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भ्रामक विज्ञापन के आरोप में फंसे सलमान खान, कोर्ट ने जारी किया समन
कोर्ट के समन के बाद अब सलमान खान और कंपनी को अपना पक्ष रखना होगा. 27 नवंबर की सुनवाई के दौरान यह तय होगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान एक बार फिर कानूनी विवाद में फंस गए हैं. दरअसल, इस बार मामला उनके द्वारा प्रमोट किए गए ‘राजश्री पान मसाला’ से जुड़ा है, जिस पर भ्रामक विज्ञापन का आरोप लगा है. कोटा कंज्यूमर कोर्ट ने अभिनेता और कंपनी दोनों को समन भेजते हुए जवाब मांगा है. तो चलिए आपको इस मामले की पूरी जानकारी देते हैं.
भ्रामक विज्ञापन का आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट के वकील और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मोहन सिंह हनी ने सलमान खान और राजश्री पान मसाला कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. उनका कहना है कि कंपनी ने अपने विज्ञापन में दावा किया है कि इस पान मसाले में असली केसर मौजूद है. लेकिन, हनी के अनुसार 5 रुपये के पैक में असली केसर मिलना असंभव है क्योंकि बाजार में केसर की कीमत लगभग 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है. उन्होंने कहा, “ऐसे दावे उपभोक्ताओं को गुमराह करते हैं और खासकर युवाओं को पान मसाले की ओर आकर्षित करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है.”
कोटा कंज्यूमर कोर्ट ने भेजा समन
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कोटा कंज्यूमर कोर्ट ने सलमान खान और राजश्री कंपनी दोनों को नोटिस भेजा है. कोर्ट ने उनसे जवाब दाखिल करने के लिए कहा है और मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को तय की गई है.
सेलिब्रिटीज को समझना चाहिए अपनी जिम्मेदारी
हाईकोर्ट वकील मोहन सिंह हनी ने कहा है कि सलमान खान लाखों युवाओं के रोल मॉडल हैं, इसलिए उन्हें ऐसे उत्पादों का प्रचार नहीं करना चाहिए जो स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं. उन्होंने कहा, “पान मसाला मुंह के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनता है. सेलिब्रिटीज को ऐसे विज्ञापनों से दूर रहना चाहिए ताकि समाज को सही संदेश मिले.”
कई और स्टार्स भी करते हैं ऐसे विज्ञापन
बता दें, सलमान खान अकेले ऐसे सितारे नहीं हैं जो पान मसाले का विज्ञापन करते हैं. अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ जैसे बड़े नाम भी इसी श्रेणी के उत्पादों के विज्ञापनों में नजर आ चुके हैं. इन ब्रांड्स में भी ‘केसर’ या ‘सुगंधित तत्वों’ के दावे किए जाते हैं, जिन्हें लेकर उपभोक्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बार-बार आपत्ति जताई है.
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