होम / कोर्ट कचहरी / ग्रैविटॉन रिसर्च पर टैक्स डिपार्टमेंट का छापा: HFT सेक्टर में बड़ी कार्रवाई

ग्रैविटॉन रिसर्च पर टैक्स डिपार्टमेंट का छापा: HFT सेक्टर में बड़ी कार्रवाई

इस छापेमारी में जैनम ब्रोकिंग, सनफ्लावर ब्रोकिंग, आरके ग्लोबल, स्टॉको (SAS ऑनलाइन) सहित लगभग दर्जन भर ब्रोकरस् का नाम शामिल है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago

पलक शाह

सोमवार को भारत के कर अधिकारियों ने कई शहरों में व्यापक कार्रवाई शुरू की, जिसमें देश की कुछ सबसे ताकतवर नई पीढ़ी की ट्रेडिंग फर्मों और अन्य ब्रोकर्स को निशाना बनाया गया. इस कार्रवाई के केंद्र में था ग्रैविटॉन रिसर्च कैपिटल एलएलपी, जो गुरुग्राम स्थित हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग (HFT) की अग्रणी कंपनी है और भारत की अल्ट्रा-फास्ट ट्रेडिंग क्रांति का पर्याय बन चुकी है.

जांच से परिचित सूत्रों के अनुसार, कर अधिकारियों ने कथित हेजिंग स्ट्रक्चर्स के दुरुपयोग की जांच के तहत गुरुग्राम के साइबर सिटी स्थित ग्रैविटॉन के मुख्यालय पर छापा मारा. सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी संभवतः चंडीगढ़ यूनिट द्वारा की गई.

2014 में IIT दिल्ली के पूर्व छात्र अंकित गुप्ता और निशिल गुप्ता द्वारा स्थापित ग्रैविटॉन, भारत की सबसे बड़ी घरेलू HFT कंपनी बन गई है. कंपनी की फाइलिंग्स के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में इसका राजस्व ₹4,960 करोड़ रहा और FY23 में इसका मुनाफा ₹600 करोड़ से अधिक था, जो वित्तीय सेवा क्षेत्र में सबसे तेज़ वृद्धि में से एक है. इसके कर्मचारियों की संख्या पिछले वर्ष में लगभग 40% बढ़कर 426 हो गई, जिसमें भारत और विदेश के शीर्ष इंजीनियरिंग व क्वांटिटेटिव विश्वविद्यालयों से प्रतिभाएं शामिल हैं.

ग्रैविटॉन का गुरुग्राम स्थित मुख्यालय एक खुला कार्यस्थल है, जहां कोडर्स, गणितज्ञ और प्रॉप ट्रेडर्स लगातार सक्रिय रहते हैं. यह स्थान भारत के सबसे प्रतिभाशाली क्वांट्स के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां इंजीनियरों को ₹50–70 लाख के पैकेज मिलते हैं, जबकि वरिष्ठ क्वांट एनालिस्ट्स ₹1 करोड़ से अधिक कमा रहे हैं. यहां तक कि विश्व के प्रतिष्ठित संस्थानों से आने वाले समर इंटर्न्स को भी ₹10–12 लाख प्रति माह तक का स्टाइपेंड दिए जाने की खबरें हैं.

कंपनी की "आइडिया-ओवर-हाइरार्की" संस्कृति और अल्ट्रा-लो लेटेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स ने इसे टॉप टैलेंट के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बना दिया है. यही कारण है कि यह फर्म अक्सर टावर रिसर्च और सिटाडेल जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनियों से भी विशेषज्ञों को अपनी ओर आकर्षित करती है.

हालांकि, वही गोपनीयता और तकनीकी नवाचार जो ग्रैविटॉन की ताकत रहे हैं, अब नियामकीय निगरानी का कारण बनते नजर आ रहे हैं.

