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HC का सख्त आदेश: ई-कॉमर्स पर नहीं बिकेंगे जियो और रिलायंस के नकली प्रोडक्ट्स
दिल्ली हाई कोर्ट का यह फैसला उपभोक्ताओं के हितों और ब्रांड की प्रतिष्ठा की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
दिल्ली हाई कोर्ट ने अमेजन, फ्लिपकार्ट और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को बड़ा झटका देते हुए रिलायंस (Reliance) और जियो (Jio) ब्रांड के फर्जी प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ी अनुमति के बिना कोई भी प्रोडक्ट बेचा या प्रचारित नहीं किया जा सकता. आइए जानते हैं आखिर ये पूरा मामला क्या है?
नकली उत्पादों से ग्राहक भ्रमित
यह मामला रिलायंस इंडस्ट्रीज की याचिका पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कई विक्रेता रिलायंस और जियो के नाम और लोगो का दुरुपयोग कर रहे हैं. ये विक्रेता एफएमसीजी प्रोडक्ट जैसे कि नमक, पोहा आदि को रिलायंस और जियो के ब्रांड नाम से बेच रहे थे, जबकि वास्तव में उनका इन कंपनियों से कोई लेना-देना नहीं था.
न्यायालय का सख्त रुख: 'ग्राहकों के विश्वास से खिलवाड़'
न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने अपने आदेश में कहा कि उपभोक्ता ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर प्रोडक्ट्स की पहचान के लिए ब्रांड और कंपनी के नाम पर भरोसा करते हैं. ऐसे में अगर कोई विक्रेता जानबूझकर मिलते-जुलते नामों और लोगो का इस्तेमाल करता है, तो यह ग्राहकों के हितों और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है.
विज्ञापन और निर्माण पर भी रोक
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि न केवल बिक्री, बल्कि रिलायंस और जियो ट्रेडमार्क का उल्लंघन करने वाले सभी उत्पादों के निर्माण और उनके विज्ञापनों पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए. इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में उपभोक्ताओं को धोखे में न डाला जा सके.
रिलायंस का आरोप
रिलायंस की ओर से अदालत में दायर याचिका में कहा गया था कि बिना किसी आधिकारिक अनुमति के उनके ट्रेडमार्क का उपयोग न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि यह उपभोक्ताओं और व्यापार जगत को भी भ्रमित करता है. कंपनी ने इसे ब्रांड की प्रतिष्ठा को नुक़सान पहुँचाने वाला गंभीर कृत्य बताया.
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