता. इस असाधारण यात्रा पर नजर डालने का एक ऐसे व्यक्ति की कहानी जिसने एक तेज-तर्रार न्यूज प्रोड्यूसर से भारत के सबसे प्रभावशाली मीडिया नेताओं में से एक तक का सफर तय किया.

मैंने उनकी यात्रा को करीब से देखा है, आज तक के न्यूजरूम फ्लोर से, जहाँ वह पर्दे के पीछे काम करते थे, लेकर स्टार में उनकी केंद्रीय भूमिका तक, और अब इस तीसरे और शायद सबसे निर्णायक चरण तक, जहाँ वह एक ऐसे मीडिया परिवर्तन के केंद्र में हैं जो पूरे परिदृश्य को बदल सकता है. उनकी कहानी सिर्फ व्यक्तिगत उन्नति की नहीं है, बल्कि एक विरासत की है. एक ऐसी विरासत जिसने कंपनियों, प्लेटफॉर्मों, लोगों और यहां तक कि नीतिगत सोच को भी ऊंचा उठाया है. उदय शंकर 3.0 सिर्फ एक नया पद नहीं है या एक अगला कदम नहीं, बल्कि यह मीडिया नेतृत्व की परिभाषा को फिर से गढ़ने की प्रक्रिया है.

न्यूजरूम से नेटवर्क किंगपिन तक

शंकर के न्यूज के शुरुआती दिन उनके तीखे संपादकीय दृष्टिकोण और प्रणाली में सोचने की असाधारण क्षमता से चिह्नित थे. आज तक और बाद में स्टार न्यूज में, उन्होंने एक ऐसी स्पष्टता दिखाई जो शोर से सिग्नल को अलग करने में सक्षम थी. लेकिन उनकी असली पहचान तब बनी जब वह न्यूज से बाहर निकलकर स्टार इंडिया के व्यापक नेटवर्क लीडर बने. यह उनका version 2.0 था, एक ऐसा कार्यकारी जो मीडिया व्यवसायों के संचालन के तरीके को फिर से परिभाषित करने वाला था.

जब जेम्स मर्डोक ने उन्हें एक कमजोर होती स्टार इंडिया सौंपी, तो शायद ही किसी ने अनुमान लगाया होगा कि वह इसे कैसे पलट देंगे. उन्होंने शुरुआत से ही बड़े फैसले लिए, जैसे कि बालाजी जैसे महंगे प्रोडक्शन हाउस को छोड़ देना और सामग्री निर्माण की जिम्मेदारी एक व्यक्ति के बजाय एक नेतृत्व टीम को देना. उन्होंने आंतरिक ढांचे में बदलाव किया और कंटेंट व क्षेत्रीयकरण को स्टार की वापसी का केंद्र बना दिया. उनके नेतृत्व में स्टार अब Viacom TV18 के कलर्स जैसे प्रतिद्वंद्वियों को नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क स्तर पर बहु-शैली, बहु-प्लेटफॉर्म, और बहु-भाषी रणनीति के साथ चुनौती दे रहा था.

स्पोर्ट्स और डिजिटल पर दांव, जब ये सिर्फ चर्चा का विषय थे

शायद शंकर का सबसे साहसिक कदम स्टार में स्पोर्ट्स और डिजिटल पर दांव लगाना था. उन्होंने न्यूज़ कॉर्प को भारत में खेलों पर लगभग 20,000 करोड़ रुपये निवेश करने के लिए राजी किया. यह एक साहसिक निर्णय था. यह कहानी सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक ऐसे प्लेटफॉर्म के निर्माण तक पहुंची जो भारत के खेल प्रेम को होस्ट कर सके, उसे मोनेटाइज कर सके और अंततः स्ट्रीम भी कर सके. यह दांव सफल हुआ या नहीं, लेकिन इसने Hotstar की नींव रखी. यही मोड़ स्टार को स्ट्रीमिंग युग में सीधे नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम जैसे दिग्गजों की टक्कर में ले आया.

Hotstar कोई तकनीकी प्रयोग नहीं था, बल्कि भारतीय दर्शकों की गहरी समझ पर आधारित रणनीति थी. लाइव इवेंट्स, क्षेत्रीय सामग्री और पहुंच के लिए उनका प्रेम. शंकर की दूरदृष्टि ने एक ऐसा प्रोडक्ट बनाया जिसने वास्तव में OTT को स्थानीय बना दिया और इसी प्रक्रिया में उन्होंने कई ऐसे नेता भी बनाए जिन्होंने आगे चलकर भारत और एशिया पैसिफिक में बड़ी टेक कंपनियों की कमान संभाली.

नेतृत्व और संस्थानों के निर्माता

शंकर द्वारा बनाए गए भविष्य के नेताओं की फेहरिस्त भी उल्लेखनीय है. उनकी टीमें पारंपरिक मीडिया के बाहर के लोगों से बनी थीं. कॉर्पोरेट इंडिया, कंसल्टिंग, एफएमसीजी और टेक इंडस्ट्री से. उन्होंने एक ऐसा टैलेंट इंजन खड़ा किया, जिसने न केवल स्टार की ग्रोथ को रफ्तार दी, बल्कि बाद में पूरे इकोसिस्टम में शीर्ष नेतृत्व की नींव रखी.

