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कहानी Crypto Queen की, जिसे पकड़ना 'डॉन' की तरह मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो गया 

बॉलीवुड फिल्म का एक डायलॉग है - डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है. रुजा इग्नातोवा पर यह पूरी तरह से लागू होता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

क्रिप्टो की दुनिया में धोखाधड़ी आम बात है. धोखाधड़ी के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन रुजा इग्नातोवा (Ruja Ignatova) के जिस तरह से क्रिप्टो के नाम पर लोगों को चूना लगाया वह अपनी तरह का नया और अनोखा मामला था. इसीलिए उसे क्रिप्टो क्वीन (Crypto Queen) कहा जाता है. 2022 में अमेरिका ने रुजा इग्नाटोवा को मोस्ट वाटेंड लिस्ट में डाल दिया था. उस पर करीब 1,00,000 डॉलर का इनाम भी है. हालांकि, सालों बात भी उसका कोई पता नहीं चल पाया है. उसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.  

4 अरब डॉलर का फ्रॉड
अमेरिकी एजेंसी FBI सालों से रुजा इग्नातोवा की तलाश कर रही है. क्रिप्टो क्वीन पर दुनिया भर में करीब 4 अरब डॉलर का फ्रॉड करने का आरोप है. उसने क्रिप्टो करंसी में निवेश के नाम पर लोगों को चूना लगाया और फरार हो गई. एफबीआई को शक है कि इग्नातोवा भेष बदलकर, एजेंसियों को झांसा दे रही है. हालांकि, हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बुल्गारिया के एक टॉप माफिया सरगना हिरिस्टोफोरोस निकोस अमानाटिडिस ने क्रिप्टो क्वीन की हत्या कर दी है. लेकिन इस संबंध में कोई सबूत अब तक सामने नहीं आया है, इसलिए इस दावे पर यकीन करना मुश्किल है. 

इस तरह बिछाया जाल
क्रिप्टो करेंसी पिछले कुछ वक्त में काफी फेमस हो गई है. बेहतर रिटर्न की आस में बड़े पैमाने पर लोगों ने इसमें निवेश किया है. इसी 'आस' को रुजा इग्नातोवा ने अपना हथियार बनाया. उसने वन कॉइन लिमिटेड नाम की एक स्कीम लॉन्च की. रुजा का दावा था कि उसकी क्रिप्टो बिटकॉइन को भी पीछे छोड़ देगी. उसने नए मेंबर जोड़ने वालों को कमीशन देना शुरू किया. धीरे-धीरे दुनियाभर के 100 से ज्यादा देशों के लोगों ने वनकॉइन में निवेश किया. अमेरिकी सरकार ने वन कॉइन को दुनिया के सबसे बड़े फ्रॉड में से एक करार दिया है. वन कॉइन की कीमतें हमेशा से ही फर्जी तरीके से तय की गईं. जहां बिटकॉइन की कीमतें में उतार-चढ़ाव आता रहता था, वहीं, वन कॉइन की कीमत में लगातार बढ़ती गईं.  

फर्जी एक्सचेंज बनाया
वन कॉइन का कभी भी किसी सार्वजनिक एक्सचेंज पर कारोबार नहीं हुआ. इग्नातोवा ने इसके कारोबार के लिए एक निजी एक्सचेंज 'एक्सकॉइनएक्स' बनाया था. इस एक्सचेंज को ऐसे डिजाइन किया गया था कि निवेशक जल्दी से अपने पैसे न निकाल पाएं. उदाहरण के तौर पर यदि आपके पास 1000 वन कॉइन थे तो आप एक दिन में लेवल 15  ही बेच सकते थे. जनवरी 2017 से एक्सकॉइनएक्स अक्सर रखरखाव के नाम पर बंद रहा, जिससे वन कॉइन को बेचना लगभग असंभव हो गया था. 

संकेत नहीं समझे निवेशक
रुजा दुनिया भर में घूम-घूमकर सेमिनार करती और लोगों को वन कॉइन में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करती. वह उन्हें भरोसा दिलाती कि वन कॉइन की कीमत जल्द ही आसमान छूएगी. यानी बड़े-बड़े दावे/वादे. निवेशकों को ऐसे में सतर्क हो जाना चाहिए था, लेकिन वो नहीं हुए. जब भी कोई कंपनी या व्यक्ति बड़े-बड़े दावे करे, ज्यादा ही सुनहरे सपने दिखाए, तो सावधान होना ज़रूरी है, ये संकेत है कि कुछ गलत होने वाला है. वैसे भी क्रिप्टो के नाम पर आजकल धोखेबाजी ज्यादा होने लगी है. इसलिए सोच-समझकर, दिमाग लगाकर निवेश करें, वरना आप भी किसी ‘क्वीन’ के जाल में फंस जाएंगे.

प्लास्टिक सर्जरी का शक 
रुजा इग्नातोवा के पास दौलत की कोई कमी नहीं है. लिहाजा, FBI को शक है कि वो प्लास्टिक सर्जरी कराकर हमेशा के लिए उसकी नज़रों से ओझल हो सकती है. जांच एजेंसी को यह आशंका भी है कि वो जर्मन पासपोर्ट के जरिए यूएई, बुल्गारिया, जर्मनी, रूस, ग्रीस या पूर्वी यूरोप के किसी देश में छिप सकती है. रुजा के खिलाफ अक्टूबर 2017 में गिरफ्तारी वारंट निकला था. रुजा मूल रूप से बुल्गारिया की ही रहने वाली है, लेकिन उसके पास जर्मन नागरिकता है, 44 साल की रुजा ने साथी सेबस्टियन कार्ल ग्रीनवुड के साथ मिलकर सबसे पहले बिगकॉइन नामक फर्जी क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च की थी. इसके बाद 2014 में उसने वन कॉइन नाम पर करोड़ों लोगों को चूना लगाया.  

साथी और भाई को सजा
अक्टूबर 2017 में उसने खिलाफ अमेरिका में आरोप तय हुए थे. इसकी भनक लगते ही वह अमेरिका छोड़कर भाग गई. कहा जाता है कि उसने अपने अमेरिकी प्रेमी के घर पर भी बग लगा रखे थे, क्योंकि उसे शक था कि वह FBI को उसकी जानकारी दे रहा है. 2018 में ग्रीनवुड को थाईलैंड में गिरफ्तार किया गया और बाद में उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया, अमेरिका की एक अदालत ने उसे 20 साल जेल की सजा सुनाई. 2019 में रुजा इग्नातोवा के भाई कॉन्स्टेंटिन इग्नाटोव को लॉस एंजिल्स अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया. उसे 34 महीने जेल हुई और मार्च 2024 में वह रिहा हो गया.

अनुपस्थिति में चलेगा केस
इस बीच, बुल्गारिया से एक बड़ी खबर सामने आई है. एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डॉन हिरिस्टोफोरोस निकोस अमानाटिडिस ने रुजा की हत्या कर दी है. लेकिन अमेरिकी एजेंसी FBI को इस दावे पर यकीन नहीं है. उधर, बुल्गारिया के मुख्य अभियोजक बोरिसलाव सराफोव ने 26 जून को घोषणा की कि रुजा इग्नातोवा के खिलाफ उसकी अनुपस्थिति में भी मुकदमा चलाया जाएगा. ताकि उसकी 1 करोड़ यूरो से अधिक की संपत्ति को जब्त करने की कार्यवाही शुरू हो सके. वहीं, अमेरिका के बुल्गारिया में राजदूत केनेथ मेर्टेन ने कहा है कि रुजा को पकड़ने में मदद करने वाली व्यक्ति को इनाम दिया जाएगा.


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