ऑफशोर प्रॉफिट शफल

जांचकर्ता कई ब्रोकर्स की जांच कर रहे हैं, जिन पर लाभ–हानि ट्रांसफर मैकेनिज्म अपनाने का आरोप है, एक ऐसा तरीका जिसकी लंबे समय से भारत के डेरिवेटिव बाजार के कुछ हिस्सों में संदेह किया जाता रहा है. कर अधिकारियों के अनुसार, इस मॉडल में एक पक्षीय ट्रेड भारत में निष्पादित किया जाता है ताकि स्थानीय रूप से हानि दिखाई जा सके, जबकि उसी के विपरीत ट्रेड CME, ICE या SGX जैसे विदेशी एक्सचेंजों पर करके कम टैक्स वाले देशों में मुनाफा दिखाया जाता है.

इन ट्रेड्स को अक्सर "हेज" के रूप में प्रस्तुत किया जाता है लेकिन उनमें असली आर्थिक तर्क की कमी होती है, अधिकारियों ने कहा, जिससे मुनाफा विदेशों में भेजा जा सकता है जबकि भारत की बुक्स में कर योग्य आय कम दिखती है. एक सूत्र ने कहा, “यह हेजिंग नहीं है, यह टैक्स सिस्टम का आर्बिट्राज है.”

उन्होंने आगे कहा कि यह चलन विशेष रूप से कमोडिटी डेरिवेटिव्स खासकर क्रूड ऑयल और गोल्ड में अधिक देखा गया है, जहां पोजीशन MCX और विदेशी एक्सचेंजों के बीच मिरर की जाती हैं.

हालांकि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) एल्गोरिदमिक रणनीतियों और विदेशी एक्सपोजर पर निगरानी कड़ी कर रहा है, लेकिन कर विभाग ने कथित रूप से इस सेक्टर पर वर्षों से डोजियर तैयार किया है. सूत्रों के अनुसार, सोमवार के छापे ऐसे ट्रेड के “क्रॉस-बॉर्डर हिस्से” को निशाना बनाने वाली पहली समन्वित कार्रवाई है.

बता दें, ग्रैविटॉन पर भी इन्हीं आरोपों के तहत जांच की जा रही है या किसी अन्य कारण से, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है.

व्यापक कार्रवाई: ब्रोकर्स और बाजार मध्यस्थ

यह कार्रवाई केवल ग्रैविटॉन तक सीमित नहीं रही. जैनम ब्रोकिंग, सनफ्लावर ब्रोकिंग, आरके ग्लोबल और स्टॉको (SAS ऑनलाइन) सहित अन्य फर्मों पर भी छापे मारे गए, जहां जांचकर्ताओं ने सर्वर और ट्रेड लॉग्स जब्त किए ताकि कथित सर्कुलर ट्रेडिंग और क्रिप्टो से जुड़ी फंडिंग का पता लगाया जा सके.

इन मिड-टियर ब्रोकरेज फर्मों की खाता पुस्तकों, प्रविष्टियों और ट्रेडिंग सिस्टम की जांच की जा रही है, जो डेरिवेटिव्स और कमोडिटीज में सक्रिय हैं.

उद्योग के दिग्गज निगरानी में

यह छापेमारी SEBI की जुलाई 2025 में अमेरिका स्थित जेन स्ट्रीट पर की गई हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद आई है, जिसे बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में एक्सपायरी-डे की कीमतों में हेरफेर कर ₹4,800 करोड़ से अधिक का अवैध लाभ कमाने का आरोपी बनाया गया था. नियामक के 105 पन्नों के आदेश में “आक्रामक मॉर्निंग परचेज़ और ईवनिंग रिवर्सल्स” का विवरण था, जो खुदरा निवेशकों के नुकसान की कीमत पर कीमतों को विकृत करने के लिए डिजाइन किए गए थे.

इस घटना ने वैश्विक HFT इकोसिस्टम को झकझोर दिया और भारतीय बाजारों में विदेशी एल्गो भागीदारी की व्यापक समीक्षा की शुरुआत की.

