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सूर्या टीवी पारिवारिक विवाद: दयानिधि मारन का भाई कलानिधि पर बड़ा आरोप, भेजा कानूनी नोटिस
डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने भाई कलानिधि मारन पर धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और शेयर हड़पने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
डीएमके सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन ने अपने भाई और सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड के चेयरमैन कलानिधि मारन को एक सख्त कानूनी नोटिस भेजा है. 10 जून 2025 को जारी यह नोटिस नागरिक, आपराधिक, नियामक और प्रवर्तन कार्यवाही की चेतावनी देता है, यदि कंपनी की शेयरहोल्डिंग को 2003 की मूल स्थिति में बहाल नहीं किया गया. यह नोटिस अक्टूबर 2024 में भेजे गए पहले नोटिस के बाद जारी हुआ है.
परिवार की संपत्ति पर धोखाधड़ी का आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दयानिधि मारन द्वारा भेजे गए इस नोटिस में आरोप है कि कलानिधि मारन ने परिवार की संपत्तियों और कंपनी के नियंत्रण को अपने पक्ष में करने के लिए धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों का सहारा लिया. इसमें कहा गया है कि वर्ष 2003 में, जब उनके पिता मुरासोली मारन गंभीर रूप से बीमार थे, उस समय पारिवारिक संकट का फायदा उठाकर कलानिधि ने साजिश रची और सितंबर 2003 में पहला अवैध कदम उठाया.
शेयर आवंटन में अनियमितता
नोटिस के अनुसार, 15 सितंबर 2003 को कलानिधि ने खुद को 12 लाख शेयर सिर्फ 10 रुपये प्रति शेयर की दर से आवंटित किए, जबकि उस समय शेयरों की बाजार कीमत 2,500 से 3,000 रुपये के बीच थी. यह कार्य बिना किसी वैध कानूनी दस्तावेज या पारिवारिक सहमति के किया गया और इससे मूल परिवार की हिस्सेदारी 50% से घटकर मात्र 20% रह गई.
मालिकी में भारी फेरबदल
नोटिस में कहा गया है कि इस प्रक्रिया के बाद कलानिधि मारन बहुमत मालिक बन गए और वर्तमान में वह सूचीबद्ध सन टीवी नेटवर्क में 75% हिस्सेदारी रखते हैं. उनके पास लगभग $2.9 बिलियन की संपत्ति है.
SFIO से जांच की मांग
दयानीधि ने गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) से इस पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है. नोटिस में यह भी कहा गया है कि 12 लाख शेयरों की वास्तविक कीमत लगभग ₹3,500 करोड़ थी, जबकि उन्हें केवल ₹1.2 करोड़ में आवंटित किया गया, जो मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक विश्वासघात का मामला बनता है. नोटिस में आगे आरोप लगाया गया है कि कलानिधि मरन ने इन अवैध रूप से प्राप्त शेयरों से 2023 में ₹5,926 करोड़ और 2024 में ₹455 करोड़ के लाभांश प्राप्त किए.
आरएचपी में गलत जानकारी
कानूनी नोटिस में 2006 के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में दी गई जानकारी को भी झूठा और भ्रामक बताया गया है. उसमें यह दावा किया गया था कि मल्लिका मारन को 31 दिसंबर 2005 तक ₹10.64 करोड़ का लाभांश मिला था, जबकि ऐसा कोई भुगतान नहीं हुआ था.
अवैध आय से संपत्तियों का अधिग्रहण
नोटिस में आरोप है कि कलानिधि ने मनी लॉन्ड्रिंग से प्राप्त राशि का उपयोग Sun Direct TV Pvt Ltd, Kal Radios Pvt Ltd, Kal Airways Pvt Ltd, Kal Publications Pvt Ltd, Sunrisers Hyderabad, South Asian FM, Sun Pictures, एक क्रिकेट टीम (दक्षिण अफ्रीका), एक टीम (यूके) और SpiceJet जैसी कंपनियों के अधिग्रहण में किया.
संपत्ति वापसी की मांग
दयानीधि मारन की ओर से यह भी मांग की गई है कि कलानिधि और उनकी पत्नी कावेरी मारन 15 सितंबर 2003 की स्थिति के अनुसार सभी शेयरों को वैध उत्तराधिकारियों यानी एम.के. दयालु और स्व. एस.एन. मरन के वारिसों को लौटाएं. साथ ही, 2003 से अब तक प्राप्त सभी लाभ, संपत्तियां और आय भी तत्काल वापस की जाएं.
पहले नोटिस का अस्पष्ट जवाब
दयानीधि ने आरोप लगाया कि 7 अक्टूबर 2024 को भेजे गए पहले नोटिस के जवाब में कलानिधि ने अस्पष्ट जवाब दिया और बाद में अपनी बहन अन्बुकरसी को समझौते के तहत ₹500 करोड़ का भुगतान किया. सूत्रों के मुताबिक यह एक “व्यक्तिगत मामला” माना जा रहा है और इसका सन टीवी के संचालन पर तत्काल कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है.
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