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योगी आज लेंगे कुछ बड़े फैसले, अब इन जिलों में लागू होगी कमिश्नरेट प्रणाली!
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कानून व्यवस्था पर खासा जोर दे रही है. इसी के तहत आज कुछ बड़े फैसले हो सकते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
उत्तर प्रदेश सरकार आज कुछ बड़े फैसले ले सकती है. सूत्रों के अनुसार, आज होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में गोरखपुर और बरेली में भी पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने पर फैसला हो सकता है. अभी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, नोएडा, गाज़ियाबाद में कमिश्नरेट सिस्टम है. अब गोरखपुर और बरेली के कुल 9 जनपदों को इसके दायरे में लाया जा सकता है.
कानून व्यवस्था पर जोर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में गोरखपुर और बरेली में भी पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसे मंजूरी मिल सकती है. दरअसल, सरकार उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और कमिश्नरेट प्रणाली उसी का हिस्सा है. बता दें कि पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस अधिकारियों को मजिस्ट्रेट पावर भी मिल जाती है. इससे कानून-व्यवस्था से जुड़े तमाम मुद्दों पर पुलिस कमिश्नर निर्णय ले सकते हैं.
मिलते हैं कई अधिकार
पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम, पुलिस प्रणाली अधिनियम, 1861 पर आधारित है. इस व्यवस्था ले लागू होने के बाद पुलिस को डीएम के आदेश का इंतजार नहीं करना पड़ता. क्योंकि डीएम के कई अधिकार पुलिस कमिश्नर को मिल जाते हैं. इस प्रणाली में पुलिस किसी भी हालात में कानून व्यवस्था से जुड़े सभी निर्णय ले सकती है. पुलिसकर्मियों तबादले से लेकर लाठी चार्ज या फायरिंग के आदेश भी खुद पुलिस कमिश्नर दे सकते हैं. सामान्य पुलिस व्यवस्था में डीएम को कानून-व्यवस्था संबंधी कई अधिकार मिलते हैं, लेकिन पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली में ये अधिकार डीएम की बजाय सीधे पुलिस कमिश्नर को मिल जाते हैं.
ऐसी होती है व्यवस्था
इस प्रणाली में ADG रैंक का अधिकारी पुलिस आयुक्त यानी पुलिस कमिश्नर होता है, जो प्रणाली का सर्वोच्च पद है. इसके बाद IG रैंक के अधिकारी को संयुक्त पुलिस आयुक्त या जॉइंट पुलिस कमिश्नर बनाया जाता है. जबकि DIG रैंक के अफसर अपर पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी संभालते हैं. पुलिस कमिश्नरेट वाले जनपदों को अलग-अलग जोन में बांटा जाता है. इसके बाद प्रत्येक जोन में SSP/SP रैंक के अधिकारी को पुलिस उपायुक्त (Deputy Commissioner) नियुक्त किया जाता है.
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