उनकी विरासत में यह भी शामिल है कि उन्होंने इंडस्ट्री को यह सिखाया कि दर्शकों को कैसे मापा जाए, विज्ञापनदाताओं के साथ कैसे बातचीत की जाए, और यह कि क्षेत्रीय सामग्री अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि विकास का इंजन बन चुकी है.

उदय शंकर 3.0 की एंट्री
स्टार और डिज्नी से बाहर निकलने के बाद, शंकर थोड़े समय के लिए शांत रहे, लेकिन वह खामोशी रणनीतिक थी. 2022 में, उन्होंने जेम्स मर्डोक के साथ मिलकर बोधि ट्री सिस्टम्स की सह-स्थापना की, जिससे उन्होंने खुद को पूंजी, कंटेंट और डिजिटल महत्वाकांक्षा के संगम पर स्थापित किया. यह सिर्फ एक निवेश वाहन नहीं था, बल्कि इस क्षेत्र को बाहर से अंदर की ओर दोबारा कल्पना करने की दिशा में एक कदम था.

और फिर आया जियो-वायकॉम18-डिज़्नी गठजोड़. आज, जियोस्टार के वाइस चेयरमैन के रूप में, उदय शंकर फिर से बोर्डरूम में हैं, लेकिन इस बार उनके पास ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसमें भारतीय मीडिया के कुछ सबसे शक्तिशाली संसाधन हैं: वायकॉम18 का कंटेंट नेटवर्क, जियो की वितरण क्षमता और डिज्नी स्टार की विरासत सामग्री. पैमाना विशाल है, दांव ऊंचे हैं, और कमान संभालने वाला व्यक्ति जानता है कि अनिश्चितता से निर्माण कैसे किया जाता है.

क्यों यह चरण पहले से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण है

अगर उदय शंकर 1.0 पत्रकार थे और 2.0 नेटवर्क के प्रमुख, तो 3.0 पूरे इकोसिस्टम के आर्किटेक्ट हैं. अब वह सिर्फ एक कंपनी का प्रबंधन नहीं कर रहे, बल्कि पूरे उद्योग की भविष्य की संरचना को प्रभावित कर रहे हैं. ऐसे समय में जब वैश्विक प्लेटफॉर्म, स्थानीय नेटवर्क और टेलीकॉम दिग्गज कंटेंट युद्ध में एकजुट हो रहे हैं, उनकी स्पष्ट सोच, मेंटरशिप की क्षमता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण तय करेगा कि आगे क्या होगा.

वह हमेशा अपनी रेस खुद दौड़ने में विश्वास करते हैं. “अगर आप लगातार तुलना करते रहेंगे,” उन्होंने एक बार कहा था, “तो अपनी रणनीति कब बनाएंगे?” यही सोच उन्हें इंडस्ट्री का शांत राजनयिक बनाती है. एक ऐसा नेता जो अहंकार से ऊपर इकोसिस्टम को प्राथमिकता देता है, और यह आत्मविश्वास अनुभव से आता है.

जैसे ही जियोस्टार भारत में कंटेंट के उपभोग, वितरण और मोनेटाइजेशन को फिर से परिभाषित करने की ओर बढ़ रहा है, उदय शंकर का जन्मदिन सिर्फ एक व्यक्तिगत मील का पत्थर नहीं है. यह भारतीय मीडिया के सबसे सोच-समझकर बदलाव लाने वाले व्यक्ति की शांत वापसी का संकेत है और उदय शंकर 3.0 की निर्णायक शुरुआत है.

नूर फातिमा वारसिया, BW रिपोर्टर्स
(नूर फातिमा वारसिया, BW बिजनेसवर्ल्ड की ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर हैं, जो भारत का सबसे पुराना बिजनेस प्रकाशन है. वह प्रिंट मैगजीन और इसके डिजिटल-फर्स्ट प्लेटफॉर्म की एडिटोरियल स्ट्रैटेजी को लीड करती हैं, और शिक्षा, स्टार्टअप्स, हेल्थकेयर, वेलबीइंग, मीडिया, मार्केटिंग, गेमिंग, एचआर और लीगल जैसे क्षेत्रों में प्रासंगिकता को आगे बढ़ाती हैं. एक डिजिटल प्रचारक और कंटेंट स्ट्रैटजिस्ट के रूप में, उन्होंने BW मोस्ट इन्फ्लुएंशियल वुमन, इंडिया की सबसे सस्टेनेबल कंपनियां, और BW टॉप 100 मार्केटर्स जैसे कई प्रतिष्ठित एडिटोरियल प्रोजेक्ट्स को विकसित और विस्तारित किया है.

