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बड़ी मुश्किल में फंसी बजट एयरलाइन, SpiceJet की उड़ानों पर लग सकता है ब्रेक!
स्पाइसजेट को दिल्ली हाई कोर्ट के डबल बेंच से तगड़ा झटका लगा है. इससे आने वाले दिनों में कंपनी की उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
बजट एयरलाइन स्पाइसजेट (SpiceJet) बड़े संकट में घिर गई है. दिल्ली हाई कोर्ट की 2 जजों की बेंच ने सिंगल जज के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें एयरलाइन से दो एयरक्राफ्ट और तीन इंजन अपने पट्टेदार TWC एविएशन को वापस लौटाने का आदेश दिया था. इसका मतलब है कि स्पाइसजेट के पास अब कोई विकल्प नहीं है. ऐसे में उसकी उड़ानें प्रभावित होना लाजमी है. इस झटके के बाद कंपनी ने अपील वापस लेने और मामले को सिंगल जज के समक्ष आगे बढ़ाने का फैसला लिया है.
कंपनी को दिए कुछ अतिरिक्त दिन
अदालत ने स्पाइसजेट को एयरक्राफ्ट और इंजन वापस करने के लिए दी गई मोहलत 28 मई से बढ़ाकर 17 जून कर दी है. बता दें कि 15 मई को, दिल्ली हाई कोर्ट के सिंगल जज की बेंच ने एक अंतरिम आदेश पारित कर स्पाइसजेट को दो विमान और तीन इंजन, TWC एविएशन को वापस लौटाने का आदेश दिया था. दरअसल, एयरलाइन निर्धारित डेडलाइंस पर भुगतान करने में विफल रही है, इसके मद्देनजर TWC ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है. सिंगल बेंच ने TWC के हक में फैसला सुनाया था और अब दो जजों की बेंच ने उसे बरकरार रखा है.
120 करोड़ का करना है भुगतान
जस्टिस राजीव शकदर की अगुवाई वाली पीठ ने पहले के आदेश पर रोक लगाने से इंकार करते हुए कहा कि जब स्पाइसजेट पर पट्टादाता (Lessor) का 120 करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है, तो इस प्रकार का कोई भी आदेश देना उचित नहीं होगा. अदालत ने स्पष्ट किया कि स्पाइसजेट को अपेक्षित लीज राशि का भुगतान किए बिना एयरक्राफ्ट और इंजन इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है. TWC दान के कारोबार में नहीं हैं. जब स्पाइसजेट ने एयरक्राफ्ट और इंजन वापस करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत मांगी, तो अदालत ने उससे अपील वापस लेने को कहा. इसके बाद एयरलाइन ने अपनी अपील वापस लेते हुए मामले को सिंगल जज के समक्ष आगे बढ़ाने की बात कही.
कंपनी की 10% फ्लीट होगी प्रभावित
मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील अमित सिब्बल ने दलील दी कि स्पाइसजेट अगले 5 हफ्तों तक हर हफ्ते 500,000 डॉलर का भुगतान करने को तैयार है. उन्होंने कहा कि एयरक्राफ्ट और इंजन वापस करने से एयरलाइन को नुकसान होगा, क्योंकि यह उसके फ्लीट का करीब 10% है. सिब्बल ने आगे कहा कि स्पाइसजेट ने अब तक 15 पट्टादाताओं के साथ विवाद सुलझा लिया है और वह TWC के साथ विवाद भी सुलझा लेगी. जबकि पट्टादाता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दयान कृष्णन ने तर्क दिया कि स्पाइसजेट पर न केवल लीज की राशि बकाया है, बल्कि उसने एयरक्राफ्ट, इंजन से कुछ हिस्सों को निकालकर उन्हें अपने अन्य एयरक्राफ्ट में इस्तेमाल किया है. जबकि कॉन्ट्रैक्ट के तहत इसकी अनुमति नहीं है.
एयरलाइन के पास हैं इतने विमान
स्पाइसजेट के पास 33 ऑपरेशनल फ्लाइट्स का बेड़ा है, जिनमें से आठ वेट-लीज एयरक्राफ्ट हैं. ऐसे में यदि एयरलाइन को 2 एयरक्राफ्ट और तीन इंजन वापस करने होते हैं, तो उसका पूरा गणित गड़बड़ा जाएगा. गर्मी के मौसम में हवाई यात्रा करने वालों की संख्या काफी बढ़ जाती है. सभी एयरलाइन्स इसके मद्देनजर पहले से ही तैयारी शुरू कर देती हैं. स्पाइस बजट एयरलाइन है, उससे यात्रा करने वालों की अच्छी-खासी तादाद है. अब यदि उसके पांच विमान जमीन पर खड़े हो जाते हैं, तो कंपनी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा. स्पाइसजेट पहले से ही नकदी संकट से जूझ रही है. ऐसे में उसके लिए तुरंत बकाया चुकाना संभव नहीं. लिहाजा, कोर्ट के आदेश के बाद यह आशंका उत्पन्न हो गई है कि स्पाइसजेट की कई उड़ानों पर ब्रेक लग सकता है.
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