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लीडर्स ने बताया, CSR से लेकर Sustainability तक कैसे निभा रहे अपनी जिम्मेदारी
BW बिजनेसवर्ल्ड के इवेंट में Zomato की चीफ सस्टेनेबलिटी ऑफिसर अंजलि रवि कुमार ने बताया कि कैसे कंपनी कार्बन उत्सर्जन में कमी ला रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
BW बिजनेसवर्ल्ड (BW Businessworld) ने मुंबई में सस्टेनेबल वर्ल्ड कॉन्क्लेव के पांचवें एडिशन का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में अलग-अलग सेक्टर्स की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की और अपने विचार साझा किए. इस दौरान, 'Sustainability with Profitability: Doing Good is Good Business' नामक विषय पर पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया गया. इस डिस्कशन में सेशन चेयर की भूमिका BW Businessworld के मैनेजिंग एडिटर Palak Shah ने निभाई. शाह ने कंपनियों की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) से जुड़े कई सवाल पूछे.
इन्होंने लिया डिस्कशन में भाग
पैनल डिस्कशन में Zomato की चीफ सस्टेनेबलिटी ऑफिसर Anjalli Ravi Kumar, पवन वर्मा - Head - Purchases and Executive Sponsor- Environmental Sustainability P&G India, Brillio Foundation के Senior Director & Global Head ESG & Sustainability अभिषेक रंजन, Bisleri International के मार्केटिंग हेड तुषार मल्होत्रा और Lodha Developers के ESG हेड Aun Abdullah ने हिस्सा लिया. डिस्कशन की शुरुआत करते हुए पलक शाह ने कहा कि Sustainability का मतलब केवल प्रॉफिट बनाए रखना ही नहीं है, यह कॉर्पोरेट प्रॉफिटेबिलिटी को इस तरह से बढ़ाना है कि पर्यवारण को नुकसान न पहुंचे, लेकिन हम एक ऐसी दुनिया में जी रहे हैं जहां बहुत कुछ पब्लिसिटी स्टंट होता है.
Sustainability फैक्ट्री नहीं, अप्रोच है
Palak Shah ने Lodha के Aun Abdullah से पूछा कि मुंबई को दूसरा सबसे प्रदूषित शहर माना जाता है. Lodha की अपने कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के लिए तारीफ की जाती है. क्या ऐसा एनवायरनमेंट सस्टेनेबलिटी के मामले में भी किया जा सकता है? इस पर Abdullah ने कहा, Lodha Group एनवायरनमेंट के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझता है और उसका अच्छे से निर्वाहन भी कर रहा है. हमारी सस्टेनेबलिटी रणनीति दो स्तंभों पर टिकी है - डीकार्बनाइजेशन और दूसरी रीजिलियंस. हम पर्यावरण का ख्याल रखते हुए देश के विकास में योगदान दे रहे हैं. इस सवाल के जवाब में कि बड़े डेवलपर्स शहरों का दम घोंट रहे हैं? अब्दुल्ला ने कहा कि Lodha में हम इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट पर काम कर रहे हैं, ये कहना कि बड़े डेवलपर शहरों का दम घोंट रहे हैं या उन्हें चोक कर रहे हैं, पूरी तरह गलत है. हमने मुंबई रीजन सहित कई जगहों पर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट किया है, जहां घर, ऑफिस सभी एक जगह पर हैं. जहां अनावश्यक यात्रा से बचा जा सकता है. उदाहरण के तौर पर भारत में 9 हजार EV चार्जिंग पॉइंट हैं. जबकि MMR रीजन, Lodha प्रोजेक्ट के नजदीक ही 100 से ज्यादा ऐसे पॉइंट्स हैं. हमारा मानना है कि Sustainability कोई फैक्ट्री नहीं है, ये एक अप्रोच है. और यदि सही तरह से सबकुछ किया जाए, तो बिना अतिरिक्त लागत के अच्छा काम किया जा सकता है.
