✕

होम / एक्सपर्ट ओपिनियन / जो आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करती है, उस निजी सुरक्षा सेवा को खत्म मत कीजिए

जो आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करती है, उस निजी सुरक्षा सेवा को खत्म मत कीजिए

सुरक्षा एजेंसियों को जबरन भारी मूल्य कटौती के लिए मजबूर करना न केवल इन प्रदाताओं की वित्तीय व्यवहार्यता को खतरे में डालता है, बल्कि सुरक्षा सेवाओं की गुणवत्ता से भी समझौता करता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

एक निजी सुरक्षा एजेंसी पिछले दो वर्षों से एक प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट ग्राहक को सुरक्षा सेवाएं प्रदान कर रही है, जिसमें कंपनी की संपत्ति और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 75 सुरक्षा गार्ड और पर्यवेक्षकों की एक टीम तैनात की गई है. सुरक्षा एजेंसी ने एक मानक संचालन प्रक्रिया और सेवा की गुणवत्ता स्थापित की जो कॉर्पोरेट ग्राहक की अपेक्षाओं को पूरा करती थी, जिससे एक मजबूत पेशेवर संबंध भी तैयार हुआ.

वर्तमान स्थिति

जैसे ही सेवा स्तर समझौता (SLA) के नवीनीकरण का समय आया, कॉर्पोरेट ग्राहक के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर (CSO) ने संकेत दिया कि वे वर्तमान सुरक्षा सेवा स्तर को बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन वे अनुबंध की लागत को काफी हद तक कम करना चाहते हैं. विशेष रूप से, सीएसओ ने बिना पिछले सेवा शुल्क प्रतिशत को बनाए रखे अनुबंध लागत में कमी की मांग की. सुरक्षा एजेंसी के उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सेवा शुल्क में कटौती न केवल एजेंसी की वित्तीय स्थिरता को खतरे में डालेगी, बल्कि दी जा रही सेवा की गुणवत्ता से भी समझौता करेगी.

इस तर्क के बावजूद, सीएसओ और प्रोक्योरमेंट मैनेजरों ने उन वैकल्पिक सेवा प्रदाताओं की खोज करने की धमकी दी जो कम दरों पर सेवाएं देने को तैयार हों. 75 सुरक्षा कर्मियों को अन्य कार्यों में फिर से तैनात करने की जटिलताओं और अनुबंध खोने की संभावना को देखते हुए, एजेंसी ने मजबूरी में सहमति दी. परिणामस्वरूप, सेवा शुल्क को 10% से घटाकर मात्र 2% कर दिया गया, जिससे एजेंसी की वित्तीय स्थिति और स्थिरता पर भारी दबाव पड़ा.

सुरक्षा एजेंसी पर प्रभाव

1. वित्तीय दबाव : सेवा शुल्क में भारी कटौती के कारण आय में गिरावट आई है, जिससे एजेंसी के लिए प्रशिक्षण, उपकरण और कर्मियों के कल्याण में निवेश करना मुश्किल हो गया है. इस वित्तीय दबाव के परिणामस्वरूप सेवा की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है, जिससे प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है.

2. सुरक्षा कर्मियों का मनोबल : फंडिंग में कमी के कारण एजेंसी के लिए प्रतिस्पर्धी वेतन या निरंतर प्रशिक्षण देना कठिन हो सकता है. इससे कर्मियों का मनोबल गिर सकता है, नौकरी से असंतोष बढ़ सकता है और इस्तीफों की दर बढ़ सकती है, जिससे सेवा की निरंतरता और गुणवत्ता प्रभावित होगी.

3. सेवा की गुणवत्ता : लागत में कटौती के दबाव के कारण महत्वपूर्ण समय पर स्टाफिंग में कमी, नए कर्मचारियों के लिए कम प्रशिक्षण, और पर्यवेक्षकों की कम निगरानी हो सकती है. इस तरह के समझौते ग्राहक की संपूर्ण सुरक्षा और संचालन के लिए महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करते हैं.

