होम / कोर्ट कचहरी / बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद के खिलाफ केरल में गैर-जमानती वारंट जारी, जानिए क्या है पूरा मामला?
बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद के खिलाफ केरल में गैर-जमानती वारंट जारी, जानिए क्या है पूरा मामला?
हाल ही में केरल के पलक्कड़ जिले की एक अदालत ने बाबा रामदेव, उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण और पतंजलि आयुर्वेद की मार्केटिंग कंपनी दिव्य फार्मेसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
योग गुरु बाबा रामदेव की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही हैं. दरअसल, हाल ही में केरल की पलक्कड़ अदालत ने बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और पतंजलि आयुर्वेद की एफिलिएट कंपनी दिव्य फार्मेसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है. वहीं, इस कदम से पता चलता है कि अदालत ने बाबा रामदेव की अदालत में गैर-हाजिरी को गंभीरता से लिया है. यह मामला उन भ्रामक विज्ञापनों से जुड़ा है, ये मामला भ्रामक विज्ञापनों से जुड़ा है, जो अक्टूबर 2024 में दर्ज किया गया था. तो आइए इस पूरे मामले के बारे में विस्तार से जानते है?
क्या है मामला?
यह मामला अक्टूबर 2024 से शुरू हुआ था, जब पतंजलि आयुर्वेद पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने उत्पादों को उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों के इलाज के रूप में गलत तरीके से प्रचारित किया था. इसके चलते उन पर "ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954" के तहत मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद, 16 जनवरी को अदालत ने जमानती वारंट जारी किया, लेकिन जब बाबा रामदेव ने 1 फरवरी को अदालत में हाजिरी नहीं दी, तो कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया. बता दें, इस मामले की अगली सुनवाई 15 फरवरी को होगी, और अगर बाबा रामदेव या उनकी कंपनी फिर से अदालत के आदेशों का पालन नहीं करती है, तो उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई हो सकती है. यह मामला उन कंपनियों के लिए एक चेतावनी है जो भ्रामक विज्ञापनों के जरिए लोगों को गुमराह करती हैं, खासकर जब यह उनकी सेहत से जुड़ा मामला हो.
बाबा रामदेव पर 12 मामले दर्ज
पतंजलि आयुर्वेद के खिलाफ यह पहला मामला नहीं है. पतंजलि आयुर्वेद को देश भर में ऐसे कई कानूनी मामलों का सामना करना पड़ रहा है. इससे पहले भी कोझिकोड और हरिद्वार में इसी तरह के मामले दर्ज किए गए हैं, और अब तक केरल में बाबा रामदेव और उनके सहयोगियों के खिलाफ 12 मामले दर्ज हो चुके हैं. बाबा रामदेव पर हो रही ये कार्रवाई उन सब कंपनियों के लिए एक संकेत है, जो असत्य और भ्रामक विज्ञापन चला कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खेलती हैं.
टैग्स