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गणेश ज्वेलरी केस: 2700 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी में ED की बड़ी कार्रवाई, 3 राज्यों में छापेमारी
कोलकाता, हैदराबाद और अहमदाबाद में एकसाथ हुई इस कार्रवाई ने न केवल बड़े पैमाने पर बैंक जालसाजी के नेटवर्क को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि ये घोटाले अक्सर अन्य राजनीतिक या प्रशासनिक मामलों से भी जुड़े होते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago
प्रवर्तन निदेशालय (ED ने 2700 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी से जुड़े गणेश ज्वेलरी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता, हैदराबाद और अहमदाबाद में 12 स्थानों पर एकसाथ छापेमारी की. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ईडी पश्चिम बंगाल में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच कर रही है, जिनमें राजनीतिक हस्तियों के नाम भी सामने आ रहे हैं. इस छापेमारी ने न केवल इस धोखाधड़ी के दायरे को उजागर किया है, बल्कि इससे जुड़े संभावित राजनीतिक संबंधों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
कोलकाता में सबसे ज्यादा 10 जगहों पर छापे
ईडी अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत सबसे ज्यादा 10 स्थानों पर तलाशी कोलकाता में ली गई. वहीं हैदराबाद और अहमदाबाद में एक-एक ठिकाने पर छापा मारा गया. यह जांच कथित बैंक लोन फ्रॉड के सिलसिले में की जा रही है, जिसमें गणेश ज्वेलरी पर बैंकों को भारी चूना लगाने का आरोप है.
दो अन्य मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की भी जांच जारी
इस छापेमारी के समानांतर ईडी पश्चिम बंगाल में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े दो अन्य मामलों की भी जांच कर रही है. इनमें से एक मामला नगर पालिकाओं में कथित रूप से पैसे लेकर नौकरियां देने के घोटाले से जुड़ा है, जबकि दूसरा बैंक लोन धोखाधड़ी से संबंधित है.
छापेमारी के दौरान राज्य के अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस का साल्ट लेक स्थित कार्यालय भी ईडी की जांच के दायरे में आया. इसके अलावा दक्षिण कोलकाता के न्यू अलीपुर, शरत बोस रोड और उत्तर कोलकाता के नागेरबाजार जैसे इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया गया. न्यू अलीपुर में कलकत्ता हाईकोर्ट के एक वकील के आवास पर भी ईडी ने छापा मारा. तलाशी के दौरान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान सुरक्षा के लिए मौजूद रहे.
पहले भी हो चुकी है सुजीत बोस पर कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब सुजीत बोस ईडी की जांच के घेरे में आए हैं. जनवरी 2024 में भी ईडी ने उनके आवास और कार्यालय पर एक साथ छापा मारा था. उस दौरान उनका मोबाइल फोन और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे. यह कार्रवाई नगर पालिका नौकरी घोटाले से जुड़ी थी.
सीबीआई भी कर रही समानांतर जांच
ईडी के साथ-साथ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भी नगर पालिका नौकरी घोटाले की जांच कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई इस मामले में जल्द ही एक नया आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी में है.
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