कॉर्पोरेट ग्राहक पर प्रभाव

1. जोखिम में वृद्धि : लागत कटौती के चलते सेवा की गुणवत्ता में कमी कॉर्पोरेट ग्राहक को सुरक्षा कमजोरियों के प्रति संवेदनशील बना सकती है, जिससे गंभीर परिणाम हो सकते हैं जैसे संपत्ति की हानि, डेटा ब्रीच, या कर्मचारियों को नुकसान.

2. पेशेवर मानकों का क्षरण : यह प्रथा सुरक्षा सेवा मानकों में गिरावट की दौड़ को प्रोत्साहित करती है, जो अंततः कॉर्पोरेट हितों को नुकसान पहुंचा सकती है. गुणवत्ता की बजाय लागत को प्राथमिकता देने से यह चक्र शुरू हो जाता है, जिसमें अयोग्य सेवा प्रदाता सिर्फ कम कीमत के आधार पर चुने जाते हैं.

सिफारिशें

इस प्रचलित प्रथा के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए, कॉर्पोरेट्स को निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए.

1. उचित मूल्य निर्धारण को लागू करें : प्रबंधन को सख्त नीतियां जारी करनी चाहिए ताकि प्रोक्योरमेंट टीमें अस्थिर मूल्य कटौती की मांग न कर सकें. स्वीकार्य मूल्य निर्धारण प्रथाओं के बारे में स्पष्ट दिशानिर्देश बनाए जाने चाहिए.

2. लागत से अधिक गुणवत्ता को प्राथमिकता दें : सुरक्षा सेवाओं की महत्वपूर्ण प्रकृति को समझें और गुणवत्ता सेवा में निवेश के लिए प्रतिबद्ध रहें. प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन के वित्तीय लाभों को उजागर किया जाना चाहिए, जिससे यह सिद्ध हो सके कि अच्छी तरह से सुसज्जित सुरक्षा टीम कंपनी को जोखिम कम करने के मामले में बचत दिलाती है.

3. दीर्घकालिक साझेदारी को बढ़ावा दें : कॉर्पोरेट्स को सुरक्षा एजेंसियों के साथ आपसी सम्मान और समझ पर आधारित दीर्घकालिक संबंधों को प्रोत्साहित करना चाहिए, न कि अल्पकालिक लागत बचत को. इससे अधिक स्थिर अनुबंध हो सकते हैं और सेवा की समग्र गुणवत्ता में वृद्धि हो सकती है.

4. नियमित समीक्षा करें : अनुबंधों और सेवा स्तरों की समय-समय पर समीक्षा की जानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोनों पक्ष अपेक्षाओं के अनुरूप हैं, और सुरक्षा एजेंसी उच्च मानकों को बनाए रख सकती है बिना बार-बार मूल्य कटौती के दबाव का सामना किए.

सुरक्षा एजेंसियों को जबरन भारी मूल्य कटौती के लिए मजबूर करना न केवल इन प्रदाताओं की वित्तीय व्यवहार्यता को खतरे में डालता है, बल्कि उन सुरक्षा सेवाओं की गुणवत्ता से भी समझौता करता है जो कॉर्पोरेट संपत्ति और कर्मचारियों की रक्षा के लिए आवश्यक हैं. यह आवश्यक है कि कॉर्पोरेट प्रबंधन इन प्रथाओं के प्रणालीगत प्रभाव को पहचाने और एक अधिक स्थायी मॉडल की ओर अग्रसर हो जो अल्पकालिक वित्तीय लाभ की बजाय सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दे. ऐसा करके, सुरक्षा उद्योग और कॉर्पोरेट वातावरण — दोनों फल-फूल सकते हैं.

अतिथि लेखक- कुँवर विक्रम सिंह, चेयरमैन, सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री (CAPSI)


टैग्स
सम्बंधित खबरें

कविता में एक शोकगीत: मेरे मित्र और बैचमेट, हेमचंद सिरोही, IAS

केजे अल्फोंस लिखते हैं, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और बिहार के पूर्व राज्य चुनाव आयुक्त के रूप में, हेमचंद सिरोही को प्रशासनिक कुशलता, जन-केंद्रित शासन और जनसेवा में योगदान के लिए व्यापक सम्मान प्राप्त था. उनके योगदानों में महाबोधि मंदिर को यूनेस्को की विश्व धरोहर की मान्यता दिलाना और जमीनी स्तर पर विकास की पहल शामिल थीं.