दो दशकों से अधिक के बिजनेस जर्नलिज्म अनुभव के साथ, नूर ने एक्सचेंज4मीडिया और डिजिटल मार्केट एशिया में लीडरशिप रोल निभाया है, और भारत व एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में कंटेंट को आकार दिया है. उन्हें अक्सर इंडस्ट्री पैनल्स में सेशंस की अध्यक्षता करने और बातचीत मॉडरेट करने के लिए आमंत्रित किया जाता है, जहाँ वह रणनीतिक व्यावसायिक चर्चाओं में गहन संपादकीय दृष्टिकोण लाती हैं. वह BW की डिजिटल और प्रिंट दोनों उपस्थिति को मजबूत करने में एक प्रमुख भूमिका निभाती हैं, और भारत में सार्थक, विश्वसनीय बिजनेस जर्नलिज्म को आकार देने में उनके योगदान के लिए जानी जाती हैं.)
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

भारत-जापान साझेदारी और मानव-केंद्रित एआई का भविष्य

प्रोफेसर सी. राज कुमार लिखते हैं, 'भारत और जापान एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां वे AI के लिए चौथा और मौलिक मार्ग विकसित कर सकते हैं.

2 days ago

ईरान को ‘अनफ्रीज’ करना: असली चुनौती अब शुरू होगी

सिद्धार्थ अरोड़ा लिखते हैं, 'अमेरिका-ईरान शांति समझौता अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और रिपोर्टों के अनुसार 60 दिनों की अवधि में लगभग 24 अरब डॉलर जारी किए जा सकते हैं. ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यह पैसा जब ईरान पहुंचेगा, तब उसका क्या होगा?'

3 days ago

2026 की तीसरी तिमाही का ज्योतिष: एआई, संघर्ष और वैश्विक परिवर्तन

ज्योतिषाचार्य विक्रम चन्दीरमानी लिखते हैं कि 2026 के पहले छह महीनों के दौरान इनमें से कई विषय पहले ही उभरने लगे हैं. प्रौद्योगिकी कंपनियों के मूल्यांकन को लेकर चिंताएँ लगातार अधिक स्पष्ट होती जा रही हैं. यह चिंता केवल AI से जुड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया की कुछ सबसे मूल्यवान निजी कंपनियों, जैसे स्पेसएक्स, के उच्च मूल्यांकन को लेकर भी देखी जा रही है.

5 days ago

दिल्ली में मार्को रुबियो, मेरी मां की Alexa पर गूंजे राजा राम

हंस चुगेगा दाना-दुनका... कौवा मोती खाएगा और भारत सबको उलझन में रखेगा. बैकग्राउंड में बज रहा वह पुराना भजन आधुनिक भू-राजनीति को किसी भी संयुक्त बयान से बेहतर समझता था.

27-May-2026

रणनीतिक रिजर्व एसेट के रूप में तेल: सप्लाई चेन जोखिम के खिलाफ भारत का संप्रभु सुरक्षा कवच

भारत के पास लगभग 700 अरब अमेरिकी डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो मुख्य रूप से अमेरिकी और गैर-अमेरिकी ट्रेजरी, सोना और IMF के स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स से बना है. फिर भी देश की सबसे बड़ी व्यापक आर्थिक कमजोरी, कच्चे तेल, LNG और LPG पर निर्भरता के खिलाफ मौजूदा रिजर्व संरचना में कोई समान सुरक्षा मौजूद नहीं है.

21-May-2026


बड़ी खबरें

ग्रोसरी बाजार में बड़ी एंट्री, मीशो ने 202 करोड़ रुपये में खरीदा किराना क्लब

कंपनी का मानना है कि यह सौदा उसे विभिन्न रिटेल सेगमेंट्स में अपने B2B कारोबार का विस्तार करने में मदद करेगा.

8 hours ago

अब UPI और ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा, जून के अंत तक शुरू हो सकती है नई सुविधा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सदस्य क्लेम की स्वीकृत राशि सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त कर सकेंगे और फिर जरूरत पड़ने पर ATM से नकदी निकाल सकेंगे.

6 hours ago

सरकारी खजाना हुआ मालामाल, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 5.21 लाख करोड़ रुपये के पार

सरकार ने इस अवधि के दौरान करदाताओं को 89,026 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड जारी किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.19 प्रतिशत अधिक है. इसके बावजूद शुद्ध कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.

8 hours ago

NEET-UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर रोक बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के फैसले को दी मंजूरी

NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है. ऐसे में सरकार ने किसी भी संभावित पेपर लीक या परीक्षा संबंधी अनियमितता को रोकने के लिए टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया था. यह प्रतिबंध 22 जून तक लागू रहेगा.

8 hours ago

भारत फोर्ज की अमेरिकी रक्षा कंपनी से बड़ी डील, मिलकर बनाएंगी 155mm मोबाइल तोप

फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित यूरोसैटरी डिफेंस एक्सपो के दौरान इस साझेदारी पर मुहर लगी. समझौते का उद्देश्य दुनियाभर की सेनाओं के लिए अत्याधुनिक 155mm मोबाइल आर्टिलरी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है.

11 hours ago