होम / कोर्ट कचहरी / राजपाल यादव को 6 महीने की सजा, समझिए चेक बाउंस पर कैसे बनता है आपराधिक मामला

राजपाल यादव को 6 महीने की सजा, समझिए चेक बाउंस पर कैसे बनता है आपराधिक मामला

विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर भुगतान, खाते में पर्याप्त बैलेंस और कानूनी नोटिस का जवाब देना बेहद जरूरी है.

रितु राणा 7 months ago

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में 6 महीने की सजा सुनाए जाने के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि लोन न चुकाने और चेक बाउंस होने पर कानून क्या कहता है. क्या हर लोन डिफॉल्ट पर जेल हो सकती है. चेक बाउंस कब आपराधिक मामला बन जाता है. आइए आसान भाषा में समझते हैं इससे जुड़े नियम और सजा का प्रावधान.

क्या है पूरा मामला

राजपाल यादव को चेक बाउंस केस में दोषी पाया गया है. अदालत ने उन्हें 6 महीने की सजा सुनाई और उन्हें अब दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैद किया गया है. बता दें. इस मामले की शुरुआत  2010 से हुई, जब राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म 'अता पता लापता' (2012) को बनाने के लिए दिल्ली स्थित मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया. फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर असफलता के बाद वो कर्ज चुकाने में असफल रहे, जिसके चलते कानूनी लड़ाई शुरू हुई और अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें और उनकी पत्नी राधा को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया. शिकायतकर्ता को जारी किए गए सात चेक बाउंस होने के बाद, एक्टर को छह महीने के जेल की सजा सुनाई गई, जिसे बाद में 2019 की शुरुआत में एक सत्र न्यायालय ने बरकरार रखा. यह मामला Negotiable Instruments Act, 1881 के तहत दर्ज किया गया था. इस कानून में साफ तौर पर बताया गया है कि किन परिस्थितियों में चेक बाउंस अपराध माना जाएगा. 

चेक बाउंस कब बनता है अपराध

Negotiable Instruments Act, 1881 की धारा 138 के तहत अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर ऐसा चेक जारी करता है, जो बैंक में पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो जाता है, तो यह आपराधिक अपराध है.

इसके लिए कुछ शर्तें जरूरी हैं

- चेक वैध अवधि के भीतर बैंक में प्रस्तुत किया गया हो.
- चेक खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण बाउंस हुआ हो.
- चेक बाउंस होने के 30 दिनों के भीतर लिखित नोटिस भेजा गया हो.
- नोटिस मिलने के 15 दिनों के अंदर भुगतान न किया गया हो.

इन शर्तों के पूरा होने पर मामला दर्ज किया जा सकता है.

कितनी हो सकती है सजा

इस मामले पर दिल्ली के एक वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष भदौरिया ने बताया कि धारा 138 के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को अधिकतम 2 साल तक की जेल या जुर्माना, या फिर दोनों सजा हो सकती है. अदालत मामले की गंभीरता और परिस्थितियों के आधार पर फैसला करती है. उन्होंने बताया कि कानूनी नोटिस मिलने के 15 दिन के अंदर पेमेंट कर दी जाए और अगर कोर्ट में पेश होते हैं तो पहली ही तारीख पर चेक अमाउंट की पेमेंट कर दी जाए तो आरोपी को दोषी नहीं माना जाता है.  इसके अलावा अगर कोई अन्य डिफेंस हो तो उसे अदालत में साबित कर बरी हो सकते हैं.

क्या लोन न चुकाने पर सीधे जेल हो सकती है

मनीष भदौरिया के अनुसार सिर्फ लोन न चुका पाने की स्थिति में सीधे जेल नहीं होती. लोन डिफॉल्ट आमतौर पर सिविल मामला होता है. बैंक या वित्तीय संस्था वसूली की कानूनी प्रक्रिया अपनाती है, जैसे नोटिस भेजना, संपत्ति जब्त करना या रिकवरी ट्रिब्यूनल में जाना, लेकिन अगर लोन चुकाने के लिए दिया गया चेक बाउंस हो जाता है और तय प्रक्रिया के बाद भी भुगतान नहीं किया जाता, तो यह आपराधिक मामला बन सकता है.

किन बातों का रखें ध्यान

1. चेक जारी करने से पहले खाते में पर्याप्त बैलेंस रखें.
2. लोन EMI समय पर चुकाएं.
3. बैंक या लेनदार का नोटिस मिलने पर उसे नजरअंदाज न करें.
4. विवाद की स्थिति में समझौता या कानूनी सलाह जरूर लें.

