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बायजू रवींद्रन के भाई ने ऐसा क्या कर दिया कि हर दिन भरना होगा 8.37 लाख का जुर्माना?
बायजू रवींद्रन परिवार की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं है. अब अमेरिकी अदालत से इस परिवार को बड़ा झटका लगा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
बायजू रवींद्रन (Byju Raveendran) और उनके परिवार के लिए समय अच्छा नहीं चल रहा है. रवींद्रन के भाई रिजू रवींद्रन (Riju Raveendran) के खिलाफ एक अमेरिकी अदालत ने कड़ी कार्रवाई की है. अदालत ने रिजू रवींद्रन को हर दिन 8.37 लाख रुपए जुर्माना भरने का आदेश दिया है. रिजू को ऐसा तब तक करना होगा जब तक कि 4,460 करोड़ रुपए का पता लगाने में मदद नहीं करते. दरअसल, एडटेक फर्म Byju’s की पेरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड पर अमेरिकी लेंडर्स के 4,460 करोड़ रुपए छिपाने का आरोप है. इसी को ध्यान में रखते हुए यूएस कोर्ट ने रिजू रवींद्रन पर हर दिन जुर्माने की कार्रवाई की है.
मुश्किलों में इजाफा
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, US बैंकरप्सी जज ब्रेंडन शैनन ने अपने आदेश में कहा है कि Byju’s के निलंबित निदेशक रिजू रवींद्रन को 4,460 करोड़ रुपए का पता नहीं लगने तक हर दिन 8.37 लाख रुपए के जुर्माने का भुगतान करना होगा. रिजू गायब कैश को लेकर लगभग दो साल पुरानी लड़ाई के केंद्र में रहे हैं. इस रकम को लेकर ऋणदाताओं का कहना है कि कंपनी द्वारा डिफॉल्ट किए जाने के बाद उन्हें यह वापस कर दिया जाना चाहिए. बता दें कि रवींद्रन एंड फैमिली पहले से ही मुश्किलों में घिरी है, ऐसे में अमेरिकी अदालत का ये आदेश उनकी मुश्किलों में और इजाफा कर देगा.
लगाया है ये आरोप
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2022 में अमेरिकी लेंडर्स से 10,040 करोड़ उधार लेने के 18 महीनों के अंदर ही Byju’s प्रमुख फाइनेंशियल रिपोर्टिंग डेडलाइंस को पूरा करने से चूक गई थी. इसके बाद उसके कार्यालयों पर भारतीय रेगुलेटर्स की ओर से छापे पड़े और अमेरिकी ऋणदाताओं ने कंपनी पर कर्ज के भुगतान में चूक (डिफ़ॉल्ट)का आरोप लगाया. तब से बायजू अमेरिका में स्थापित एक शेल कंपनी Byju’s Alpha Inc. से 4,460 करोड़ रुपए धोखाधड़ी से ट्रांसफर करने के आरोप का सामना कर रही है.
यहां भी फंस गया मामला
उधर, नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने बायूज के फाउंडर बायजू रवींद्रन और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बीच 158 करोड़ रुपए के सेटलमेंट को हरी झंडी देने से फिलहाल इंकार कर दिया है. इसकी वजह कंपनी के अमेरिकी कर्जदाताओं के आरोप हैं. बायजू के यूएस लेंडर्स ने इस सेटलमेंट में गड़बड़ी का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इसका भुगतान चुराए गए पैसों से किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने NCLAT से इस समझौते को खारिज करने का भी अनुरोध किया है. NCLAT ने बायजू रवींद्रन से यह अंडरटेकिंग देने को कहा है कि पैसा किसी गड़बड़ी वाले सोर्स से हासिल नहीं किया गया है.
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