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पेपर लीक किया तो सलाखों के पीछे गुजर जाएगी जिंदगी, इस राज्य ने उठाया कड़ा कदम

नीट पेपर लीक के बाद केंद्र सरकार ने नए कानून का अध्‍यादेश जारी किया था. अब यूपी भी उसी की राह पर चल निकला है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाले एंट्रेस एग्जाम NEET पर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है. नीट के पेपर लीक की घटना को लेकर केंद्र सरकार को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है. इस बीच, उत्तर प्रदेश ने पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है. यूपी में पेपर लीक के दोषियों को उम्र कैद की सजा और 1 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है. इसके लिए प्रस्तावित कानून के अध्‍यादेश को आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई. 

सामने आते रहे हैं ऐसे मामले
यूपी कैबिनेट की बैठक में कुल 44 प्रस्ताव रखे गए थे, जिसमें से 43 पास हो गए. इनमें 3 बड़े शहरों के सीमा विस्तार और 7 पर्यटन विभाग के प्रस्ताव भी शामिल हैं. इसके साथ ही पर्चा लीक करने वालों को आजीवन कारावास की सजा के प्रस्‍ताव को भी मंजूरी मिल गई है. बता दें कि उत्तर प्रदेश में भी पेपर लीक के मामले सामने आते रहे हैं. यूपी में रिव्यू ऑफिसर /असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर पोस्ट के लिए इसी साल 11 फरवरी को परीक्षा हुई थी, जिसे बाद में पेपर लीक के आरोपों के चलते रद्द कर दिया गया. इस एग्जाम में 10 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल हुए थे. 

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सिपाही भर्ती पर मचा था बवाल 
इसी तरह, यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ था. सरकार ने इस एग्जाम को कंडक्ट कराने की जिम्मेदारी अहमदाबाद की प्राइवेट कंपनी एजूटेस्ट (Edutest) को दी थी. पेपर लीक के आरोपों के बाद मामले की जांच STF क सौंपी गई. यूपी एसटीएफ ने अपनी कई महीनों की जांच में एजूटेस्ट की कई गंभीर खामियां उजागर की. इसके बाद योगी सरकार ने एजूटेस्ट को ब्‍लैक लिस्‍ट कर दिया. यानी एजूटेस्ट को अब प्रदेश में दोबारा किसी भी विभाग की भर्ती परीक्षा कराने का जिम्‍मा नहीं दिया जाएगा. एसटीएफ ने एजूटेस्ट कंपनी के संचालक विनीत आर्या को चार बार नोटिस भेजकर बयान देने के लिए बुलाया था, लेकिन वह एक बार भी नहीं आया. बताया जा रहा है कि वो अमेरिका चला गया है. 

लीक में कौन है पहले नंबर पर?
एजुटेस्ट की स्थापना 1982 में की गई थी. कंपनी UPSSSC PET और CAT जैसे कई एग्जाम करा चुकी है. एजुटेस्‍ट सॉल्‍यूशंस ने UPSSSC PET 2022 के लिए पेपर तैयार किया था. कंपनी का दावा है कि वो हर साल 50 मिलियन से ज्‍यादा परीक्षाएं आयोजित करवाती है. वैसे, पेपर लीक के मामले में उत्तर प्रदेश बाकी राज्यों की तुलना में काफी पीछे है. इस मामले में राजस्थान नंबर वन. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले सालों में सबसे ज्यादा पेपर लीक की घटनाएं राजस्थान में देखने को मिलीं. यहां 7 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जिसके चलते 38,41,000 कैंडिडेट्स प्रभावित हुए. दूसरे नंबर पर तेलंगाना और मध्य प्रदेश संयुक्त रूप से हैं. यहां 5-5 पेपर लीक के मामले सामने आए. .


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