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कविता को बेल, तेलंगाना के पूर्व CM की बेटी का दिल्ली शराब घोटाले से कैसे जुड़ा कनेक्शन?
प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े एक मामले में BRS लीडर के. कविता को जमानत दे दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े एक मामले में के. कविता (K Kavitha) को सुप्रीम कोर्ट ने 'सुप्रीम' राहत प्रदान की है. अदालत ने आज यानी मंगलवार को भारत राष्ट्र समिति (BRS) लीडर के. कविता को ईडी और सीबीआई द्वारा दर्ज केस में जमानत दे दी. कोर्ट ने दोनों केस में 10-10 लाख रुपए के बॉन्ड पर उन्हें जमानत दी है. जमानत की शर्तों के तहत BRS लीडर को अपना पासपोर्ट निचली अदालत के पास जमा करना होगा.
5 महीने से जेल में बंद
दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (CBI) ने के. कविता के खिलाफ केस दर्ज किया है. सुप्रीम कोर्ट ने BRS लीडर की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि कविता पांच महीने से जेल में बंद हैं. केस में 493 गवाह और 50000 दस्तावेज हैं. ऐसे में जल्द ट्रायल पूरा होने की उम्मीद नहीं है. कानून में महिलाओं के लिए जमानत के संबंध में विशेष बर्ताव का प्रावधान है. इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के जमानत ना देने के फैसला को रद्द कर दिया.
साक्ष्य पेश करें एजेंसियां
इस दौरान कोर्ट ने ED और सीबीआई से कहा कि वे शराब घोटाले में कविता की संलिप्तता सिद्ध करने के लिए साक्ष्य पेश करें. कविता की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने इस तर्क के साथ जमानत मांगी कि पहले ही दो जांच एजेंसियों ने उनके मुवक्किल के खिलाफ जांच पूरी कर ली है. अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए कविता को बेल पर मुहर लगा दी. बता दें कि के. कविता को इसी साल मार्च में ED ने गिरफ्तार किया था. इसके बाद सीबीआई ने भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया था.
कैसे सामने आया नाम?
के. कविता तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी हैं. दिल्ली के कथित शराब घोटाले से उनके कनेक्शन को लेकर ईडी का दावा है कि कविता शराब कारोबारियों की 'साउथ ग्रुप' लॉबी से कनेक्टेड हैं. इस ग्रुप ने दिल्ली सरकार की 2021-22 की शराब नीति (एक्साइज पॉलिसी) में बड़ी भूमिका निभाई थी. जांच एजेंसी का दावा है कि शराब घोटाले के आरोपी विजय नायर को कथित रूप से 100 करोड़ रुपए की रिश्वत साउथ ग्रुप से ही मिली थी, जिसे संबंधित लोगों उपलब्ध कराया गया. ईडी हैदराबाद के कारोबारी अरुण रामचंद्रन पिल्लई और कविता का आमना-सामना भी करवा चुकी है. पिल्लई को कविता का करीबी माना जाता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, अरुण रामचंद्रन ने पूछताछ में बताया था कि कविता और आम आदमी पार्टी के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत 100 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ और कविता की कंपनी 'इंडोस्पिरिट्स' को दिल्ली के शराब कारोबार में एंट्री मिली.
क्या है 'साउथ ग्रुप'?
पिछले साल फरवरी में CBI ने बुचीबाबू गोरंतला नामक व्यक्ति को इस मामले में गिरफ्तार किया था. ED ने भी बुचीबाबू से का बयान दर्ज किया था. माना जाता है कि बुचीबाबू कविता का अकाउंट संभाला करता था. ED के मुताबिक, 'साउथ ग्रुप' दक्षिण के राजनेताओं, कारोबारियों और नौकरशाहों का समूह है. इसमें सरथ रेड्डी, एम. श्रीनिवासुलु रेड्डी, उनके बेटे राघव मगुंटा और कविता शामिल हैं. जबकि इस ग्रुप का प्रतिनिधित्व अरुण पिल्लई, अभिषेक बोइनपल्ली और बुचीबाबू ने किया था, तीनों को ही शराब घोटाले में गिरफ्तार किया जा चुका है. ED ने इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल , दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को भी गिरफ्तार किया था. सिसोदिया और संजय सिंह को पहले ही जमानत मिल चुकी है.
क्या है शराब घोटाला?
दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने 17 नवंबर 2021 को एक्साइज पॉलिसी 2021-22 लागू की थी. नई नीति के तहत, सरकार शराब कारोबार से बाहर आ गई और पूरी दुकानें निजी हाथों में सौंप दी गईं. सरकार का दावा था कि नई शराब नीति से माफिया राज पूरी तरह खत्म हो जाएगा और उसके रिवेन्यु में बढ़ोतरी होगी. हालांकि, ये नीति शुरू से ही विवादों में रही. जब बवाल ज्यादा बढ़ गया तो 28 जुलाई 2022 को केजरीवाल सरकार ने इसे रद्द करने का फैसला लिया. इस कथित शराब घोटाले का खुलासा 8 जुलाई 2022 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव नरेश कुमार की रिपोर्ट से हुआ था. तब से अब तक ED और सीबीआई इस मामले में कार्रवाई कर रही हैं.
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