क्यों जरूरी है जागरूकता

आज के दौर में क्रेडिट और लोन आम बात हो गई है, लेकिन वित्तीय अनुशासन न रखने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. चेक बाउंस जैसे मामलों में लापरवाही महंगी पड़ सकती है. इसलिए कानून की बुनियादी जानकारी रखना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है. राजपाल यादव के मामले ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि वित्तीय लेनदेन में जिम्मेदारी और सावधानी बेहद जरूरी है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

होमबायर्स फ्रॉड केस में CBI का बड़ा एक्शन, MKHS Housing और Indiabulls पर 18वीं चार्जशीट दाखिल

राजरहाट हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े कथित फर्जीवाड़े में कार्रवाई, बिल्डर और वित्तीय संस्थाओं के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप; 31 अन्य मामलों की जांच जारी

25-August-2026

ED ने इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल जितेश गुप्ता को किया गिरफ्तार, बेस्ट फूड्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई

ED का आरोप है कि जितेश गुप्ता ने फर्जी दावों को दोबारा स्वीकार कर CoC की संरचना बदली और दिनेश गुप्ता से जुड़ी इकाई के रिजॉल्यूशन प्लान को आगे बढ़ाने में मदद की.

13-August-2026

नेटफ्लिक्स स्टार का पतन: कोर्ट ने सतीश सनपाल की IPL सट्टेबाजी FIR खत्म कराने की कोशिश को किया खारिज

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दुबई के अरबपति की "बच निकलने की रणनीति" को ध्वस्त कर दिया है, जिसे BW Businessworld की उन स्टोरीज ने व्यवस्थित रूप से उजागर किया था, जिनके बाद UAE में उनकी संपत्तियां फ्रीज होने की खबरें सामने आईं.

13-August-2026

डिजिटल अरेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन! RBI को 4 हफ्ते में SOP बनाने का आदेश

अदालत ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को साइबर ठगी की शिकायतों के त्वरित निपटारे और पीड़ितों की रकम वापस दिलाने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है.

05-August-2026

महादेव बेटिंग ऐप केस: स्काईएक्सचेंज की कमाई से हुई थी Ebix डील? ED का बड़ा दावा

जांच एजेंसी का कहना है कि अवैध धन को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट और अन्य विदेशी निवेश माध्यमों के जरिए भारत में लाया गया.

16-July-2026


बड़ी खबरें

मोदी @76: वडनगर से दिल्ली तक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघर्ष, संगठन और नेतृत्व के 25 साल का सफर

17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 76 वर्ष के हो गए हैं. उनके जन्मदिन के मौके पर BJP देशभर में महीने भर चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करेगी.

1 day ago

मोदी के जन्मदिन पर पुतिन और ट्रंप की शुभकामनाएं, रूस-अमेरिका के साथ रिश्तों के बीच भारत का संतुलन

रूस और अमेरिका से आए जन्मदिन संदेश ऐसे समय में आए हैं, जब बदलते वैश्विक आर्थिक संबंधों के बीच भारत रणनीतिक रिश्तों, व्यापार हितों और ऊर्जा सुरक्षा के बीच संतुलन साध रहा है.

14 hours ago

मोदी @76: भारत की विकास गाथा के केंद्र में उद्योग और उद्यमिता

इस लेख में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के महानिदेशक डॉ. राजीव सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक विजन और भारत को एक मजबूत विनिर्माण, नवाचार और निर्यात अर्थव्यवस्था में बदलने पर विचार रखें हैं.

14 hours ago

टाटा संस में चंद्रशेखरन की री-अपॉइंटमेंट पर नोएल टाटा की आपत्ति, बोले- ‘अब आगे बढ़ने का समय’

टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन ने कहा- चंद्रशेखरन का दूसरा कार्यकाल नहीं लेने का फैसला पहले ही स्वीकार किया जा चुका था.

14 hours ago

PM मोदी @76: ड्रोन विजन से इनोवेशन से इम्पैक्ट की ओर बढ़ता भारत

कृषि, रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर सर्वे और आपदा प्रबंधन तक बढ़ रहा ड्रोन का इस्तेमाल, नीति सुधार, मैन्युफैक्चरिंग, स्किलिंग और उद्यमिता से सेक्टर को मिल रही रफ्तार

15 hours ago