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Zee Group को NCLAT से मिली बड़ी राहत, कंपनी के शेयरों में आया उछाल
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने NCLT के आदेश पर रोक लगाने के साथ ही इंडसइंड बैंक को एक नोटिस भी जारी किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) से Zee Group को बड़ी राहत मिली है. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) की दिवाला प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था, जिस पर NCLAT ने आज अंतरिम रोक लगा दी. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) की याचिका पर यह आदेश दिया था. इसके खिलाफ Zee Group ने NCLAT का दरवाजा खटखटाया था, जहां से उसे राहत मिल गई है.
इंडसइंड बैंक को भेजा नोटिस
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने NCLT के आदेश पर रोक लगाने के साथ ही इंडसइंड बैंक को एक नोटिस भी जारी किया है. बैंक को यह नोटिस जी ग्रुप के मालिक पुनीत गोयनका की याचिका पर भेजा है. मामले की अगली सुनवाई NCLAT में 29 मार्च को होगी. Zee Group को मिली इस राहत का असर कंपनी के शेयरों पर भी नजर आ रहा है. Zee Entertainment Enterprises का शेयर करीब डेढ़ फीसदी के उछाल के साथ ट्रेड कर रहा है.
राहत की मांग की थी
इससे पहले, पुनीत गोयनका ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में याचिका दायर की थी, जिसमें नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई पीठ द्वारा पारित आदेश के खिलाफ राहत की मांग की गई थी. पुनीत गोयनका के इस कदम को ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee) के सभी हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए और कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के साथ प्रस्तावित विलय को समय पर पूरा करने के मकसद के नजरिये से देखा जा रहा है.
क्या कहता है आईबीसी?
पुनीत गोयनका के NCLAT का दरवाजा खटखटाने पर कंपनी ने एक बयान जारी करके कहा था कि ZEE एक ऋण-मुक्त और वित्तीय रूप से मजबूत कंपनी है, और अपने हितधारकों के लिए वैल्यू क्रिएशन में विश्वास करती है. इससे पहले, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) की धारा 7 के तहत इंडसइंड बैंक द्वारा ZEE के खिलाफ दायर इनसॉल्वेंसी याचिका को स्वीकार कर लिया था. दिवालिया याचिका की स्वीकृति ने ZEE और Sony के विलय पर रोक लगा दी थी. क्योंकि IBC के अनुसार, एक बार जब कोई कंपनी दिवालिया हो जाती है, तो संपत्ति के किसी भी हस्तांतरण पर रोक लग जाती है.
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