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कौन है सबसे करप्ट सरकारी डिपार्टमेंट? ये है इस सवाल का जवाब
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि महाराष्ट्र में कौनसा विभाग सबसे ज्यादा भ्रष्ट है,
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
जब बात करप्शन की आती है, तो महाराष्ट्र में रेवेन्यू डिपार्टमेंट सबसे पहले नंबर पर आता है. रिश्वतखोरों की इस लिस्ट में दूसरा नाम पुलिस विभाग का है. एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि रिश्वत लेने के मामले में रेवेन्यू डिपार्टमेंट अव्वल है, जबकि पुलिस दूसरे स्थान पर. रेवेन्यू डिपार्टमेंट के खिलाफ 173 और पुलिस के खिलाफ 160 केस दर्ज किए गए हैं.
755 जगहों पर बिछाया जाल
रेवेन्यू डिपार्टमेंट और पुलिस के बाद पंचायत समिति, बिजली कंपनी और नगर पालिकाओं का नंबर है. ACB ने पिछले साल सबसे अधिक 85 कार्रवाई मार्च में की थीं और सबसे अधिक 126 आरोपियों को जून में पकड़ा था. रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्व विभाग पर 40.07 करोड़ रुपए रिश्वत लेने के आरोप हैं. वहीं, पुलिस के मामले में यह 42.41 करोड़ रुपए है. 2021 में ACB ने 755 जगहों पर जाल बिछाकर 1064 कर्मचारियों-अधिकारियों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था.
मुंबई से आगे निकला पुणे
ACB ने पिछले साल यानी 2022 में 8 महत्वपूर्ण मामलों में 86,60,44,761 रुपए की संपत्तियों को फ्रीज किया था. रिश्वतखोरी के सबसे ज्यादा केस पुणे में देखने को मिले. यहां एंटी करप्शन ब्यूरो ने 155 मामले दर्ज किए और 223 लोगों को घूस लेने के आरोप में पकड़ा गया. सबसे कम केस मुंबई रीजन में दर्ज हुए थे. मुंबई रीजन में 42 केस रजिस्टर हुए और 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
बाकी क्षेत्रों का हाल
ठाणे की बात करें, तो यहां 83 केसों में 124 लोगों को गिरफ्तार किया गया. नागपुर में यह संख्या 101, अमरावती में 108, औरंगाबाद में 154 और नांदेड रीजन में 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. रिपोर्ट में बताया गया है कि रिश्वतखोरी के केस दर्ज होने के बाद भी 198 अधिकारियों और कर्मचारियों को अब तक निलंबित नहीं किया गया है. इतना ही नहीं, रिश्वतखोरी में दोषी पाए जाने वाले 19 अधिकारी-कर्मचारी अब भी सेवा में हैं.
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