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SC ने NBCC को दिया आम्रपाली प्रोजेक्ट के फ्लैट रीसेल करने का आदेश, इन लोगों का होगा नुकसान
Supreme Court ने आम्रपाली के अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी NBCC को सौंप दी है. कोर्ट की निगरानी में अब NBCC इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का काम कर रही है,
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के एक फैसले से आम्रपाली प्रोजेक्ट्स के घर खरीददारों को झटका लगने वाला है. दरअसल, आम्रपाली (Amrapali) के अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने आम्रपाली के अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (NBCC को सौंपी थी. ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सरकारी कंपनी NBCC इस प्रोजेक्ट को पूरा कर रही है और कोर्ट की एक पीठ इस पुरे मामले की कड़ी निगरानी भी कर रही है. गुरुवार यानी 09 जनवरी, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा आदेश जारी किया है, जिससे आम्रपाली प्रोजेक्ट्स में निवेश करने वाले लोगों की मुश्किल बढ़ सकती है. तो आइए जानते हैं ये पूरा मामला क्या है और कोर्ट के आदेश से किसे नुकसान होने वाला है?
कोर्ट ने दिए ये निर्देश
प्रीम कोर्ट ने गुरुवार को NBCC को निर्देश दिया है कि आम्रपाली प्रोजेक्ट में जो लोग पोजेशन नहीं ले रहे हैं, उनके फ्लैट्स की बुकिंग कैंसिल कर दी जाए और उनके फ्लैट्स को रीसेल कर दिया जाए. कोर्ट ने कहा है कि प्रोजेक्ट्स में फ्लैट का कब्जा लेने के लिए घर खरीदारों के नहीं आने पर बुकिंग रद्द कर दी जाएगी और फ्लैट अन्य खरीदारों को बेच दिए जाएंगे.
कोर्ट नें घर खरीददारों की रिपोर्ट
न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि, जिन्हें इस मामले में कोर्ट रिसीवर नियुक्त किया गया था, उनसे कहा कि वे उन संपत्तियों की नवीनतम स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करें जो नहीं बिकी हैं या जहां घर खरीदार उनसे संपर्क करने के प्रयासों के बावजूद नहीं आए हैं. पीठ ने कहा, हम कोर्ट रिसीवर से अनुरोध करेंगे कि वह हालिया रिपोर्ट दाखिल करें, जिसमें उनके और एनबीसीसी के प्रयासों के बावजूद घर खरीदारों को कब्जा नहीं दिया गया है.
गोल्ड होम प्रोजेक्ट में अतिरिक्ट फ्लैटों के निर्माण को मंजूरी
नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रविन्द्र कुमार ने पीठ को बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने गोल्ड होम प्रोजेक्ट में अतिरिक्त फ्लैटों के निर्माण के लिए अपनी मंजूरी दे दी है और अन्य पांच प्रोजेक्ट्स के संबंध में एनबीसीसी द्वारा कुछ अनुपालन किए जाने की आवश्यकता है.
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