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बायजू के सुकून पर सुप्रीम कोर्ट का पहरा, BCCI संग सेटलमेंट पर लगाई रोक 

सुप्रीम कोर्ट से बायजू को झटका लगा है. अदालत ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के साथ उसके सेटलमेंट पर रोक लगा दी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

एडटेक कंपनी बायजू (Byju's) की मुश्किलें खत्म होने के बजाये बढ़ती जा रही हैं. कंपनी जैसे-तैसे BCCI को सेटलमेंट के लिए तैयार करके दिवालिया कार्रवाई से बच निकलने में सफल हुई थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने उस 'सफलता' पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के  अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने BCCI के साथ बायजू के 158.9 करोड़ रुपए के बकाया के सेटलमेंट को मंजूर करने वाले दिवाला अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले पर रोक लगा दी है.

बायजू को भेजा नोटिस
इसके साथ ही चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की खंडपीठ ने बायजू के खिलाफ दिवाला कार्यवाही को रद्द करने के नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के आदेश पर भी रोक लगा दी है. इतना ही नहीं, अदालत ने NCLAT के फैसले के खिलाफ अमेरिकी लेंडर ग्लास ट्रस्ट की याचिका पर बायजू को नोटिस भी जारी किया है. मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश भी दिया कि BCCI को समझौते के तहत बायजू से मिले 158.9 करोड़ रुपए एक अलग खाते में रखे जाएं. गौरतलब है कि BCCI और बायजू का प्रयोजन की बकाया राशि को लेकर विवाद चल रहा था. 

हमारा पक्ष भी सुना जाए
बायजू को उस वक्त थोड़ी राहत मिली थी जब NCLAT ने 2 अगस्त को बीसीसीआई के साथ उसके 158.9 करोड़ के बकाया समझौते को मंजूरी दे दी थी. इसके साथ ही बायजू के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही को भी रद्द कर दिया था. वहीं, कंपनी के फाउंडर बायजू रवींद्रन सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट दायर किया है. इस कैविएट में अनुरोध किया गया है कि अमेरिकी लेंडर द्वारा दायर याचिका पर कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसका पक्ष भी सुना जाए. बता दें कि कैविएट आवेदन वादी द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए दाखिल किया जाता है कि उसका पक्ष सुने बिना उसके विरुद्ध कोई आदेश पारित न किया जाए.

क्या है अमेरिका का मामला?
बायजू के अमेरिकी कर्जदाताओं ने BCCI के साथ इस सेटलमेंट में गड़बड़ी का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि इसका भुगतान चुराए गए पैसों से किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने NCLAT से इस समझौते को खारिज करने का भी अनुरोध किया था. र्म  Byju’s की पेरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड पर अमेरिकी लेंडर्स के  4,460 करोड़ रुपए छिपाने का आरोप है. इसी को चुराए गए पैसे कहा जा रहा है. एक रिपोर्ट बताती है कि 2022 में अमेरिकी लेंडर्स से 10,040 करोड़ उधार लेने के 18 महीनों के अंदर ही Byju’s प्रमुख फाइनेंशियल रिपोर्टिंग डेडलाइंस को पूरा करने से चूक गई थी. इसके बाद अमेरिकी ऋणदाताओं ने कंपनी पर कर्ज के भुगतान में चूक (डिफ़ॉल्ट)का आरोप लगाया. तब से बायजू अमेरिका में स्थापित एक शेल कंपनी Byju’s Alpha Inc से 4,460 करोड़ रुपए धोखाधड़ी से ट्रांसफर करने का आरोप का सामना कर रही है.


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