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महादेव बेटिंग ऐप घोटाला: ED की जांच के घेरे में EaseMyTrip के CEO निशांत पिट्टी, जानें पूरा मामला
EaseMyTrip और उसके CEO निशांत पिट्टी ED की जांच के केंद्र में हैं. हालांकि, कंपनी का दावा है कि वह निर्दोष है और जांच में पूरा सहयोग कर रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
महादेव बेटिंग ऐप घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब ट्रैवल बुकिंग कंपनी ईजी ट्रिप प्लानर्स लिमिटेड (EaseMyTrip) के सीईओ निशांत पिट्टी को जांच के दायरे में लिया है. जांच एजेंसी का आरोप है कि पिट्टी ने कथित तौर पर 25 कंपनियों के शेयरों की कीमतों में हेरफेर करने वाले एक नेटवर्क के साथ मिलीभगत की. चलिए जानते हैं आखिर से पूरा मामला क्या है?
शेल कंपनियों को ट्रांसफर हुए पैसे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, EaseMyTrip की ओर से निश्चय ट्रेडिंग और सिल्वरटॉस शॉपर्स जैसी शेल कंपनियों को फंड ट्रांसफर किया गया. इन कंपनियों का उपयोग कथित रूप से अवैध गतिविधियों के लिए किया गया था. जांच के दौरान ईडी ने पिट्टी के आवास से 7 लाख रुपये की नकदी जब्त की, जिसे घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है.
EaseMyTrip का आरोपों से इनकार
वहीं, EaseMyTrip ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. सीईओ निशांत पिट्टी ने एक बयान में कहा, “मैं स्काई एक्सचेंज या उससे जुड़े किसी व्यक्ति को नहीं जानता. 2017 के बाद इन कंपनियों से कोई लेन-देन नहीं हुआ है. मेरे घर में 8 कमाने वाले सदस्य हैं और हमारा IT रिटर्न 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का है. जब्त की गई नकदी हमारी घोषित संपत्ति का हिस्सा है.”
ईडी ने निशांत पिट्मुटी पर लगाए ये आरोप
ईडी ने अपने सबमिशन में पिट्टी के खिलाफ चार प्रमुख आरोप लगाए हैं:
1. उन्हें स्काई एक्सचेंज जैसे अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के संचालन की जानकारी थी.
2. उनकी कंपनी ने ऐसी शेल कंपनियों को भुगतान किया जो महादेव ऐप से जुड़ी थीं.
3. पिट्टी के आवास से 7 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई.
4. वह ऑपरेटर नेटवर्क के संपर्क में थे.
हालांकि, ये आरोप फिलहाल कोर्ट में साबित नहीं हुए हैं और इन पर न्यायिक प्रक्रिया के तहत सुनवाई जारी है.
क्या है महादेव बेटिंग ऐप घोटाला?
महादेव ऐप घोटाला एक बड़े पैमाने का अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाला है, जिसकी अनुमानित राशि 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है. इसमें क्रिकेट, कैसीनो और अन्य खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था. हवाला और शेल कंपनियों के माध्यम से इस पैसे को सफेद किया जाता था. इस नेटवर्क के जरिए देशभर में एजेंट्स को फ्रेंचाइजी दी जाती थी, जो यूजर्स को जोड़ते थे. कमाई को दुबई भेजा जाता और वहीं से भारतीय शेयर बाजार में निवेश किया जाता था.
EaseMyTrip के शेयरों पर असर
ईडी की जांच के बाद EaseMyTrip के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. मंगलवार को खबर लिखे जाने के दौरान इसका शेयर 4.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11.51 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. कंपनी का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर ₹23.12 और न्यूनतम ₹10.80 रहा है.
ईडी की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में गुरुग्राम स्थित EaseMyTrip के कार्यालय समेत 50 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की. ये छापे निशांत पिट्टी और महादेव ऐप से कथित संबंधों की जांच के तहत किए गए. हालांकि, कंपनी ने एक बार फिर दोहराया है कि उसका महादेव ऐप या किसी भी प्रकार के सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है.
बता दें, ईडी ने अब तक महादेव घोटाले से जुड़े 2,295 करोड़ रुपये की संपत्तियों और बैंक खातों को फ्रीज किया है. इस घोटाले का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर 2023 में दुबई से गिरफ्तार किया गया था.
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