4 days ago

दो दुनियाओं के बीच जिंदगी: उथल-पुथल भरे समय की चुनौती

लेखक के अनुसार, हमारे आसपास की दुनिया उतनी नहीं बदली है, जितनी हमारे दिमाग के भीतर की दुनिया बदल गई है. लगातार आती खबरों, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पैदा होने वाली चिंताओं के इस दौर में चुनौती है अपना ध्यान फिर से अपने नियंत्रण में लेना और उन चीजों पर फोकस करना, जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं.

4 days ago

कलाकार की अनंत रेखाएं: जोगेन चौधरी को श्रद्धांजलि

87 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले प्रख्यात कलाकार अपने पीछे ऐसी विशिष्ट कला छोड़ गए हैं, जो उनकी खास क्रॉस-हैचिंग शैली, असामान्य रेखाओं और गहराई से मानवीय चित्रों के लिए पहचानी जाती है.

5 days ago

समुद्र मंथन का अर्थशास्त्र: समृद्धि के लिए विरोधी शक्तियों की जरूरत क्यों है

लेखिका प्रियंका शर्मा कैंतुरा इस लेख में बताती हैं कि देवताओं, असुरों और लक्ष्मी के प्राकट्य की प्राचीन कथा प्रतिस्पर्धा, सहयोग और धन सृजन के बारे में क्या सीख देती है.

1 week ago

जेमी बीटन: असाधारण दिमाग और अरबों डॉलर के कारोबार के पीछे ज्योतिषीय गणना

क्रिमसन एजुकेशन के संस्थापक की शैक्षणिक महत्वाकांक्षा, उद्यमशीलता में उभार और 2027 की संभावनाओं का ज्योतिषीय विश्लेषण

1 week ago


बड़ी खबरें

गिफ्ट निफ्टी 170 अंक उछला, बाजार में तेजी के संकेत; रिलायंस-जियो समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर

शुक्रवार को सेंसेक्स 308.49 अंक यानी 0.42 फीसदी चढ़कर 74,459.53 पर बंद हुआ था. वहीं, निफ्टी 116.35 अंक यानी 0.51 फीसदी की बढ़त के साथ 23,053.10 के स्तर पर पहुंच गया था.

19 minutes ago

महादेव बेटिंग ऐप केस में बड़ी कार्रवाई, किंगपिन सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया; आज रायपुर कोर्ट में पेशी

अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को CBI की टीम प्रत्यर्पण कर भारत लाई है. उसके खिलाफ CBI के दो मामलों में चार्जशीट दाखिल है, जबकि ED भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है.

7 minutes ago

दिल्ली में 1 नवंबर से BS-6 से पुराने वाहनों की नो एंट्री, जानें किन गाड़ियों को मिलेगी छूट

इस फैसले का असर दिल्ली से सटे हरियाणा के शहरों से आने वाले वाहनों पर भी पड़ेगा. खासतौर पर गुरुग्राम और फरीदाबाद से दिल्ली आने वाले वाहन चालकों को इस नियम का ध्यान रखना होगा.

1 day ago

सरदार पटेल के विचारों पर आगे बढ़ रहा भारत, रक्षा उत्पादन 1.80 लाख करोड़ रुपये के पार: राजनाथ सिंह

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर भारत-भारती ने दिल्ली में आयोजित किया राष्ट्रीय समारोह, रक्षा मंत्री ने कहा- राष्ट्रीय एकता और अखंडता को चुनौती देने वाली ताकतों के खिलाफ देश एकजुट रहेगा

23 hours ago

तमिलनाडु में 5 लाख से अधिक ग्रामीण घरों को मिलेगा ब्रॉडबैंड कनेक्शन, केंद्र ने दी सब्सिडी को मंजूरी

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत तमिलनाडु के 4,767 गांवों तक मांग के आधार पर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी. केंद्र की वित्तीय सहायता से ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट नेटवर्क का विस्तार और डिजिटल सेवाओं तक पहुंच आसान होगी.

1 day ago