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ED ने ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में Meta-Google को दोबारा समन, 28 जुलाई को पेशी
ऑनलाइन सट्टेबाजी की आड़ में हो रही कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच अब टेक दिग्गजों तक पहुंच चुकी है. मेटा और गूगल जैसी कंपनियों की भूमिका को लेकर सवाल गंभीर हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कड़ा रुख अपनाया है. सोमवार को मेटा और गूगल के अधिकारियों को पेश होना था, लेकिन दोनों कंपनियों के प्रतिनिधि ईडी दफ्तर नहीं पहुंचे. इसके बाद ईडी ने अब इन्हें 28 जुलाई, 2025 को दोबारा तलब किया है. इस बार उनसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ हाजिर होने को कहा गया है. आइए जानते हैं आखिर ये पूरा मामला क्या है?
निशाने पर टेक दिग्गज
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम) और गूगल पर आरोप है कि उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म्स पर सट्टेबाजी से जुड़े ऐप्स और वेबसाइट्स को विज्ञापन देने की अनुमति दी. यही वजह है कि दोनों टेक कंपनियां ईडी के रडार पर आ गई हैं. बताया गया है कि इन विज्ञापनों से भारी मात्रा में राजस्व भी अर्जित किया गया है.
पहले भी दी गई थी चेतावनी
सरकार की ओर से पहले ही ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े विज्ञापनों को लेकर एडवाइजरी जारी की जा चुकी है. लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, मेटा और गूगल ने उस एडवाइजरी को नजरअंदाज किया और सट्टेबाजी का प्रचार जारी रखा. अब ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि इन कंपनियों ने ऐसे विज्ञापनों से कितनी कमाई की और क्या इनकी भूमिका मनी लॉन्ड्रिंग में भी रही है.
28 जुलाई को कई परतों से पर्दा उठने की उम्मीद
अब सबकी नजर 28 जुलाई पर टिकी है, जब दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों को ईडी के सामने पेश होना है. संभावना है कि उसी दिन मेटा और गूगल पहली बार इस मामले में आधिकारिक रूप से अपना पक्ष रखेंगे. फिलहाल इस मामले में दोनों कंपनियों की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है.
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