इसके बाद SEBI और कर विभाग ने उन घरेलू खिलाड़ियों की ओर ध्यान दिया है जिनकी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति है, खासकर वे जो GIFT सिटी से काम कर रहे हैं, जहां ट्रेड पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और स्टांप ड्यूटी से छूट मिलती है.

एल्गो बूम, नियामकीय कार्रवाई

गुरुग्राम का साइबर सिटी चुपचाप भारत की HFT राजधानी बन चुका है, जहां टावर रिसर्च कैपिटल, अल्फाग्रेप सिक्योरिटीज, क्वाडआई सिक्योरिटीज़, जंप ट्रेडिंग और आईरेजकैपिटल जैसी वैश्विक ट्रेडिंग कंपनियों के कार्यालय हैं. ये फर्म हजारों क्वांट्स और सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को रोजगार देती हैं, जिनके वेतन सिलिकॉन वैली के पैमानों से मेल खाते हैं.

लेकिन जब मुनाफा माइक्रोसेकंड्स में गिना जा रहा हो और ट्रेड महाद्वीपों के पार हो रहे हों, तो नियामकों के लिए गति बनाए रखना मुश्किल हो गया है. अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान छापेमारी एक ऐसे उद्योग में पारदर्शिता लाने का प्रयास है, जिसकी गतिविधियाँ अब तक धुंधली रही हैं.

एक पूर्व नियामक अधिकारी ने कहा, “यह केवल एक फर्म की बात नहीं है. एल्गोरिदमिक और ऑफशोर ट्रेड्स के पूरे इकोसिस्टम की गहन जांच की जरूरत है. उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत के बाजारों में की गई गतिविधियों से जो लाभ कमाया जाए, उस पर वहीं कर लगाया जाए जहां वह उत्पन्न हुआ है.”

क्या खत्म होगा एल्गो का फ्री रन?

लगभग एक दशक से भारत का HFT इकोसिस्टम छाया में काम करता रहा है , इसकी गति की सराहना की गई, लेकिन इसकी जटिलता की शायद ही कभी जांच हुई. SEBI का जेन स्ट्रीट ऑर्डर और उसके बाद हुई IT छापेमारी एक निर्णायक मोड़ है.

संभवतः सर्वर क्लोनिंग और फॉरेंसिक ऑडिट के साथ, अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि उनका यह हमला उस चीज़ को रोकने में मदद करेगा जिसे वे “आधुनिक बाजार इतिहास की सबसे बड़ी राजस्व क्षति” कह रहे हैं.

अब अनियंत्रित गति का युग खत्म हो सकता है, और जवाबदेही का युग शुरू हो रहा है.

(इस स्टोरी में जिन सभी ब्रोकर्स का नाम लिया गया है, उन्हें ईमेल भेजे गए थे. फिलहाल उनकी प्रतिक्रियाएं हमें नहीं मिली हैं, लेकिन जैसे ही मिलती हैं. उन्हें इस रिपोर्ट में जोड़ दिया जाएगा.)

पलक शाह, BW रिपोर्ट्स

(पलक शाह एक अनुभवी खोजी पत्रकार हैं और *The Market Mafia: Chronicle of India’s High-Tech Stock Market Scandal & The Cabal That Went Scot-Free के निडर लेखक हैं. मुंबई में लगभग दो दशकों की ग्राउंड रिपोर्टिंग के अनुभव के साथ, पालक ने खुद को एक अडिग सच की खोज करने वाले पत्रकार के रूप में स्थापित किया है, जो पैसे, सत्ता और नियमन के गठजोड़ की तहों में गहराई तक जाते हैं. उनके लेख भारत के सबसे प्रतिष्ठित वित्तीय अखबारों जैसे The Economic Times, Business Standard, The Financial Express और The Hindu Business Line में प्रकाशित हुए हैं जहां उनकी तीखी रिपोर्टिंग ने नरेटिव गढ़े और कॉर्पोरेट बोर्डरूम्स को हिला कर रख दिया.