...तो फिर ये कॉर्पोरेट ग्रीन वॉशिंग है
पलक शाह के इस सवाल के जवाब में कि कॉर्पोरेट के साथ आपका अनुभव कैसा रहा है? क्या वे आपसे अक्सर Sustainability की बढ़ती लागत की शिकायत करते हैं? Brillio Foundation के सीनियर डायरेक्टर एवं ग्लोबल हेड ESG Abhishek Ranjan ने बताया कि हाल ही में उन्होंने एक आर्टिकल पढ़ा था, जिसके अनुसार 14 बिलियन डॉलर का ESG फंड देने से इनकार किया गया है. उन्होंने कहा - ये अच्छे संकेत नहीं हैं. समझने वाली बात ये भी है कि आखिर ESG का पैसा आता कहां से है? इसका जवाब है एंड कस्टमर से. इस इवेंट में आने से पहले मैं अपने सहकर्मी से चर्चा कर रहा था कि अपने कर्मचारियों के ट्रांसपोर्टेशन को 100% EV में कैसे बदला जाए, हमारे भारत में 5000 से अधिक कर्मचारी हैं. क्या आप जानते हैं कि हम जिन पेट्रोल-डीजल कारों को हायर करते हैं, उनकी तुलना में EV कार कम से कम 20 से 30% महंगी पड़ेगी, तो क्या हम इस लागत को वहन करने के लिए तैयार हैं? मैं यह इसलिए कह रहा हूं क्योंकि आजकल अधिकांश कंपनियां इंटरनल कार्बन प्राइसिंग के लिए कुछ न कुछ कर रही हैं. और शायद जल्द ही हमें कार्बन टैक्स के लिए भी तैयार रहना पड़ सकता है. उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह कहना बेहद आसान है कि मैं अपने अपने एंड-कंज्यूमर से कुछ चार्ज नहीं करूंगा. लेकिन यदि मेरी कंपनी कहती है कि 1% एनवायरनमेंट टैक्स लगाना है, तो उसका भुगतान कौन करेगा? जाहिर है इससे हमारी बॉटम-लाइन ही प्रभावित होगी. रंजन ने Lodha के Aun Abdullah के उस बयान का जिक्र करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि LODHA एनवायरनमेंट सस्टेनेबलिटी की लागत अपने ग्राहकों से नहीं वसूलता, कहा - Abdullah ने जो कहा वो एक आदर्श परिदृश्य है, जहां इस तरह की लागत ग्राहकों पर नहीं डाली जातीं. और यदि आप इनोवेशन नहीं कर रहे हैं, कुशल संचालन नहीं कर रहे हैं, तो फिर यह ESG नहीं बल्कि पलक शाह ने जो टर्म इस्तेमाल की - 'कॉर्पोरेट ग्रीन वॉशिंग' वही है.
Sustainability को लेकर गंभीर है P&G
Procter & Gamble यानी P&G Sustainability पर क्या कर रही है, इस पर अपनी बात रखते हुए पवन वर्मा ने कहा कि P&G (Sustainability) को लेकर बेहद गंभीर है. हमारा मानना है कि यदि हम वैल्यू को ड्राइव करने की इच्छा शक्ति रखते हैं, तो हम पूरी वैल्यू चेन में बहुत ज्यादा वैल्यू जोड़ सकते हैं. 2018 में हमने घोषणा की थी कि 2030 तक हमारे सभी प्लांट 35% कम पानी का इस्तेमाल करेंगे. आज भारत में हमारे 8 में से 5 प्लांट में बाकायदा ऐसा हो रहा है. हम ज्यादा से ज्यादा रिन्यूवल रिसोर्स पर काम कर रहे हैं. हमारे पास 2 इन हाउस सोलर प्लांट ऑपरेटिंग हैं. P&G में हम मानते हैं कि Sustainability एक यात्रा है और इस पर लगातार काम किया जाना चाहिए. हम अच्छा करके भी प्रॉफिट कमा सकते हैं. प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर उन्होंने कहा कि कंपनी प्लास्टिक को मार्केट से कलेक्ट करके रीसाइकिल करती है और इसमें लगातार तेजी आ रही है.
क्या है Climate Conscious Delivery?
Zomato की चीफ सस्टेनेबलिटी ऑफिसर Anjalli Ravi Kumar से पलक शाह ने जानना चाहा कि Zomato की Climate Conscious Delivery क्या है और CSR पर कंपनी क्या कर रही है? इस पर अंजलि ने कहा - हमारे प्रॉफिटेबल बनने में Sustainability का बहुत बड़ा हाथ है. पर्यावरण संरक्षण को लेकर हमारे प्रयासों ने निवेशकों को आकर्षित किया है. आईपीओ से पहले हमने EV बेस्ड डिलीवरी को लेकर एक ईको-सिस्टम बनाया था. ये निश्चित तौर पर मुश्किल काम था, क्योंकि EV वाहन पेट्रोल से महंगे होते हैं और हमारे हर डिलीवरी एजेंट्स के लिए उन्हें खरीदना संभव नहीं था. इसके लिए हमने करीब 70 EV ईको-सिस्टम प्लेयर्स के साथ पार्टनरशिप की. ऐसा ईको सिस्टम तैयार किया, जहां हमारे डिलीवरी एजेंट भी आसानी EV को एक्सेस कर सकें. आज दिल्ली और बेंगलुरु में हमारी हर 5 में एक डिलीवरी EV बेस्ड है. ये कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में हमारा योगदान है. हम 2033 में नेट जीरो घोषित होने की ओर अग्रसर हैं. फेवरेवल ओपिनियन से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि फेवरेवल ओपिनियन तलाशना गलत नहीं है, बिजनेस ट्रस्ट पर ही होता है. एक्शन से ट्रस्ट तलाशना गलत नहीं है, लेकिन ये एक्शन पारदर्शी होने चाहिए.
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