होम / कोर्ट कचहरी / 1991 के आर्थिक सुधारों ने GC की भूमिका को और बढ़ा दिया है: जस्टिस ए के सीकरी

1991 के आर्थिक सुधारों ने GC की भूमिका को और बढ़ा दिया है: जस्टिस ए के सीकरी

जस्टिस सीकरी ने कहा कि हमारे देश में 1991 में जो सुधार हुए उसके कारण बाजार पूरी तरह से खुल गया और उसने GC की भूमिका और अहम बना दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

BW Legal के The GC CONCLAVE 2023 को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस ए.के.सीकरी के कई अहम बातें कहीं. उन्‍होंने कहा कि 1991 में हुए सुधारों ने काफी बड़े बदलाव किए और जीसी (जनरल काउंसिल) की भूमिका को और बढ़ा दिया है.उन्‍होंने कहा कि मुझे पहले जीसी (जनरल काउंसिल) के बारे में पहले ज्‍यादा पता नहीं था. मुझे नहीं पता था कि आखिर जनरल काउंसिल करते क्‍या हैं. उन्‍होंने कहा कि जब 1999 में जब मैंने ज्‍यूडरी ज्‍वॉइन की तब ये टर्म इतना चर्चा में नहीं था. मैं ये कह सकता हूं कि उस वक्‍त ये था नहीं. मैं ये समझता था कि ये किसी तरह के लीगल ऑफिसर होते होंगे जो किसी तरह के किसी केस में कंपनी को लीगल एडवाइस देते होंगें या उनकी मदद करते होंगे.

 इस प्रोफेशन को मैंने तब ठीक से जाना जब मैं आर्बिट्रेशन और सुप्रीम कोर्ट में आया. मैं देख सकता हूं कि उनकी कितनी महत्‍वपूर्ण भूमिका होती है, सिर्फ पीछे बैठकर केस को सुनना ही नहीं बल्कि पूरे केस मैनेजमेंट को समझने से लेकर उस केस के साथ काम करने को लेकर जुड़ा हुआ है. खुद डॉक्‍टर अनुराग बत्रा ने उनके महत्‍वपूर्ण योगदान को लेकर जितनी बातें कहीं हैं वो भी अहम हैं. उन्‍होंने बिजनेस वर्ल्‍ड लीगल फोरम को ऐसा इवेंट आयोजित करने के लिए बधाई भी दी. ये सिर्फ इतनी सी बात नहीं है बल्कि ये इस प्रोफेशन से जुड़े लोगों की डिग्‍निटी और सम्‍मान का मामला है. 

कितना अहम है जीसी का किसी कंपनी में रोल 
जस्टिस सीकरी ने कहा कि हमारी अर्थव्‍यवस्‍था के पूरी तरह से खुलने के बाद आज इस सेक्‍टर से जुड़ा बिजनेस पूरी तरह से बदल गया है. इससे लिटिगेशन का पूरा नजारा ही बदल गया है. ये सबकुछ 1991 में हुआ जब डॉ. नरसिम्‍हा राव पीएम हुआ करते थे और मनमोहन सिंह उनके वित्‍त मंत्री हुआ करते थे. उसके बाद से पिछले 32 सालों में हमने भारत की प्रोगेस देखी है. ये पीएम जवाहर लाल नेहरू ने किया जब उन्‍हें लगा कि कुछ उद्योगों के लिए पब्लिक सेक्‍टर की बहुत जरूरत है. वहीं अगर आप हमारे देश में 1970 का समय देखें जब बैंकों का नेशनलाइजेशन हुआ था. उस वक्‍त हुआ ये कि सबकुछ सरकार के नियंत्रण में चला गया था. उस वक्‍त सरकार ने प्राइवेट सेक्‍टर को भी अपने हाथ में ले लिया था उसे लगता था कि वो इसे और बेहतर तरीके से कर सकती है. उसके बाद हमने लाइसेंस राज और दूसरी चीजों को देखा था.

आर्थिक सुधारों ने बदल दी तस्‍वीर 

जस्टिस सीकरी ने नरसिम्‍हा राव सरकार में उठाए गए आर्थिक सुधार के कदमों की तारीफ करते हुए कहा कि 1991 के बाद ये सबकुछ बदल गया था. आज पूरी दुनिया का बाजार खुल चुका है. लेकिन आज सभी के लिए रेग्‍यूलेटर बन चुका है, अगर आप टेलीकॉम की बात करें तो वहां ट्राई काम कर रहा है. अगर आप इंश्‍योरेंस की बात करें तो वहां आईआरडीए काम कर रहा है. बैंकिंग और एविएशन सभी के लिए रेग्‍यूलेटर बन चुका है.  इस तरह के वातावरण ने जनरल काउंसिल को और महत्‍वपूर्ण बना दिया है. ऐसे में जरूरत है कि उनके रोल को पहचाना जाए. 

