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SpiceJet को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, ₹1300 करोड़ की क्षतिपूर्ति याचिका खारिज
SpiceJet को सुप्रीम कोर्ट से मिली यह राहत न केवल एक बड़ी कानूनी जीत है, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे विवाद का निर्णायक अंत भी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
एविएशन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ी कानूनी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई को KAL एयरवेज और इसके प्रमोटर कलानिधि मारन द्वारा दायर ₹1300 करोड़ से अधिक की क्षतिपूर्ति याचिका को खारिज कर दिया है. यह मामला 2015 से चला आ रहा था और अब इस फैसले के साथ कानूनी प्रक्रिया का अंतिम पड़ाव भी तय हो गया है.
स्पाइसजेट ने दी जानकारी, अब सिर्फ दो मुद्दे बचे अदालत में
स्पाइसजेट ने गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को सूचित करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कंपनी के लिए निर्णायक है. कंपनी के अनुसार, अब केवल दो मुद्दे कोर्ट में लंबित हैं-
1. ब्याज से जुड़ा विवाद, जिसका अधिकांश भुगतान स्पाइसजेट पहले ही अदालत में कर चुकी है.
2. आर्बिट्रल ट्राइब्यूनल द्वारा CRPS (Cumulative Redeemable Preference Shares) की समय से पहले वापसी का मामला.
क्या था पूरा मामला?
2015 में जब स्पाइसजेट गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही थी, उस समय कलानिधि मारन और उनकी कंपनी KAL एयरवेज इसके प्रमोटर थे. बाद में अजय सिंह ने कंपनी का अधिग्रहण कर संचालन फिर से शुरू किया.
मारन और KAL एयरवेज का दावा था कि उन्होंने कंपनी को ₹679 करोड़ दिए थे, जिसके बदले वॉरंट और प्रेफरेंस शेयर्स मिलने थे. उनका आरोप था कि न तो वॉरंट्स दिए गए और न ही राशि वापस की गई, जिसके चलते उन्होंने 2017 में कोर्ट का रुख किया और ₹1300 करोड़ से अधिक की क्षतिपूर्ति की मांग की.
पहले ही हो चुकी थी निचली अदालतों से अस्वीकृति
स्पाइसजेट के अनुसार, यह मामला पहले ही आर्बिट्रल ट्राइब्यूनल, दिल्ली हाई कोर्ट, और फिर दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा खारिज किया जा चुका था. अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी इसी फैसले को बरकरार रखते हुए अंतिम अपील को खारिज कर दिया गया है, जिससे स्पाइसजेट को कानूनी दृष्टि से बड़ी जीत हासिल हुई है.
न्यायिक प्रक्रिया का हुआ अंत
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब यह मामला न्यायिक रूप से समाप्त हो गया है. उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न सिर्फ स्पाइसजेट की छवि को मज़बूती देगा, बल्कि लंबे समय से चल रहे कानूनी अनिश्चितता को भी समाप्त करेगा.
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