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बिल्डर के बड़े -बड़े दावों के युवराज सिंह भी हुए शिकार, अब अदालत से लगाई गुहार

युवराज सिंह के दिल्ली में एक फ्लैट खरीदा था, जिसकी क्वालिटी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने अदालत का रुख किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

बिल्डरों के बड़े-बड़े दावे और उनकी सच्चाई से लगभग सभी वाकिफ हैं. मकान बेचने के लिए अक्सर बिल्डर कई दावे ऐसे कर जाते हैं, जो बाद में पूरे नहीं होते. मशहूर क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) भी बिल्डर के इन बड़े -बड़े दावों का शिकार बन बैठे हैं. अब उन्होंने रियल एस्टेट कंपनी के खिलाफ अदालत का रुख किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, युवराज की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने संबंधित कंपनी को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है. चलिए जानते हैं कि आखिर पूरा माजरा है क्या.

क्वालिटी पर उठाए सवाल 
भारत को 2011 में वर्ल्ड चैंपियन बनवाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह का कहना है कि उन्होंने ब्रिलियंट एटोइल प्राइवेट लिमिटेड से एक फ्लैट खरीदा था. बिल्डर ने फ्लैट की पजेशन में देरी की और उसकी गुणवत्ता भी खराब है. पूर्व क्रिकेटर ने अदालत से विवाद के निपटारे के लिए आर्बिट्रेटर की नियुक्ति की मांग की है. युवराज की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस हरि शंकर ने ब्रिलियंट एटोइल प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है.

इतनी है फ्लैट की कीमत
युवराज सिंह ने आरोप लगाया कि कंपनी ने उन्हें फ्लैट देने में देरी की और कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी भी अच्छी नहीं है. युवराज ने दिल्ली के हौज खास में 2021 में इस कंपनी का फ्लैट बुक किया था. उस समय फ्लैट की कीमत 14.10 करोड़ रुपए बताई गई थी. पूर्व क्रिकेटर को नवंबर 2023 में फ्लैट का पजेशन मिला, लेकिन जब वह प्रॉपर्टी देखने गए तो उन्होंने पाया कि कंस्ट्रक्शन क्वालिटी खराब है. युवराज का कहना है कि बिल्डर ने गुणवत्ता से समझौता किया है और फिटिंग-लाइटिंग आदि भी खराब है. 

युवी ने कई आरोप लगाए
युवराज सिंह ने फ्लैट की पजेशन में देरी और खराब गुणवत्ता के लिए क्षतिपूर्ति की मांग की है. साथ ही उन्होंने पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है और कहा कि  कंपनी ने उनके ब्रैंड वैल्यू का दुरुपयोग किया. युवराज ने बिल्डर पर एमओयू की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि शर्त के मुताबिक प्रॉजेक्ट को प्रमोट करने के लिए नवंबर 2023 के बाद उनका चेहरे का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था. बिल्डर की ओर से अभी भी उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल बिलबोर्ड्स, प्रॉजेक्ट साइट और आर्टिकल आदि में किया जा रहा है. जबकि एमओयू की अवधि खत्म हो चुकी है. इस पूरे मामले में कंपनी की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
 


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