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मुश्किलों के समंदर में डुबकी लगा रही बायजू को मिला किनारा, क्या अब सुधरेंगे हालात?
कोरोना काल में बायजू के अच्छे दिन चल रहे थे, लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद से उसकी मुश्किलों में इजाफा हो गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मुश्किलों के भंवर में फंसी बायजू को कुछ राहत मिली है. कंपनी अपनी खराब वित्तीय सेहत को मजबूत करने के लिए पैसा जुटाना चाहती है और कर्नाटक हाई कोर्ट ने उसकी राह आसान कर दी है. हाई कोर्ट ने बेंगलुरु के नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के 12 जून के उस अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें बायजू के दूसरे राइट्स इश्यू के साथ आगे बढ़ने पेर रोक लगाई थी. बता दें कि दिग्गज एडटेक फर्म पिछले काफी समय से वित्तीय परेशानियों का सामना कर रही है.
इसलिए लगी थी रोक
बायजू ने मई में बताया था कि वो दूसरा राइट्स इश्यू लाना चाहती है. उसके इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पेश किया था. कंपनी के कुछ नाराज निवेशकों ने इसके खिलाफ NCLT का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने राइट्स इश्यू पर रोक लगाने की मांग की थी. इन निवेशकों का कहना था कि कंपनी वित्तीय अनियमितताओं में लिप्त है और गलत तरीके से धन जुटा रही है. इसके बाद जून में एनसीएलटी ने बायजू के राइट्स इश्यू पर रोक लगा दी थी.साथ ही कंपनी को जुटाए किए गए धन को एक अलग खाते में जमा करने का निर्देश दिया था.
जारी रहेगी सुनवाई
बायजू ने NCLT के आदेश को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. अब अदालत ने एनसीएलटी के आदेश को रद्द कर दिया है और बायजू को राइट्स इश्यू जारी रखने की अनुमति दी है.साथ ही हाई कोर्ट ने NCLT को इस मामले की सुनवाई जारी रखने का भी निर्देश दिया है. बायजू दिग्गज एडटेक कंपनी है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लास आयोजित करती है. कोरोना के दौर में कंपनी ने तेजी से विस्तार किया था, लेकिन लॉकडाउन हटने के बाद से उसका प्रॉफिट मार्जिन लगातार कम होता चला गया.
राइट्स इश्यू ज़रूरी
बायजू फंड जुटाने के लिए कई तरह के प्रयास कर रही है. उसमें कुछ सहयोगी कंपनियों को बेचना भी शामिल है. इसी क्रम में कंपनी अपना दूसरा राइट्स इश्यू लाना चाहती है. अब हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद बायजू इस दिशा में आगे बढ़ पाएगी. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बायजू को फंड की तत्काल आवश्यकता है और राइट्स इश्यू से उसकी इस समस्या का समाधान है. NCLT के फैसले को बायजू की पैरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न, कंपनी के प्रबंध निदेशक बायजू रवींद्रन, कार्यकारी निदेशक रिजु रवींद्रन और दिव्या गोकुलनाथ ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी.
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