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PNB को सौंपी जाएगी नीरव मोदी की ₹66.33 करोड़ की संपत्तियां, कोर्ट ने दी मंजूरी
नीरव मोदी और पूर्वी मोदी की ₹66.33 करोड़ की संपत्तियां अब PNB को सौंपे जाने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे बैंक को हुए भारी वित्तीय नुकसान की आंशिक भरपाई की उम्मीद है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
भगौड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उनकी बहन पूर्वी मोदी की 66.33 करोड़ रुपये की जब्त संपत्तियों को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को सौंपने की अनुमति एक विशेष अदालत ने दे दी है. यह संपत्तियां प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पंजाब नेशनल बैंक घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जब्त की गई थीं. अदालत का यह आदेश PNB की उस याचिका पर आया जिसमें बैंक ने अपील की थी कि इन संपत्तियों को बेचकर या नीलाम कर उसे हुए भारी वित्तीय नुकसान की आंशिक भरपाई की जा सके.
संपत्तियों में क्या है शामिल?
बता दें, विशेष न्यायाधीश एवी गुजराती ने आदेश पारित करते हुए कहा कि PNB को यह अंडरटेकिंग देनी होगी कि भविष्य में यदि आवश्यकता हो तो यह रकम वापस की जा सकेगी. जिन संपत्तियों को रिलीज किया गया है, उनमें मुंबई के वर्ली इलाके स्थित समुद्र महल स्थित नीरव मोदी के आवास से जब्त की गई ज्वेलरी, नकदी, कीमती घड़ियां और सिक्के शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 40.83 करोड़ रुपये है. इसके अलावा, पूर्वी मोदी के नाम पर दर्ज एक फ्लैट जिसकी कीमत ₹19.50 करोड़ है, और कुछ अन्य चल संपत्तियां भी शामिल हैं.
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने इन संपत्तियों को PNB को लौटाने पर आपत्ति नहीं जताई, बशर्ते कुछ शर्तों का पालन हो. इसके आधार पर अदालत ने संपत्तियों को बैंक को सौंपने की अनुमति दी.
नीरव मोदी अब भी भगोड़ा, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम चरण में
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि नीरव मोदी अब भी भगोड़े अपराधी हैं और भारत लौटने के लिए तैयार नहीं हैं. वे और उनके मामा मेहुल चोकसी, ₹13,500 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी हैं. नीरव मोदी मार्च 2019 से लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद हैं. उनकी भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिकाएं यूके हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों में खारिज की जा चुकी हैं. हाल ही में, 15 मई 2025 को यूके हाई कोर्ट ने उनकी 10वीं जमानत याचिका भी खारिज कर दी.
ED और CBI की कार्रवाई
ED ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी देते हुए बताया कि नीरव मोदी की चौथी जमानत याचिका 15 मई को खारिज कर दी गई. एजेंसी ने उसे "PNB के $1 बिलियन घोटाले का मास्टरमाइंड" बताया है. CBI ने भी इस सुनवाई में सक्रिय भागीदारी निभाई. उसकी टीम लंदन जाकर कोर्ट में पेश हुई और क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) के साथ मिलकर नीरव मोदी की जमानत का विरोध किया. CBI के अनुसार, नीरव मोदी ₹6,498.20 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में भारत में मुकदमे का सामना करने के लिए वांछित है. प्रवर्तन निदेशालय ने अब तक ₹2,324.97 करोड़ की संपत्तियां जब्त की हैं, जबकि कुल नुकसान ₹8,526 करोड़ से अधिक आंका गया है.
अब भारत वापसी की कोई कानूनी बाधा नहीं
ब्रिटेन की अदालतों द्वारा प्रत्यर्पण को मंजूरी मिलने के बाद नीरव मोदी के भारत लाए जाने की राह लगभग साफ हो गई है. उन्होंने 2022 में यूके सुप्रीम कोर्ट में भी प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका दाखिल की थी, जो खारिज कर दी गई.
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