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मुश्किलों से मुक्ति के लिए कौनसा आसन करेंगे रामदेव? अब इस कोर्ट ने थमा दिया नोटिस
बाबा रामदेव भ्रामक विज्ञापन मामले में एक नई मुश्किल में फंस गए हैं. केरल की एक कोर्ट में उन्हें पेश होना होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
पतंजलि (Patanjali) के भ्रामक विज्ञापन के मामले में बाबा रामदेव (Baba Ramdev) की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. पहले सुप्रीम कोर्ट में उन्हें जमकर फटकार पड़ी, लगातार कई बार व्यक्तिगत तौर पर पेश होना पड़ा और अब एक अन्य अदालत ने रामदेव और उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण को पेश होने का नोटिस थमा दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बाबा और बालकृष्ण को 3 जून को केरल के कोझिकोड न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पेश होना है. अंग्रेजी और मलयालम समाचार पत्रों में भ्रामक विज्ञापन के मामले में कोर्ट ने उन्हें नोटिस भेजा है.
इन 2 दवाओं का जिक्र
इसी साल अप्रैल में कोझिकोड के सहायक औषधि नियंत्रक कार्यालय में तैनात ड्रग्स इंस्पेक्टर ने अदालत में ड्रग्स और जादुई उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 की धारा 10, धारा 3(B), 3(D) और 7(A) के तहत मामला दर्ज कराया गया था. बाबा रामदेव और बालकृष्ण को इस विज्ञापन मामले में अदालत के सवालों के जवाब देने होंगे. हाल ही में हरिद्वार की एक अदालत ने हाजिर नहीं होने पर रामदेव और बालकृष्ण को समन जारी किया था. रिपोर्ट्स के अनुसार, विज्ञापन में पतंजलि के दिव्य लिपिडोम से कोलेस्ट्रॉल और डिस्लिपिडेमिया कम होने का दावा किया था. जबकि पतंजलि न्यूट्रेला डायबिटिक केयर ने रक्त शर्करा के स्तर को कम करने और शरीर के वजन को नियंत्रित करने का दावा किया था.
यहां भी दर्ज हुए मामले
इससे पहले, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और कन्नूर में सहायक औषधि नियंत्रक के कार्यालयों ने पतंजलि के खिलाफ 29 मामले दर्ज किए थे. दिव्य फार्मेसी के खिलाफ पहली शिकायत कन्नूर स्थित नेत्र रोग विशेषज्ञ के.वी. बाबू ने 22 फरवरी, 2022 में दर्ज कराई थी. इसके बाद राज्य औषधि नियंत्रण विभाग ने एक जांच का आदेश दिया, जिसमें अधिनियम के उल्लंघन के मामले सामने आए. बता दें कि भ्रामक विज्ञापन के मामले में हाल ही में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगनी पड़ी थी. कोर्ट के आदेश पर बाबा की कंपनी पतंजलि ने अखबारों में माफीनामा भी छपवाया था.
इधर मिल चुकी है राहत
हाल ही में बाबा पतंजलि को उत्तराखंड में बड़ी राहत मिली थी. उत्तराखंड सरकार ने पतंजलि और दिव्य फार्मेसी की 14 दवाओं पर लगे बैन के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है. 30 अप्रैल को उत्तराखंड सरकार ने बाबा रामदेव की पतंजलि और दिव्य फार्मेसी की 14 दवाइयों पर बैन लगा दिया था, लेकिन उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित आदेश पर अंतरिम रोक लगाई गई है. इस पूरे मामले की जांच कर रही एक उच्च स्तरीय समिति ने को प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी है, जिसमें कहा गया कि पतंजलि और दिव्य फार्मेसी की 14 दवाओं का लाइसेंस निलंबित किए जाने का आदेश अवैध था.
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