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भतीजे के लिए फूफा की सेटिंग, 'मंत्री जी' पर सस्पेंस, पढ़ें नीट धांधली की पूरी कहानी
नीट परीक्षा में धांधली को लेकर बड़े खुलासे हो रहे हैं. गिरफ्तार अनुराग यादव ने पुलिस को कई बड़ी बातें बताई हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
NEET पेपर लीक को लेकर मचे बवाल के बीच अनुराग यादव ने बड़ा खुलासा किया है. उसने पुलिस को दिए अपने कबूलनामे में बताया है कि परीक्षा से एक दिन पहले उसे जो प्रश्न पत्र मिला, वही परीक्षा में आया और 100% प्रश्न वही थे. यादव के इस कबूलनामे ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यादव ने यह भी साफ किया है पेपर लीक कांड में वह अकेला शामिल नहीं था, बल्कि उसके फूफा ने पूरी सेटिंग करवाई थी. चलिए जानते हैं कि अनुराग यादव और उसका फूफा कौन हैं और कैसे लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया.
कोटा से बुलाया बिहार
अनुराग यादव बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है. वह राजस्थान के कोटा से नीट की तैयारी कर रहा था. अनुराग के फूफा सिंकदर यादवेंदु नगर परिषद दानापुर में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं. नीट की परीक्षा से पहले सिंकदर यादवेंदु ने अपने भतीजे अनुराग को फोन करके कोटा से बिहार आने को कहा. इसके बाद अनुराग बिहार पहुंच गया, जहां फूफा ने 4 मई 2024 की रात को उसे अमित आनंद, नीतीश कुमार नामक व्यक्तियों के पास छोड़ दिया. यहां उसे नीट की परीक्षा का प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका दी गई. अनुराग ने रात भर रट्टा मारा और दूसरे दिन परीक्षा में वही प्रश्न आए, जो उसे दिए गए थे.
इनका पर्चा भी हुआ लीक
अनुराग के फूफा और जूनियर इंजीनियर सिकंदर प्रसाद यादवेंदु ने स्वीकार किया है कि नीट पेपर लीक में वह भी शामिल है. उसका कहना है कि भतीजे अनुराग यादव के लिए उसने यह सब किया. सिंकदर ने अनुराग के अलावा, आयुष राज, शिवनंदन कुमार, अभिषेक कुमार की भी नीट एग्जाम में मदद की, उनके लिए पटना में रहने की व्यवस्था कराई. यादवेंदु ने यह भी बताया कि वो एक रैकेट के संपर्क में था, जिसने ना केवल NEET बल्कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षाओं के प्रश्न पत्र भी लीक किए थे.
कौन हैं 'मंत्री जी'?
नीट परीक्षार्थियों के ठहरने की व्यवस्था जिस गेस्ट हाउस में की गई थी, उसकी बिल बुक में किसी 'मंत्री जी' का भी उल्लेख है. 'मंत्री जी' ने ही कथित तौर पर अनुराग यादव और उसके सहयोगियों को रुकने का यहां इंतजाम किया था. यह गेस्ट हाउस पटना चिड़ियाघर और पटना एयरपोर्ट के नजदीक है. गेस्ट हाउस में जिन लोगों को पकड़ा गया है, उनके किसी प्रीतम नामक शख्स से जुड़े होने की बात सामने आई है. हालांकि, पुलिस अभी ये पता नहीं लगा पाई है कि 'मंत्री जी' कौन हैं. बिहार पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा.
क्या है पूरा मामला?
चलिए अब यह भी समझ लेते हैं कि आखिर पूरा मामला है क्या. नीट एग्जाम का रिजल्ट 4 जून को आया, जिसमें पहली बार 67 स्टूडेंट्स टॉपर बने. इन स्टूडेंट्स को 720 में से 720 अंक मिले. टॉपर्स की इस लिस्ट के सामने आने के बाद परीक्षा में धांधली की आशंका व्यक्त की गई. इस परीक्षा को कंडक्ट कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो NTA ने बताया कि ऐसा ग्रेस मार्क्स की वजह से हुआ है. कुछ एग्जाम सेंटर्स पर लॉस ऑफ टाइम की वजह से कुल 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं. टॉप 67 में से 44 अभ्यर्थियों को भी ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं. 13 जून को NTA ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वो ग्रेस मार्क्स रद्द करके इन छात्रों की परीक्षा दोबारा आयोजित कराएगी.
अब तक इतने गिरफ्तार
हालांकि, स्टूडेंट्स NTA के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, वे परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं. उनकी यह भी मांग है कि पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए. पुलिस ने इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं. पटना से कुल 13 लोग गिरफ्तार हुए हैं, जिनमें 4 छात्र शामिल हैं. पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पेपर लीक हुआ था और ऐसा करने वालों ने लाखों की कमाई की है. बता दें कि पिछले कुछ समय से पेपर लीक के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हो गया है.
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