19 साल की उम्र में ही अपराध पत्रकारिता की ओर खिंचाव महसूस करने वाले पालक ने जल्द ही समझ लिया कि 1980 के दशक के मुंबई के गिरोह युद्ध अब एक और अधिक चिकने, लेकिन कहीं अधिक खतरनाक संगठित अपराध यानी कॉर्पोरेट टावरों में रची जाने वाली सफेदपोश साजिशों में बदल चुके हैं. यह अहसास ही उन्हें फाइनेंशियल जर्नलिज्म की ओर ले गया, जहां उन्होंने भारत की ‘सफेद धन’ अर्थव्यवस्था की जटिल चालों को वर्षों तक समझा और उजागर किया है. शेयर बाजार में हेरफेर से लेकर नियामक खामियों तक, पलक का काम हाई-फाइनेंस की चमक-दमक से पर्दा हटाकर दिखाता है कि असली धागे खींच कौन रहा है.)

 

 

 

 

 

 

 

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

NEET-UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर रोक बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के फैसले को दी मंजूरी

NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है. ऐसे में सरकार ने किसी भी संभावित पेपर लीक या परीक्षा संबंधी अनियमितता को रोकने के लिए टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया था. यह प्रतिबंध 22 जून तक लागू रहेगा.

2 hours ago

यस बैंक लोन असाइनमेंट मामले में ED का एक्शन, पूर्व कर्मचारी जांच के घेरे में; 17 ठिकानों पर छापेमारी

इस मामले में ED दिल्ली, मुंबई और खंडाला में एक साथ रेड, लोन ट्रांजैक्शंस में वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है.

2 days ago

लाल किला विस्फोट मामले में NIA का आरोपपत्र दाखिल, अल-कायदा की साजिश का दावा

एनआईए का कहना है कि यह नेटवर्क देश में बड़े पैमाने पर हमलों की योजना बना रहा था, लेकिन समय रहते इसे रोक दिया गया. अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

16-May-2026

ईडी का बड़ा एक्शन: फर्जी GST बिल मामले में पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा गिरफ्तार

सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई कथित फर्जी GST खरीद, मनी लॉन्ड्रिंग और निर्यात से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की गई.

09-May-2026

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच में रिलायंस के दो पूर्व अधिकारियों को किया गिरफ्तार

ईडी ने अपनी जांच में पाया कि अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कंपनियों ने कथित रूप से 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग की.

16-April-2026


बड़ी खबरें

ग्रोसरी बाजार में बड़ी एंट्री, मीशो ने 202 करोड़ रुपये में खरीदा किराना क्लब

कंपनी का मानना है कि यह सौदा उसे विभिन्न रिटेल सेगमेंट्स में अपने B2B कारोबार का विस्तार करने में मदद करेगा.

2 hours ago

अब UPI और ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा, जून के अंत तक शुरू हो सकती है नई सुविधा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सदस्य क्लेम की स्वीकृत राशि सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त कर सकेंगे और फिर जरूरत पड़ने पर ATM से नकदी निकाल सकेंगे.

21 minutes ago

सरकारी खजाना हुआ मालामाल, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 5.21 लाख करोड़ रुपये के पार

सरकार ने इस अवधि के दौरान करदाताओं को 89,026 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड जारी किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.19 प्रतिशत अधिक है. इसके बावजूद शुद्ध कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.

1 hour ago

NEET-UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर रोक बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के फैसले को दी मंजूरी

NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है. ऐसे में सरकार ने किसी भी संभावित पेपर लीक या परीक्षा संबंधी अनियमितता को रोकने के लिए टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया था. यह प्रतिबंध 22 जून तक लागू रहेगा.

2 hours ago

भारत फोर्ज की अमेरिकी रक्षा कंपनी से बड़ी डील, मिलकर बनाएंगी 155mm मोबाइल तोप

फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित यूरोसैटरी डिफेंस एक्सपो के दौरान इस साझेदारी पर मुहर लगी. समझौते का उद्देश्य दुनियाभर की सेनाओं के लिए अत्याधुनिक 155mm मोबाइल आर्टिलरी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है.

4 hours ago