होम / कोर्ट कचहरी / Pune: 'बंधे हाथों' का हवाला देकर हाई कोर्ट ने नाबालिग को कर दिया जमानत पर रिहा!
Pune: 'बंधे हाथों' का हवाला देकर हाई कोर्ट ने नाबालिग को कर दिया जमानत पर रिहा!
अपनी तेज रफ्तार लग्जरी कार से दो युवाओं को मौत की नींद सुनाने वाले नाबालिग आरोपी को हाई कोर्ट से बेल मिल गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
पुणे पोर्श कार हादसा (Pune Porsche Accident) में बॉम्बे हाई कोर्ट से पीड़ित परिवारों को बड़ा झटका लगा है. अदालत ने तेज रफ़्तार कार से दो युवाओं की जान लेने वाले नाबालिग आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है. अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी नाबालिग को निगरानी गृह से रिहा किया जाए. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दो जजों की बेंच ने कहा कि हादसा गंभीर था मगर हमारे हाथ बंधे हुए हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि 2 लोगों की जान चली गई. यह बहुत ही दर्दनाक हादसा था ही, लेकिन बच्चा भी मेंटल ट्रॉमा में था. उसे कुछ समय दीजिए.
पीड़ित परिवारों की उम्मीद टूटी
पुणे के कल्याणी नगर में 19 मई को शहर के नामी बिल्डर के नाबालिग बेटे ने अपनी तेज रफ्तार कार से मध्य प्रदेश के 2 आईटी पेशेवरों को मौत के घाट उतार दिया था. नाबालिग कार कथित तौर पर नशे में चला रहा था. किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य एलएन दानवाड़े ने सड़क सुरक्षा पर 300 शब्दों का निबंध लिखने लिखने की शर्त के साथ आरोपी को जमानत दे दी गई, जिसे लेकर काफी बवाल मचा. लोगों के भारी दबाव के चलते पुलिस को भी इस मामले में सख्त एक्शन लेना पड़ा. पीड़ित परिवारों को उम्मीद जगी थी कि उन्हें न्याय मिलेगा. हालांकि, अब हाई कोर्ट के फैसले से उनकी उम्मीदें बिखर गई हैं.
ये भी पढ़ें - Pune के रईस बिल्डर की मदद का जिन नेताओं पर लगा आरोप, वो खुद कितने हैं रईस?
अदालत ने कोर्ट से पूछा सवाल
अदालत ने कहा था कि नाबालिग आरोपी को पहले जमानत देना और फिर उसे हिरासत में ले लेना एवं सुधार गृह में रखना क्या कैद के समान नहीं है? जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने कहा कि इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि दुर्घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी. 2 लोगों की जान चली गई, यह बहुत दर्दनाक हादसा था, लेकिन बच्चा भी मेंटल ट्रॉमा में था. उसे कुछ समय दिया जाना चाहिए. कोर्ट ने पुणे पुलिस से यह भी पूछा कि कानून के किस प्रावधान के तहत नाबालिग आरोपी को जमानत देने के आदेश में संशोधन किया गया?
बिल्डर पिता को भी जमानत
नाबालिग आरोपी के बिल्डर पिता विशाल अग्रवाल को भी जमानत चुकी है. हालांकि, उसे फिलहाल जेल में ही रहेगा क्योंकि वह घटना से संबंधित अन्य मामलों में भी आरोपी है. अग्रवाल पर अल्कोहल टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल में हेरफेर करने और दुर्घटना का दोष लेने के लिए अपने ड्राइवर पर दबाव डालने का भी आरोप है. हाई कोर्ट ने नाबालिग आरोपी के साथ-साथ पांच अन्य आरोपियों को भी जमानत दे दी है. इनमें 2 बार के मालिक और प्रबंधक भी शामिल हैं, जिन्हें नाबालिग को शराब परोसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
टैग्स