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I-PAC दफ्तर की तलाशी पर SC सख्त, ED की याचिका पर बंगाल सरकार को नोटिस, FIR पर भी लगाई रोक
कोलकाता में हुई तलाशी को लेकर टकराव, सुप्रीम कोर्ट ने कहा 'जांच एजेंसियों के काम में दखल बेहद गंभीर मामला'
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
राजनीतिक सलाहकार संस्था I-PAC के कोलकाता स्थित दफ्तर में हुई तलाशी को लेकर उपजे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट (SC) ने सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब तलब किया है और ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर पर फिलहाल रोक लगा दी है. साथ ही, कोर्ट ने तलाशी से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत सुरक्षित रखने का आदेश भी दिया है.
कोर्ट ने क्यों जताई गंभीर चिंता
न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि याचिका में उठाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं. अदालत के मुताबिक, यदि किसी केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई में राज्य की एजेंसियां हस्तक्षेप करती हैं, तो यह कानून के शासन के लिए गंभीर चुनौती है.
पीठ ने कहा कि एक तरफ यह सही है कि कोई भी एजेंसी चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकती, लेकिन अगर किसी गंभीर अपराध की जांच चल रही हो, तो उसे राजनीतिक गतिविधियों की आड़ में रोका भी नहीं जा सकता.
किन-किन से मांगा गया जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत नोटिस जारी करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार, कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा और डीसीपी प्रियब्रत रॉय से दो हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी.
ED का आरोप: जांच में डाली गई बाधा
ईडी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि 8 जनवरी को I-PAC कार्यालय में की गई तलाशी के दौरान एजेंसी के अधिकारियों को रोका गया और कथित तौर पर कुछ फाइलें व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हटा दिए गए. उन्होंने कहा कि यह जांच में बाधा डालने जैसा गंभीर अपराध है और इससे एजेंसियों का मनोबल टूटता है. ईडी ने अपने अधिकारियों के कथित उत्पीड़न की जांच सीबीआई से कराने की मांग भी की है.
राज्य सरकार का पक्ष: चुनावी काम में दखल का आरोप
मुख्यमंत्री की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि I-PAC कार्यालय में तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा चुनावी और गोपनीय डेटा मौजूद था और ईडी की कार्रवाई से चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी. उन्होंने इस बात से इनकार किया कि किसी तरह के दस्तावेज या उपकरण जबरन हटाए गए.
फोरम शॉपिंग का आरोप, हाईकोर्ट में भी मामला
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने ईडी पर फोरम शॉपिंग का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे जुड़ी कार्यवाही पहले से ही कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित है. उन्होंने दावा किया कि तलाशी की प्रक्रिया शांतिपूर्वक हुई थी.
पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ
यह पूरा मामला कथित कोयला घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान I-PAC दफ्तर में हुई तलाशी से जुड़ा है. ईडी का आरोप है कि मौके पर मौजूद वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने जांच में बाधा डाली, जबकि राज्य सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है.
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