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Myntra पर ₹1654 करोड़ के विदेशी निवेश घोटाले का आरोप, ED ने की बड़ी कार्रवाई
Myntra पर विदेशी निवेश नियम उल्लंघन का आरोप लगा है, इस मामले में ED ने FEMA के तहत कार्रवाई शुरू की.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
फैशन ई-कॉमर्स कंपनी Myntra पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत बड़ी कार्रवाई की है. Myntra, उससे जुड़ी सहयोगी कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ ₹1654.35 करोड़ के विदेशी निवेश घोटाले में मामला दर्ज किया गया है. आइए जानते हैं आखिर से पूरा मामला क्या है?
क्या है मामला?
ED को जांच में पता चला कि Myntra और उसकी ग्रुप कंपनियां FDI (विदेशी प्रत्यक्ष निवेश) नीति का उल्लंघन करते हुए होलसेल कारोबार की आड़ में मल्टी-ब्रांड रिटेल ट्रेडिंग (MBRT) कर रही थीं. Myntra ने यह दर्शाया कि वह केवल B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) होलसेल व्यापार कर रही है, लेकिन असल में कंपनी ने अपने सारे उत्पाद Vector E-Commerce Pvt. Ltd. को बेचे,जो कि उसी ग्रुप की दूसरी कंपनी है. इसके बाद ये प्रोडक्ट्स सीधे आम ग्राहकों को बेचे गए, यानी B2C (बिजनेस-टू-कस्टमर) बिक्री की गई.
कानून का उल्लंघन कैसे हुआ?
FDI नीति के अनुसार, कोई भी होलसेल कंपनी अपनी ग्रुप की दूसरी कंपनी को केवल 25% तक ही माल बेच सकती है. लेकिन Myntra ने 100% उत्पाद अपनी ही ग्रुप कंपनी Vector को ट्रांसफर किए, जो कि स्पष्ट रूप से FDI नियमों का उल्लंघन है. इस फर्जीवाड़े का मकसद था विदेशी निवेश नियमों के तहत होलसेल कारोबार दिखाकर ₹1654 करोड़ से अधिक का निवेश हासिल करना, जबकि असल में रिटेल कारोबार किया गया.
FEMA के तहत कार्रवाई
ED ने इस पूरे मामले को FEMA की धारा 6(3)(b) और FDI पॉलिसी 2010 के उल्लंघन के तहत गंभीर माना है. अब प्रवर्तन निदेशालय ने FEMA की धारा 16(3) के तहत Adjudicating Authority के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कर दी है.
अब इस मामले की कानूनी जांच तेज़ हो सकती है और Myntra समेत उसके निदेशकों पर जुर्माना या अन्य नियामकीय कार्रवाई की संभावना है. यह मामला भारत में ई-कॉमर्स सेक्टर में विदेशी निवेश की निगरानी को लेकर बड़ा उदाहरण बन सकता है.
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