आज जनरल काउंसिल का क्‍या महत्‍व है
इस बात की शुरुआत मैं आर्बिट्रेशन की चर्चा से करना चाहूंगा कि जिस तरह से डॉ. बत्रा ने कहा कि हमारे देश में 50 मिलियन केस पेंडिंग हैं. ये कोविड के वक्‍त कोई 30 मिलियन तक था. 2 साल के अंदर ये 60 प्रतिशत तक बढ़ चुके है. ऐसे में आर्बिट्रेशन की भूमिका सबसे अहम हो गई है. जब मीडियेशन अमेरिका में आया था उस वक्‍त वहां भी बहुत केस हुआ करते थे. लेकिन आज उनका 95 प्रतिशत तक केस लोड हो चुका हैं. खुद मैंने इसे लेकर कई आर्टिकल लिखे हैं जिसमें मैने बताया है कि आबिट्रेशन न्‍याय का एक बेहतर तरीका है.

 लेकिन मीडिएशन के जरिए काफी हद मामलों को आसानी से सुलझाया जा सके. लगभग 85 प्रतिशत केस मीडिएशन से सुलझ गए थे ये मैंने खुद देखा. लेकिन जो नहीं सुलझे उनके अपने कई तरह के कारण थे. लेकिन अच्‍छी बात ये है कि जिस तरह से बदलाव आया वो दिलचस्‍प है. मेडा के कई उदाहरण हैं. इस पूरी प्रोसेस में जनरल काउंसिल अहम भूमिका निभाते हैं.  


टैग्स
सम्बंधित खबरें

होमबायर्स फ्रॉड केस में CBI का बड़ा एक्शन, MKHS Housing और Indiabulls पर 18वीं चार्जशीट दाखिल

राजरहाट हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े कथित फर्जीवाड़े में कार्रवाई, बिल्डर और वित्तीय संस्थाओं के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप; 31 अन्य मामलों की जांच जारी

25-August-2026

ED ने इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल जितेश गुप्ता को किया गिरफ्तार, बेस्ट फूड्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई

ED का आरोप है कि जितेश गुप्ता ने फर्जी दावों को दोबारा स्वीकार कर CoC की संरचना बदली और दिनेश गुप्ता से जुड़ी इकाई के रिजॉल्यूशन प्लान को आगे बढ़ाने में मदद की.

13-August-2026

नेटफ्लिक्स स्टार का पतन: कोर्ट ने सतीश सनपाल की IPL सट्टेबाजी FIR खत्म कराने की कोशिश को किया खारिज

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दुबई के अरबपति की "बच निकलने की रणनीति" को ध्वस्त कर दिया है, जिसे BW Businessworld की उन स्टोरीज ने व्यवस्थित रूप से उजागर किया था, जिनके बाद UAE में उनकी संपत्तियां फ्रीज होने की खबरें सामने आईं.

13-August-2026

डिजिटल अरेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन! RBI को 4 हफ्ते में SOP बनाने का आदेश

अदालत ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को साइबर ठगी की शिकायतों के त्वरित निपटारे और पीड़ितों की रकम वापस दिलाने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है.

05-August-2026

महादेव बेटिंग ऐप केस: स्काईएक्सचेंज की कमाई से हुई थी Ebix डील? ED का बड़ा दावा

जांच एजेंसी का कहना है कि अवैध धन को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट और अन्य विदेशी निवेश माध्यमों के जरिए भारत में लाया गया.

16-July-2026


बड़ी खबरें

सीमेंट कंपनियों की नई रणनीति, कीमत बढ़ाने के बजाय लागत घटाकर मुनाफा बढ़ाने पर जोर: रिपोर्ट

मजबूत मांग के बीच UltraTech, Ambuja Cement और JSW Cement का फोकस लागत घटाने, क्षमता बढ़ाने और प्रीमियम उत्पादों की बिक्री पर; आने वाले वर्षों में 7-8% सालाना बढ़ सकती है सीमेंट की मांग

1 hour ago

T-72 और T-90 टैंकों के लिए ₹586 करोड़ का करार, रक्षा मंत्रालय खरीदेगा स्वदेशी APUs

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन APUs को Make-II फ्रेमवर्क के तहत देश में ही विकसित किया गया है. Make-II के तहत उद्योगों की अगुवाई में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाता है.

4 hours ago

बैंक हड़ताल पर सरकार की अपील, 28 सितंबर से प्रस्तावित स्ट्राइक वापस लेने को कहा

5 दिन तक प्रभावित हो सकती हैं बैंकिंग सेवाएं, हाफ इयरली क्लोजिंग के बीच हड़ताल से बढ़ सकती है परेशानी

2 hours ago

जिंदल इंडिया ने अमित खन्ना को बनाया चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर

जिंदल इंडिया में खन्ना स्टील और एल्युमीनियम कारोबार से जुड़े मानव संसाधन संबंधी मामलों की जिम्मेदारी संभालेंगे.

3 hours ago

टाटा संस की लिस्टिंग के समर्थन में उतरे शापूर मिस्त्री, टाटा ट्रस्ट्स से मांगा सहयोग

शापूरजी पलोनजी (SP) ग्रुप के पास टाटा संस की 18.37 फीसदी हिस्सेदारी है. समूह लंबे समय से इस हिस्सेदारी में अधिक तरलता चाहता है, क्योंकि उसकी होल्डिंग और ऑपरेटिंग कंपनियों पर बड़ी मात्रा में कर्ज है.

4 hours ago